{"_id":"64e3c5a9f460c681190edc34","slug":"protest-against-administration-rspura-news-c-10-1-jam1029-186067-2023-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: विस्थापित परिवारों को दिया जाए उनकी जमीनों पर मालिकाना हक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: विस्थापित परिवारों को दिया जाए उनकी जमीनों पर मालिकाना हक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीओजेके विस्थापितों ने महात्मा गांधी पार्क में प्रदर्शन किया,
प्रधानमंत्री और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। पीओजेके विस्थापितों ने सोमवार को महात्मा गांधी पार्क में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान विस्थापितों ने किसान नेता मोहन सिंह के नेतृत्व में एक रोष रैली निकाली और एसडीएम सीमा परिहार को ज्ञापनपत्र सौंपा।
दोपहर को विस्थापित परिवार पार्क में जमा हुए और एक रैली की शक्ल में एसडीएम कार्यालय में पहुंचे। वहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई। मौके पर मौजूद मास्टर अजयब सिंह मोटन, जितेंद्र भगत, आदि ने एसडीएम के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। किसान नेता ने कहा कि पीओजेके के शरणार्थी परिवारों को सरकार ने आज तक उनकी जमीनों का मालिकाना हक नहीं दिया। इस कारण प्रधानमंत्री किसान निधि योजना के तहत किसानों को मिलने वाली राशि बंद हो गई। विस्थापित परिवार वर्षों से भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्रों में रहे हैं, और सुरक्षा बलों के साथ सीमा की रक्षा में योगदान दे रहे हैं। फिर भी इन परिवारों की अनदेखी हो रही है।
कहा कि केंद्र सरकार ने इन परिवारों से वादा किया था कि उन्हें राहत पैकेज के तौर पर 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। लेकिन, अब तक केवल पांच लाख रुपये ही मिले हैं। बकाया मिलने का कोई ठिकाना ही नहीं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने का भी विरोध किया। कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले किसानों को सिंचाई के लिए निशुल्क बिजली मिलनी चाहिए। वहां स्मार्ट मीटर न लगाए जाएं। ये परिवार पहले ही पाकिस्तानी गोलाबारी से उजड़े हुए हैं। उन पर स्मार्ट मीटर का बोझ न डाला जाए। मौके पर जितेंद्र भगत, गणेश चौधरी, मूल सिंह, चमेल सिंह, देवराज, आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। पीओजेके विस्थापितों ने सोमवार को महात्मा गांधी पार्क में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान विस्थापितों ने किसान नेता मोहन सिंह के नेतृत्व में एक रोष रैली निकाली और एसडीएम सीमा परिहार को ज्ञापनपत्र सौंपा।
दोपहर को विस्थापित परिवार पार्क में जमा हुए और एक रैली की शक्ल में एसडीएम कार्यालय में पहुंचे। वहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई। मौके पर मौजूद मास्टर अजयब सिंह मोटन, जितेंद्र भगत, आदि ने एसडीएम के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। किसान नेता ने कहा कि पीओजेके के शरणार्थी परिवारों को सरकार ने आज तक उनकी जमीनों का मालिकाना हक नहीं दिया। इस कारण प्रधानमंत्री किसान निधि योजना के तहत किसानों को मिलने वाली राशि बंद हो गई। विस्थापित परिवार वर्षों से भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्रों में रहे हैं, और सुरक्षा बलों के साथ सीमा की रक्षा में योगदान दे रहे हैं। फिर भी इन परिवारों की अनदेखी हो रही है।
विज्ञापन
कहा कि केंद्र सरकार ने इन परिवारों से वादा किया था कि उन्हें राहत पैकेज के तौर पर 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। लेकिन, अब तक केवल पांच लाख रुपये ही मिले हैं। बकाया मिलने का कोई ठिकाना ही नहीं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने का भी विरोध किया। कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले किसानों को सिंचाई के लिए निशुल्क बिजली मिलनी चाहिए। वहां स्मार्ट मीटर न लगाए जाएं। ये परिवार पहले ही पाकिस्तानी गोलाबारी से उजड़े हुए हैं। उन पर स्मार्ट मीटर का बोझ न डाला जाए। मौके पर जितेंद्र भगत, गणेश चौधरी, मूल सिंह, चमेल सिंह, देवराज, आदि मौजूद थे।
विज्ञापन