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सेल्फ हेल्प ग्रुप के इंजीनियर उतरे सड़क पर, तवी पुल जाम करने की कोशिश, 10 गिरफ्तार
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जम्मू। इंजीनियरों के सेल्फ हेल्प ग्रुप को खत्म कर दिए जाने के सरकार के आदेश के खिलाफ सोमवार को पूरे संभाग के ग्रुप से जुड़े सदस्य सड़क पर उतर आए। उन्होंने गांधीनगर में उप निदेशक रोजगार के कार्यालय से रोष मार्च निकाला। इसके बाद तवी पुल को जाम करने की कोशिश की। इस दौरान संगठन के दस सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शाम को उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
सेल्फ हेल्प ग्रुप आफ इंजीनियर एसोसिएशन की ओर से सोमवार सुबह उप राज्यपाल के सलाहकार फारूक खान से मुलाकात कर उन्हें मामले की जानकारी दी गई। साथ ही उनसे आग्रह किया गया कि सरकार आदेश को वापस ले। इसके बाद उन्होंने उप निदेशक रोजगार के गांधीनगर स्थित कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके बाद रोष मार्च निकाला और एशिया होटल होते हुए तवी पुल पर पहुंचे। यहां पर उन्होंने पुल को जाम करने की कोशिश तो पहले से मौजूद पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से हल्की नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने 10 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें पुलिस की गाड़ी से नेहरू मार्केट पुलिस चौकी ले जाया गया। लगभग साढ़े चार घंटे बाद धारा 107 व 151 के तहत जमानत पर उन्हें रिहा किया गया। गिरफ्तार होने वाले एसोसिएशन के संभागीय अध्यक्ष जयपाल सिंह, माजिद मन्हास, नरेंद्र पाल सिंह, रवींद्र सती, भरत अवस्थी आदि थे।
सड़क पर उतरने का शौक नहीं, फैसले पर पुनर्विचार करे सरकार: एसोसिएशन
एसोसिएशन के संभागीय अध्यक्ष ने बताया कि जम्मू संभाग में 500 से 525 सेल्फ हेल्प ग्रुप हैं। 2017 में कैबिनेट के फैसले से इसे बनाया गया है। ज्यादातर इंजीनियरों की उम्र अधिक हो गई है जिससे वे नौकरी के योग्य नहीं रह गए हैं। ऐसे में उनके समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इंजीनियरों को कोई शौक नहीं है कि वे सड़क पर उतरें। सरकार को फैसले पर पुनर्विचार करते हुए आदेश वापस लेना चाहिए।
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सेल्फ हेल्प ग्रुप आफ इंजीनियर एसोसिएशन की ओर से सोमवार सुबह उप राज्यपाल के सलाहकार फारूक खान से मुलाकात कर उन्हें मामले की जानकारी दी गई। साथ ही उनसे आग्रह किया गया कि सरकार आदेश को वापस ले। इसके बाद उन्होंने उप निदेशक रोजगार के गांधीनगर स्थित कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके बाद रोष मार्च निकाला और एशिया होटल होते हुए तवी पुल पर पहुंचे। यहां पर उन्होंने पुल को जाम करने की कोशिश तो पहले से मौजूद पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से हल्की नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने 10 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें पुलिस की गाड़ी से नेहरू मार्केट पुलिस चौकी ले जाया गया। लगभग साढ़े चार घंटे बाद धारा 107 व 151 के तहत जमानत पर उन्हें रिहा किया गया। गिरफ्तार होने वाले एसोसिएशन के संभागीय अध्यक्ष जयपाल सिंह, माजिद मन्हास, नरेंद्र पाल सिंह, रवींद्र सती, भरत अवस्थी आदि थे।
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सड़क पर उतरने का शौक नहीं, फैसले पर पुनर्विचार करे सरकार: एसोसिएशन
एसोसिएशन के संभागीय अध्यक्ष ने बताया कि जम्मू संभाग में 500 से 525 सेल्फ हेल्प ग्रुप हैं। 2017 में कैबिनेट के फैसले से इसे बनाया गया है। ज्यादातर इंजीनियरों की उम्र अधिक हो गई है जिससे वे नौकरी के योग्य नहीं रह गए हैं। ऐसे में उनके समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इंजीनियरों को कोई शौक नहीं है कि वे सड़क पर उतरें। सरकार को फैसले पर पुनर्विचार करते हुए आदेश वापस लेना चाहिए।
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