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अस्थायी कर्मियों की पुलिस से धक्का-मुक्की, कई घायल
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जम्मू। मांगों को लेकर 18 दिन से हड़ताल पर डटे जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया। सरकार की अनदेखी से निराश कर्मचारियों ने बीसी रोड स्थित मुख्य अभियंता के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद सचिवालय घेराव का फैसला किया गया। बीसी रोड से सचिवालय तक रैली निकाली गई लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बीसी रोड पर ही रोक लिया और आगे नहीं बढ़ने दिया। इस दौरान कर्मचारियों और पुलिस में धक्का मुक्की हुई, इसमें आधा दर्जन कर्मचारियों को चोटें पहुंची हैं। आखिर कर्मचारियों को वापस लौटना पड़ा। गुस्साए कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और सरकार को कोसा। चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती हड़ताल जारी रहेगी।
बिजली कर्मचारियों ने बर्तन खड़काए
वहीं ऑल डिपार्टमेंट केजुअल लेबर फ्रंट के आह्वान पर जम्मू संभाग में बिजली कारपोरेशन, लोक निर्माण विभाग, आरएंडबी और अन्य विभागों के अस्थायी कर्मचारी भी हड़ताल रहे। बिजली कारपोरेशन के कर्मचारियों ने खाली बर्तन खड़काकर प्रदर्शन किया। अन्य ने भी अपने-अपने कार्यालयों के बाहर सरकार को कोसा और जमकर नारेबाजी की।
मांगें माने जाने तक हड़ताल जारी रहेगी
ऑल डिपार्टमेंट केजुअल लेबर फ्रंट के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि हड़ताल मांगें माने जाने तक जारी रहेगी। अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई भी आश्वासन नहीं मिला है।
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यह हैं मांगें
- अस्थायी कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- लंबित वेतनमान को जारी किया जाए।
- न्यूनतम वेतनमान को लागू किया जाए।
क्लेरिकल यूनियन का हड़ताल को समर्थन
जम्मू। क्लेरिकल यूनियन भी अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में उतर आई है। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि स्थायी कर्मचारियों की तर्ज पर ही अस्थायी कर्मचारियों को लाभ मिलने चाहिएं। लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों को अनसुना किया जा रहा है। जल्द से जल्द सरकार मांगों को हल करे।
आधे से ज्यादा शहर में रही पानी की किल्लत
जम्मू। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों की हड़ताल से गहराए जल संकट से लोग काफी परेशान हैं। सोमवार को आधे से ज्यादा शहर में पानी की किल्लत रही। कुछ जगहो में टैंकरों के माध्यम से भी पानी की आपूर्ति की गई। कुछ जगहों में दिन भर पानी आने का इंतजार होता रहा मगर पानी नहीं आया। इस कारण लोग परेशान रहे।
अन्य दिनों की तरह वार्डों में पार्षदों और पुलिस जवानों ने भी पानी छोड़ने में सहयोग किया। सबसे ज्याद परेशानी नरवाल, सुजवां, सिद्दड़ा, बठिंडी, सैनिक कॉलोनी, तालाब तिल्लो, जानीपुर, रूप नगर, तोप शेरखानिया, मुट्ठी और रूप नगर इलाकों में रही। वहीं, भवानी नगर, श्याम नगर, विहार नगर, गोल पुली, विकास लेन और गोरखा नगर में भी किल्लत रही। गोरखा नगर में लोगों को तवी से ही पानी वाहनों में लाना पड़ा। समस्या के हल के लिए लोग अधिकारियों से संपर्क करते रहे। कर्मचारियों की कमी के कारण समस्या हल नहीं हो पाई।
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बिजली कर्मचारियों ने बर्तन खड़काए
वहीं ऑल डिपार्टमेंट केजुअल लेबर फ्रंट के आह्वान पर जम्मू संभाग में बिजली कारपोरेशन, लोक निर्माण विभाग, आरएंडबी और अन्य विभागों के अस्थायी कर्मचारी भी हड़ताल रहे। बिजली कारपोरेशन के कर्मचारियों ने खाली बर्तन खड़काकर प्रदर्शन किया। अन्य ने भी अपने-अपने कार्यालयों के बाहर सरकार को कोसा और जमकर नारेबाजी की।
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मांगें माने जाने तक हड़ताल जारी रहेगी
ऑल डिपार्टमेंट केजुअल लेबर फ्रंट के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने कहा कि हड़ताल मांगें माने जाने तक जारी रहेगी। अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई भी आश्वासन नहीं मिला है।
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यह हैं मांगें
- अस्थायी कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- लंबित वेतनमान को जारी किया जाए।
- न्यूनतम वेतनमान को लागू किया जाए।
क्लेरिकल यूनियन का हड़ताल को समर्थन
जम्मू। क्लेरिकल यूनियन भी अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में उतर आई है। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि स्थायी कर्मचारियों की तर्ज पर ही अस्थायी कर्मचारियों को लाभ मिलने चाहिएं। लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों को अनसुना किया जा रहा है। जल्द से जल्द सरकार मांगों को हल करे।
आधे से ज्यादा शहर में रही पानी की किल्लत
जम्मू। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों की हड़ताल से गहराए जल संकट से लोग काफी परेशान हैं। सोमवार को आधे से ज्यादा शहर में पानी की किल्लत रही। कुछ जगहो में टैंकरों के माध्यम से भी पानी की आपूर्ति की गई। कुछ जगहों में दिन भर पानी आने का इंतजार होता रहा मगर पानी नहीं आया। इस कारण लोग परेशान रहे।
अन्य दिनों की तरह वार्डों में पार्षदों और पुलिस जवानों ने भी पानी छोड़ने में सहयोग किया। सबसे ज्याद परेशानी नरवाल, सुजवां, सिद्दड़ा, बठिंडी, सैनिक कॉलोनी, तालाब तिल्लो, जानीपुर, रूप नगर, तोप शेरखानिया, मुट्ठी और रूप नगर इलाकों में रही। वहीं, भवानी नगर, श्याम नगर, विहार नगर, गोल पुली, विकास लेन और गोरखा नगर में भी किल्लत रही। गोरखा नगर में लोगों को तवी से ही पानी वाहनों में लाना पड़ा। समस्या के हल के लिए लोग अधिकारियों से संपर्क करते रहे। कर्मचारियों की कमी के कारण समस्या हल नहीं हो पाई।