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Jammu News: साफ जल न मिलने पर धरने पर बैठे चक जराला के लोग
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विभाग पर लगाया सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिश्नाह। गांव में स्वच्छ जल की आपूर्ति न होने को लेकर चक जराला के लोग धरने पर बैठ गए हैं। स्थानीय सरपंच जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में लोगों ने विभाग से स्वच्छ जल प्रदान करने की गुहार लगाई।
जल शक्ति विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में पानी साफ न होने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते वे धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाए जाने के बाद भी न तो कोई अधिकारी गांव के लोगों की सुध लेने आया और न ही कोई आश्वासन दिया गया। पानी का संकट होने पर गांव के बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में सरकार के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। अधिकारी सिर्फ कमीशन के चक्कर में सरकार के पैसे को बर्बाद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध करवाने के लिए पैसे देती है और विभाग के अधिकारी ठेकेदारों से मिलकर घोटाले पर घोटाले कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कुछ माह पहले ही गांव में पानी की टंकी बनाई गई तो फिर विभाग को दूसरी टंकी बनाने की क्या जरूरत है। लोगों ने कहा कि उपराज्यपाल को मूकदर्शक बनने के बजाय कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि लोगों को भी एहसास हो कि उनके कर का पैसा बर्बाद नहीं हो रहा।
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बिश्नाह। गांव में स्वच्छ जल की आपूर्ति न होने को लेकर चक जराला के लोग धरने पर बैठ गए हैं। स्थानीय सरपंच जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में लोगों ने विभाग से स्वच्छ जल प्रदान करने की गुहार लगाई।
जल शक्ति विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में पानी साफ न होने पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते वे धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाए जाने के बाद भी न तो कोई अधिकारी गांव के लोगों की सुध लेने आया और न ही कोई आश्वासन दिया गया। पानी का संकट होने पर गांव के बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में सरकार के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। अधिकारी सिर्फ कमीशन के चक्कर में सरकार के पैसे को बर्बाद कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध करवाने के लिए पैसे देती है और विभाग के अधिकारी ठेकेदारों से मिलकर घोटाले पर घोटाले कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कुछ माह पहले ही गांव में पानी की टंकी बनाई गई तो फिर विभाग को दूसरी टंकी बनाने की क्या जरूरत है। लोगों ने कहा कि उपराज्यपाल को मूकदर्शक बनने के बजाय कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि लोगों को भी एहसास हो कि उनके कर का पैसा बर्बाद नहीं हो रहा।
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