{"_id":"64ff71fa60154dba3904b057","slug":"protest-by-worker-jammu-news-c-10-jmu1037-200366-2023-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: अस्थायी गैर शिक्षण कर्मचारी वेतन बढ़ाने पर अड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: अस्थायी गैर शिक्षण कर्मचारी वेतन बढ़ाने पर अड़े
Tue, 12 Sep 2023 01:31 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 12 Sep 2023 01:31 AM IST
विज्ञापन
-अटेंडेंट का वेतन 15,000 और क्लर्क का 20,000 किया जाए
जम्मू। केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में गैर शिक्षण (नॉन टीचिंग) पदों पर सेवाएं दे रहे अस्थायी कर्मचारियों ने केंद्रीय कश्मीर विश्वविद्यालय की तर्ज पर वेतन समेत अन्य लाभ देने की मांग उठाई है। कर्मचारियों ने कहा कि वे बीते कई सालों से अटेंडेंट और क्लर्क के पदों पर सेवाएं दे रहे हैं।
मगर 7 या 10 साल पूरे होने के बावजूद उन्हें अनुभव प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हो रहा और न ही स्थायी नौकरी में प्राथमिकता मिल रही है। कर्मचारियों के अनुसार विश्वविद्यालय समय-समय पर नॉन टीचिंग के स्थायी पदों पर भर्ती करवाता है। मगर, वहां पहले से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को अनुभव के प्वाइंट नहीं दिए जाते हैं। बाद में एजेंसी से जिन नए कर्मचारियों को नियुक्त किया जा रहा है। उनका वेतन पहले वालों से ज्यादा या उनके बराबर है। उन्होंने कहा कि अटेंडेंट की मासिक सैलरी 15000 की जाए और क्लर्क की 20000 होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे एजेंसी के अंतर्गत हैं। मगर अनुभव प्रमाण के हिसाब से उन्हें भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
विज्ञापन
जम्मू। केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में गैर शिक्षण (नॉन टीचिंग) पदों पर सेवाएं दे रहे अस्थायी कर्मचारियों ने केंद्रीय कश्मीर विश्वविद्यालय की तर्ज पर वेतन समेत अन्य लाभ देने की मांग उठाई है। कर्मचारियों ने कहा कि वे बीते कई सालों से अटेंडेंट और क्लर्क के पदों पर सेवाएं दे रहे हैं।
मगर 7 या 10 साल पूरे होने के बावजूद उन्हें अनुभव प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हो रहा और न ही स्थायी नौकरी में प्राथमिकता मिल रही है। कर्मचारियों के अनुसार विश्वविद्यालय समय-समय पर नॉन टीचिंग के स्थायी पदों पर भर्ती करवाता है। मगर, वहां पहले से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को अनुभव के प्वाइंट नहीं दिए जाते हैं। बाद में एजेंसी से जिन नए कर्मचारियों को नियुक्त किया जा रहा है। उनका वेतन पहले वालों से ज्यादा या उनके बराबर है। उन्होंने कहा कि अटेंडेंट की मासिक सैलरी 15000 की जाए और क्लर्क की 20000 होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे एजेंसी के अंतर्गत हैं। मगर अनुभव प्रमाण के हिसाब से उन्हें भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
विज्ञापन