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महाराजा हरि सिंह की जयंती पर घोषित हो अवकाश
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जम्मू। तवी पुल स्थित महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा के पास रविवार को युवा राजपूत सभा की बैठक राजन सिंह हैप्पी की अध्यक्षता में हुई। इसमें जम्मू की सभी बिरादरियों और सभाओं के अध्यक्षों ने हिस्सा लेकर एक सुर में महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश घोषित करने की मांग उठाई है। वहीं, इस संबंध में विचार-विमर्श कर रणनीति को अंतिम रूप दिया है।
युवा राजपूत सभा के अध्यक्ष राजन सिंह हैप्पी ने बताया कि कई बार प्रदेश सरकार से महाराजा की जयंती पर 23 सितंबर को सरकारी अवकाश घोषित करने की मांग उठाई गई, लेकिन आजतक कोई कदम नहीं उठाया है। इस बात जम्मू-कश्मीर के तमाम लोग नाराज हैं। 10 दिसंबर तक सरकार छुटटी घोषित नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी भी दी।
जाट सभा के अध्यक्ष मनमोहन चौधरी ने बताया कि युवा राजपूत सभा लंबे समय छुटटी के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन सरकार का रवैया अलग है। इससे लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं। 23 सितंबर को महाराजा की जयंती पर सरकारी अवकाश के साथ ही जम्मू एयर पोर्ट का नाम भी उनके नाम पर ही करने की अपील की है। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्टरीज के प्रधान अरुण गुप्ता ने बताया कि महाराजा ने जम्मू-कश्मीर में स्कूल और कॉलेज शुरू कॉलेज शिक्षा का विकास किया है। वो मनुष्यता से संबध रखते थे। जाति धर्म से उनका कोई मतलब नहीं था। सरकार को अवकाश के बारे में ध्यान देना होगा। डोगरा सदर सभा के अध्यक्ष गुलचैन सिंह चाढ़क ने बताया कि हरि सिंह जैसे न्यायिक महाराजा का कोई सामना नहीं कर सकता है। उनकी जयंती पर अवकाश घोषित होेने से उनकी आत्मा को शांति मिल सकती है। जम्मू-कश्मीर के बिगड़े हालातों में सुधार होगा। मौके पर टीम जम्मू के अध्यक्ष जनरल जोरावर सिंह, पथ परिवहन के उपाध्यक्ष मोहिंद्र सिंह खालसा, महाशा सदर सभा के अध्यक्ष कलीदास आदि मौजूद रहे।
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युवा राजपूत सभा के अध्यक्ष राजन सिंह हैप्पी ने बताया कि कई बार प्रदेश सरकार से महाराजा की जयंती पर 23 सितंबर को सरकारी अवकाश घोषित करने की मांग उठाई गई, लेकिन आजतक कोई कदम नहीं उठाया है। इस बात जम्मू-कश्मीर के तमाम लोग नाराज हैं। 10 दिसंबर तक सरकार छुटटी घोषित नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी भी दी।
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जाट सभा के अध्यक्ष मनमोहन चौधरी ने बताया कि युवा राजपूत सभा लंबे समय छुटटी के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन सरकार का रवैया अलग है। इससे लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं। 23 सितंबर को महाराजा की जयंती पर सरकारी अवकाश के साथ ही जम्मू एयर पोर्ट का नाम भी उनके नाम पर ही करने की अपील की है। चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्टरीज के प्रधान अरुण गुप्ता ने बताया कि महाराजा ने जम्मू-कश्मीर में स्कूल और कॉलेज शुरू कॉलेज शिक्षा का विकास किया है। वो मनुष्यता से संबध रखते थे। जाति धर्म से उनका कोई मतलब नहीं था। सरकार को अवकाश के बारे में ध्यान देना होगा। डोगरा सदर सभा के अध्यक्ष गुलचैन सिंह चाढ़क ने बताया कि हरि सिंह जैसे न्यायिक महाराजा का कोई सामना नहीं कर सकता है। उनकी जयंती पर अवकाश घोषित होेने से उनकी आत्मा को शांति मिल सकती है। जम्मू-कश्मीर के बिगड़े हालातों में सुधार होगा। मौके पर टीम जम्मू के अध्यक्ष जनरल जोरावर सिंह, पथ परिवहन के उपाध्यक्ष मोहिंद्र सिंह खालसा, महाशा सदर सभा के अध्यक्ष कलीदास आदि मौजूद रहे।
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