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बार-बार नशा और पशु तस्करी में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगाएं पीएसए: डीजीपी जम्मू-कश्मीर
Tue, 17 Dec 2019 01:27 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 17 Dec 2019 01:27 AM IST
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डीजीपी दिलबाग सिंह
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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पशु तस्करों और नशा तस्करों पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया है। डीजीपी दिलबाग सिंह ने जिले के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उन तस्करों की सूची तैयार करें, जो बार-बार नशा तस्कर और पशु तस्करों के मामलों में शामिल हैं।
ऐसा करने वालों के खिलाफ मजबूत केस बनाएं और इन पर पीएसए लगाने की सिफारिश करें। सोमवार को पुलिस महकमे में दर्ज मामलों को लेकर डीजीपी ने पुलिस मुख्यालय में तमाम पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एडीजी से लेकर सभी जिलों के एसएसपी और डीआईजी वीडियो कांफ्रेंस के साथ जुड़े।
डीजीपी ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आतंकवाद से लड़ाई तो चल ही रही है, लेकिन अन्य अपराधों पर भी कड़ी नजर रखने की जरूरत है। सोशल क्राइम, पशु तस्करी और नशा तस्करी के मामलों को देखें और केस रजिस्टर करें। इन मामलों की गंभीरता से से जांच करें, ताकि आरोपियों को सजा मिल सके।
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एसएसपी स्तर के अधिकारियों से कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र में व्यक्तिगत रूप से बार-बार पशु तस्करी और नशा तस्करी में शामिल आरोपियों की पहचान करें। इनके बाद खिलाफ मजबूत केस बनाएं। ऐसे मामलों में चालान भी फास्ट ट्रैक होना चाहिए।
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ऐसा करने वालों के खिलाफ मजबूत केस बनाएं और इन पर पीएसए लगाने की सिफारिश करें। सोमवार को पुलिस महकमे में दर्ज मामलों को लेकर डीजीपी ने पुलिस मुख्यालय में तमाम पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एडीजी से लेकर सभी जिलों के एसएसपी और डीआईजी वीडियो कांफ्रेंस के साथ जुड़े।
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डीजीपी ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आतंकवाद से लड़ाई तो चल ही रही है, लेकिन अन्य अपराधों पर भी कड़ी नजर रखने की जरूरत है। सोशल क्राइम, पशु तस्करी और नशा तस्करी के मामलों को देखें और केस रजिस्टर करें। इन मामलों की गंभीरता से से जांच करें, ताकि आरोपियों को सजा मिल सके।
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एसएसपी स्तर के अधिकारियों से कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र में व्यक्तिगत रूप से बार-बार पशु तस्करी और नशा तस्करी में शामिल आरोपियों की पहचान करें। इनके बाद खिलाफ मजबूत केस बनाएं। ऐसे मामलों में चालान भी फास्ट ट्रैक होना चाहिए।
शहीदों के परिवारों की देखरेख को हर जिले में नोडल अफसर
डीजीपी ने कहा कि पुलिस के शहीद जवानों के परिवार की हमारी जिम्मेदारी है। ऐसे परिवारों से लगातार संपर्क रखें। उनसे बात करें। पूछें कि उनकी क्या तकलीफ है। उनकी हर तकलीफ को दूर करने के लिए अपने उच्च अधिकारियों तक बात पहुंचाए। रिटायर हो चुके पुलिसकर्मियों की वेलफेयर पर भी जोर दिया गया। इन दोनों कार्यों के लिए हर एक जिले में पुलिस एक नोडल अफसर तैनात करेगी। जो शहीद जवानों के परिवारों की वेलफेयर को देखेंगे। अधिकारियों को रिटायर पुलिस कर्मियों के लिए लगातार सेमिनार और सम्मेलन करने के लिए भी कहा, जहां उनकी समस्याएं सुनी जाएं।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस के शहीद जवानों के परिवार की हमारी जिम्मेदारी है। ऐसे परिवारों से लगातार संपर्क रखें। उनसे बात करें। पूछें कि उनकी क्या तकलीफ है। उनकी हर तकलीफ को दूर करने के लिए अपने उच्च अधिकारियों तक बात पहुंचाए। रिटायर हो चुके पुलिसकर्मियों की वेलफेयर पर भी जोर दिया गया। इन दोनों कार्यों के लिए हर एक जिले में पुलिस एक नोडल अफसर तैनात करेगी। जो शहीद जवानों के परिवारों की वेलफेयर को देखेंगे। अधिकारियों को रिटायर पुलिस कर्मियों के लिए लगातार सेमिनार और सम्मेलन करने के लिए भी कहा, जहां उनकी समस्याएं सुनी जाएं।