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Jammu News: आशा कार्यकर्ताओं ने स्थायी करने की उठाई आवाज, किया प्रदर्शन
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प्रदेश प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर वेतन वृद्धि की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। कस्बे के महात्मा गांधी पार्क में आशा वर्कर्स यूनियन जम्मू के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। यूनियन की प्रधान सुनीता भगत के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि उन्हें स्थायी किया जाए, और उनके वेतन में वृद्धि की जाए।
उन्होंने कहा कि दिन प्रतिदिन प्रशासन उनके कार्य में बढ़ोतरी कर रहा है, लेकिन वेतन में बढ़ोतरी नहीं हो रही। साथ ही उन्हें अस्थायी कर्मी के तौर पर ही वेतन दिया जा रहा है। सरकार मोबाइल सुविधा नहीं दे रही। जबकि दूसरे राज्यों में आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल दिया गया है। कार्यकर्ताओं ने अपने काम से संबंधित डिप्लोमा किया है। इसके बावजूद उनसे अस्थायी कर्मी के तौर पर कार्य करवाया जा रहा है। यूनियन की महासचिव अनीता रानी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता जब किसी दूसरे स्थान पर कार्य करने जाते हैं तो उन्हें अपनी जेब से पैसे खर्च कर जाना पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद आशा कार्यकर्ताओं को अनुग्रह राशि देने के प्रावधान की अनदेखी की हो रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का यही रवैया रहा तो आने वाले दिनों में हड़ताल पर चले जाएंगे। सचिव दर्शन देवी, तजेंदर कौर, आदि ने कहा कि उनसे समाज कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग भी कार्य करवाता है, लेकिन स्थायी कहीं नहीं किया जा रहा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। कस्बे के महात्मा गांधी पार्क में आशा वर्कर्स यूनियन जम्मू के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। यूनियन की प्रधान सुनीता भगत के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि उन्हें स्थायी किया जाए, और उनके वेतन में वृद्धि की जाए।
उन्होंने कहा कि दिन प्रतिदिन प्रशासन उनके कार्य में बढ़ोतरी कर रहा है, लेकिन वेतन में बढ़ोतरी नहीं हो रही। साथ ही उन्हें अस्थायी कर्मी के तौर पर ही वेतन दिया जा रहा है। सरकार मोबाइल सुविधा नहीं दे रही। जबकि दूसरे राज्यों में आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल दिया गया है। कार्यकर्ताओं ने अपने काम से संबंधित डिप्लोमा किया है। इसके बावजूद उनसे अस्थायी कर्मी के तौर पर कार्य करवाया जा रहा है। यूनियन की महासचिव अनीता रानी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता जब किसी दूसरे स्थान पर कार्य करने जाते हैं तो उन्हें अपनी जेब से पैसे खर्च कर जाना पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद आशा कार्यकर्ताओं को अनुग्रह राशि देने के प्रावधान की अनदेखी की हो रही है।
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उन्होंने कहा कि सरकार का यही रवैया रहा तो आने वाले दिनों में हड़ताल पर चले जाएंगे। सचिव दर्शन देवी, तजेंदर कौर, आदि ने कहा कि उनसे समाज कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग भी कार्य करवाता है, लेकिन स्थायी कहीं नहीं किया जा रहा।
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