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बिजली-पानी की किल्लत पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
ब्यूरो/अमर उजाला, रामगढ़
Updated Fri, 11 Jul 2014 02:27 PM IST
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मानसून देर से आने के चलते कई इलाकों में पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। बिजली की कमी और भूजल स्तर नीचे जाने से पंपसेट काम नहीं कर रहे हैं। रामगढ़ क्षेत्र के गांव नंगा, बरौटा, रंगूर जैसे दर्जनों गांव इस समय जबरदस्त बिजली-पानी के संकट से जूझ रहे हैं। सीमावर्ती कसबा रामगढ़ के मुख्य चौक पर पीडीपी नेता यशपाल शर्मा के साथ सैंकड़ों ग्रामीणों ने बिजली-पानी की किल्लत पर विरोध प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इन सीमावर्ती गांवों को वैसे तो हर साल बिजली-पानी के संकट से जूझना पड़ता है, लेकिन इस बार पहले के मुकाबले संकट ज्यादा गहरा गया है। इसके चलते खेतीबाड़ी प्रभावित हो रही है। उन्होंने धान लगाने का समय बीता जा रहा है, जबकि भूजल स्तर नीचे जाने से किसानों के पंपसेट जवाब दे चुके हैं। इसका असर क्षेत्र के कारोबार पर भी पड़ा है।
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गौरतलब है कि बिजली विभाग ने पिछले दिनों 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर भी लगाया था, लेकिन बिजली की समस्या पहले से भी ज्यादा बढ़ चुकी है। हालत यह है कि अब रोज ही कहीं न कहीं बिजली-पानी के लिए लोग प्रदर्शन करने को मजबूर हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए कहा कि कसबा समेत इससे सटे गांवों में पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। पेजयजल आपूर्ति न होने से लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं, लेकिन विभाग लोगों को न तो पेयजल आपूर्ति कर रहा है और न ही पानी के टैंकर ही भेज रहा है।
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सांबा जिला में अघोषित बिजली कटौती से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। लोगों ने जिला प्रशासन से बिजली कटौती को कम करने की मांग की है। रघुवीर सिंह, शाम सिंह, राज कुमार, हरबंस लाल आदि ने बताया कि आजकल कभी-कभी पूरा दिन बिजली नहीं आती है। भीषण गर्मी में लोगों को इससे भयंकर परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले ग्रिड से बिजली कटौती होती है, बाद में शेड्यूल मुताबिक विभाग बिजली की कटौती करता है।
इसके चलते उन्हें बिजली मिल ही नहीं रही है। उनके अनुसार कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। कसबे के लोगों ने आरोप लगाया है कि कारखानों में चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ती की जा रही है, जबकि आम लोगों को आठ घंटे की बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से कसबे में बिजली की अघोषित कटौती को बंद करवाने की मांग की है।