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75 साल पुरानी आयुष डिस्पेंसरी शिफ्ट करने पर प्रदर्शन
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जम्मू। ऐतिहासिक मुबारक मंडी से सटे गदाधर मंदिर की जगह से 75 साल पुरानी आयुष डिस्पेंसरी को अचानक शिफ्ट कर देने से क्षेत्रवासियों में जबरदस्त रोष है। इसके विरोध में वीरवार को क्षेत्रवासियों ने बंद पड़ी डिस्पेंसरी के बाहर आयुष निदेशालय के खिलाफ प्रदर्शन किया।
आयुष निदेशालय की इस कार्रवाई से वार्ड 1, 2 और 3 वार्ड के लोग लामबंद हो गए हैं। उनका कहना है कि आयुष डिस्पेंसरी को शिफ्ट करने के लिए विभाग ने क्षेत्रवासियों को विश्वास में नहीं लिया। डिस्पेंसरी से विभिन्न वार्डों के लोगों को लाभ मिल रहा था। खासतौर पर बुजुर्गों को काफी फायदा था। इसके शिफ्ट होने से क्षेत्र के लोग आयुर्वेदिक चिकित्सा से वंचित हो गए हैं। उन्होंने क्षेत्र में आयुष डिस्पेंसरी को जल्द बहाल करने की मांग की है।
स्थानीय निवासी सुरेश कुमार शर्मा ने बताया कि जब से उन्होंने होश संभाला है, तब से इस डिस्पेंसरी का लाभ ले रहे थे। बुजुर्गों के लिए बड़ा सहारा थी। हम नियमित रूप से यहां ब्लड प्रेशर की जांच करवाने आते थे। अब दूसरी जगह पर आयुर्वेदिक चिकित्सा लेनी पड़ेगी। सुरेश शर्मा ने कहा कि डिस्पेंसरी पर मुबारमंडी, जैन बाजार, चौक चबूतरा, पक्का डंगा, पंजतीर्थी, खिलौनी वाली गली, अफगान मोहल्ला, जुल्लाका मोहल्ला, पक्की ढकी आदि मोहल्लों के लोग निर्भर थे।
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विभाग ने अचानक डिस्पेंसरी को शिफ्ट करके हजारों लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा से महरूम कर दिया है। क्षेत्र में एलोपैथी डिस्पेंसरी है। लेकिन आयुष डिस्पेंसरी भी होनी चाहिए।
क्षेत्रवासी वेद प्रकाश पाधा, जयदेव सिंह जम्वाल, रोमेश चंद शर्मा ने कहा कि डिस्पेंसरी में निशुल्क दवाएं उपलब्ध होती थीं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर आयुर्वेदिक चिकित्सा मिल जाती थी। यहां डाक्टर के अलावा अन्य स्टाफ बैठता था, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य जांच के लिए आते थे। क्षेत्रवासी राजेश शर्मा, मदन लाल शर्मा, देसराज शास्त्री, तिलक राज शर्मा ने कहा कि मुबारक मंडी में रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही होती है। यहां सैर सहित अन्य कार्यों के लिए लोग पहुंचते हैं। उन्हें भी डिस्पेंसरी का लाभ मिल रहा था।
मंदिर के समय बनाई जा सकती है डिस्पेंसरी
स्थानीय निवासी केके शर्मा ने बताया कि मुबारमंडी से सटे मंदिर के सामने खाली पड़ी जगह पर नई डिस्पेंसरी का निर्माण करवाया जा सकता है। आयुष निदेशालय इसके लिए प्रोजेक्ट बनाकर काम शुरू करवाए। गदाधर मंदिर से सटे बाकी कमरे हैं, लेकिन डिस्पेंसरी को ही क्यों हटाया गया है।
लोग अपनी दुकान देने को तैयार
स्थानीय निवासी अनिरुद्ध रैना ने कहा कि आयुष विभाग ने डिस्पेंसरी शिफ्ट करने के दौरान क्षेत्रवासियों से कोई बात नहीं की। अगर ऐसा होता तो वह क्षेत्र में स्थित अपनी दुकान डिस्पेंसरी चलाने के लिए दे देते।
लोग जगह दें, तो बहाल कर देंगे डिस्पेंसरी
आयुष के सहायक जिला मेडिकल ऑफिसर जम्मू डॉ. सुरेश शर्मा का कहना है कि हमने डिस्पेंसरी को शिफ्ट करने से पहले नई जगह की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अगर स्थानीय लोग जगह उपलब्ध करवाते हैं, तो डिस्पेंसरी दोबारा बहाल कर दी जाएगी। धर्मार्थ ट्रस्ट की जगह होने से कानूनी पहलुओं के कारण डिस्पेंसरी को फत्तू चौगान जैन हॉल में शिफ्ट किया गया है।
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आयुष निदेशालय की इस कार्रवाई से वार्ड 1, 2 और 3 वार्ड के लोग लामबंद हो गए हैं। उनका कहना है कि आयुष डिस्पेंसरी को शिफ्ट करने के लिए विभाग ने क्षेत्रवासियों को विश्वास में नहीं लिया। डिस्पेंसरी से विभिन्न वार्डों के लोगों को लाभ मिल रहा था। खासतौर पर बुजुर्गों को काफी फायदा था। इसके शिफ्ट होने से क्षेत्र के लोग आयुर्वेदिक चिकित्सा से वंचित हो गए हैं। उन्होंने क्षेत्र में आयुष डिस्पेंसरी को जल्द बहाल करने की मांग की है।
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स्थानीय निवासी सुरेश कुमार शर्मा ने बताया कि जब से उन्होंने होश संभाला है, तब से इस डिस्पेंसरी का लाभ ले रहे थे। बुजुर्गों के लिए बड़ा सहारा थी। हम नियमित रूप से यहां ब्लड प्रेशर की जांच करवाने आते थे। अब दूसरी जगह पर आयुर्वेदिक चिकित्सा लेनी पड़ेगी। सुरेश शर्मा ने कहा कि डिस्पेंसरी पर मुबारमंडी, जैन बाजार, चौक चबूतरा, पक्का डंगा, पंजतीर्थी, खिलौनी वाली गली, अफगान मोहल्ला, जुल्लाका मोहल्ला, पक्की ढकी आदि मोहल्लों के लोग निर्भर थे।
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विभाग ने अचानक डिस्पेंसरी को शिफ्ट करके हजारों लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा से महरूम कर दिया है। क्षेत्र में एलोपैथी डिस्पेंसरी है। लेकिन आयुष डिस्पेंसरी भी होनी चाहिए।
क्षेत्रवासी वेद प्रकाश पाधा, जयदेव सिंह जम्वाल, रोमेश चंद शर्मा ने कहा कि डिस्पेंसरी में निशुल्क दवाएं उपलब्ध होती थीं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर आयुर्वेदिक चिकित्सा मिल जाती थी। यहां डाक्टर के अलावा अन्य स्टाफ बैठता था, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य जांच के लिए आते थे। क्षेत्रवासी राजेश शर्मा, मदन लाल शर्मा, देसराज शास्त्री, तिलक राज शर्मा ने कहा कि मुबारक मंडी में रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही होती है। यहां सैर सहित अन्य कार्यों के लिए लोग पहुंचते हैं। उन्हें भी डिस्पेंसरी का लाभ मिल रहा था।
मंदिर के समय बनाई जा सकती है डिस्पेंसरी
स्थानीय निवासी केके शर्मा ने बताया कि मुबारमंडी से सटे मंदिर के सामने खाली पड़ी जगह पर नई डिस्पेंसरी का निर्माण करवाया जा सकता है। आयुष निदेशालय इसके लिए प्रोजेक्ट बनाकर काम शुरू करवाए। गदाधर मंदिर से सटे बाकी कमरे हैं, लेकिन डिस्पेंसरी को ही क्यों हटाया गया है।
लोग अपनी दुकान देने को तैयार
स्थानीय निवासी अनिरुद्ध रैना ने कहा कि आयुष विभाग ने डिस्पेंसरी शिफ्ट करने के दौरान क्षेत्रवासियों से कोई बात नहीं की। अगर ऐसा होता तो वह क्षेत्र में स्थित अपनी दुकान डिस्पेंसरी चलाने के लिए दे देते।
लोग जगह दें, तो बहाल कर देंगे डिस्पेंसरी
आयुष के सहायक जिला मेडिकल ऑफिसर जम्मू डॉ. सुरेश शर्मा का कहना है कि हमने डिस्पेंसरी को शिफ्ट करने से पहले नई जगह की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अगर स्थानीय लोग जगह उपलब्ध करवाते हैं, तो डिस्पेंसरी दोबारा बहाल कर दी जाएगी। धर्मार्थ ट्रस्ट की जगह होने से कानूनी पहलुओं के कारण डिस्पेंसरी को फत्तू चौगान जैन हॉल में शिफ्ट किया गया है।