फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   protest against kausar nag yatra in kashmir

कौसर नाग यात्रा का कश्मीर में हुआ जमकर विरोध

Thu, 31 Jul 2014 04:52 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली/अमर उजाला, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली/अमर उजाला, श्रीनगर Updated Thu, 31 Jul 2014 04:52 PM IST
विज्ञापन
protest against kausar nag yatra in kashmir

कश्मीर में कौसर नाग यात्रा शुरू करने को लेकर कश्मीर के तकरीबन हर वर्ग द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। उनके अनुसार इस यात्रा के कारण पर्यावरण पर प्रभाव पड़ेगा और वह ऐसा नहीं होने देंगे।

विज्ञापन


कौसर नाग यात्रा के विरोध में बुधवार को कुलगाम जिले में सेव कौसर नाग फ्रंट द्वारा बंद का आह्वान किया गया था, जिसके चलते सभी दुकानें, व्यवसाय बंद रहे और सड़कों पर यातायात भी नहीं दिखा।
विज्ञापन


इस यात्रा का राज्य के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और अन्य अलगाववादी नेता पहले से विरोध कर रहे हैं और वह इसे संघ का नया एजेंडा बता रहे हैं।
अलगाववादी नेताओं के अनुसार, इससे क्षेत्र की मुस्लिम पहचान खत्म हो जाएगी और साथ ही यात्रा से कश्मीर के पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचेगा।

इस यात्रा का आयोजन इस वर्ष आल पार्टी मिग्रेंट्स कोर्डिनेशन कमेटी (एपीएमसीसी) द्वारा करवाया जा रहा है। एपीएमसीसी के अध्यक्ष विनोद पंडिता के अनुसार करीब 40 श्रद्धालुओं का जत्था, जो मंगलवार को जम्मू से रवाना हुआ था, बुधवार को दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में पहुंच गया है।

पंडिता के अनुसार, अगर सरकार ने उन्हें यात्रा करने के लिए सुरक्षा प्रदान की तो विधि अनुसार एक अगस्त को पहुंचकर नाग पंचमी उत्सव मनाएंगे।

उनके अनुसार, इस यात्रा का राज्य के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और अन्य अलगाववादी नेता पहले से विरोध कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने सरकार से यात्रा को सुचारुरूप से आयोजित करवाने के लिए सुरक्षा की मांग की है।

पंडिता के अनुसार, अगर सुरक्षा मिलती है तो गुरुवार की सुबह यात्रा अगले पड़ाव के लिए रवाना होगी। उनका यह भी कहना है कि अगर कश्मीरी पंडित यात्रा नहीं कर पाएंगे तो केंद्र की मोदी सरकार का जम्मू-कश्मीर के विस्थापित पंडितों को राज्य में पुन: बसाने की नीतियों का क्या फायदा।

गौरतलब है कि कौसर नाग कश्मीर घाटी में पीर पंजाल पहाड़ियों की तलहटी में स्थित है। इसे कौसर नाग झील के रूप में भी जाना जाता है और यह समुद्र की सतह से 12000 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। कश्मीर में शुद्ध पानी का यह प्रमुख स्रोत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed