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Jammu News: तहसीलदार भर्ती में उर्दू को अनिवार्य करने पर युवा मोर्चा का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
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-बिश्नाह मुख्य बाजार में रोष रैली भी निकाली, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिश्नाह । नायब तहसीलदार की भर्ती में उर्दू को अनिवार्य किए जाने के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने बिश्नाह में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण प्रभात और पूर्व विधायक बिश्नाह अश्वनी शर्मा विशेष तौर पर मौजूद रहे हैं। बिश्नाह मुख्य बाजार में भाजपा ने रोष रैली का आयोजन किया। उमर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। साथ ही उमर सरकार का पुतला जलाया गया। प्रदेश अध्यक्ष अरुण प्रभात ने कहा कि उमर सरकार की जम्मू के खिलाफ की जा रही साजिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जम्मू के साथ सरकार सीधे तौर पर भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा कि पांच क्षेत्रीय भाषाओं को अभ्यर्थियों के लिए विकल्प रखना चाहिए। सिर्फ उर्दू को अनिवार्य करना जम्मू के खिलाफ बड़ी साजिश है। उन्होंने कहा कि बिश्नाह में प्रदर्शन कर सरकार को उर्दू अनिवार्य करने पर चेताया गया है। आने वाले दिनों में सरकार फैसला वापस नहीं लेती है तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
पूर्व विधायक अश्विनी शर्मा ने कहा कि एनसी और पीडीपी सरकार हमेशा से जम्मू के साथ भेदभाव करती रही हैं। 2013 में भी 29 नायब तहसीलदार के पदों को सरकार ने निरस्त कर दिया था। विधानसभा में जोरदार प्रदर्शन करने के बाद 29 नायब तहसीलदारों को फिर से बहाल किया गया था। उन्होंने उर्दू भाषा को सीख अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि जम्मू संभाग में स्कूलों में उर्दू के शिक्षक तक नहीं हैं। लेकिन उसके बावजूद भी सरकार उर्दू को सरकारी नौकरियों में अनिवार्य कर रही है। इससे साफ तौर पर प्रतीत होता है कि जम्मू के साथ सरकार भेदभाव कर रही है। भाजपा हमेशा से जम्मू से होते भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाती रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिश्नाह । नायब तहसीलदार की भर्ती में उर्दू को अनिवार्य किए जाने के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने बिश्नाह में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण प्रभात और पूर्व विधायक बिश्नाह अश्वनी शर्मा विशेष तौर पर मौजूद रहे हैं। बिश्नाह मुख्य बाजार में भाजपा ने रोष रैली का आयोजन किया। उमर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। साथ ही उमर सरकार का पुतला जलाया गया। प्रदेश अध्यक्ष अरुण प्रभात ने कहा कि उमर सरकार की जम्मू के खिलाफ की जा रही साजिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जम्मू के साथ सरकार सीधे तौर पर भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा कि पांच क्षेत्रीय भाषाओं को अभ्यर्थियों के लिए विकल्प रखना चाहिए। सिर्फ उर्दू को अनिवार्य करना जम्मू के खिलाफ बड़ी साजिश है। उन्होंने कहा कि बिश्नाह में प्रदर्शन कर सरकार को उर्दू अनिवार्य करने पर चेताया गया है। आने वाले दिनों में सरकार फैसला वापस नहीं लेती है तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
पूर्व विधायक अश्विनी शर्मा ने कहा कि एनसी और पीडीपी सरकार हमेशा से जम्मू के साथ भेदभाव करती रही हैं। 2013 में भी 29 नायब तहसीलदार के पदों को सरकार ने निरस्त कर दिया था। विधानसभा में जोरदार प्रदर्शन करने के बाद 29 नायब तहसीलदारों को फिर से बहाल किया गया था। उन्होंने उर्दू भाषा को सीख अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि जम्मू संभाग में स्कूलों में उर्दू के शिक्षक तक नहीं हैं। लेकिन उसके बावजूद भी सरकार उर्दू को सरकारी नौकरियों में अनिवार्य कर रही है। इससे साफ तौर पर प्रतीत होता है कि जम्मू के साथ सरकार भेदभाव कर रही है। भाजपा हमेशा से जम्मू से होते भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाती रही है।
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