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सांस्कृतिक व देशभक्ति से प्रेरित प्रस्तुतियां देकर लूटी वाहवाही
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गलोबल शिक्षस दिवस पर हुए कार्यक्रम में पहले स्थान पर रहे सलाल हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राएं ट्?
- फोटो : REASI
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रियासी। मिनी सचिवालय स्थित सभागार में वीरवार को विश्व शिक्षक दिवस के मौके पर कार्यक्रम आयोजित हुए। इनमें विभिन्न स्कूलों ने सांस्कृतिक तथा देशभक्ति से प्रेरित प्रस्तुतियां देकर वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम की शुरूआत कथक नृत्य से हुई, जिसमें स्थानीय ग्रुप की लड़कियों ने नृत्य किया। बाद में किड्स ड्रीमलैंड की बच्चियों ने गुरू वंदना कर मौके पर मौजूद लोगों की वाहवाही लूटी। कार्यक्रम में रियासी, कटड़ा, सलाल, अरनास से आए विद्यार्थियों ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरूआत डीडीसी अध्यक्ष सर्राफ सिंह नाग ने उपाध्यक्ष साजरा कादिर व एडीसी अब्दुल सत्तार के साथ मिल दीप प्रज्ज्वलित कर की। कार्यक्रम में बेहतरीन प्रस्तुति देने पर हायर सेकेंडरी स्कूल सलाल को पहला पुुरस्कार दिया गया।
जनरल जोरावर सिंह मेमोरियल डिग्री कॉलेज को दूसरा तथा हाई स्कूल नौमाई को तीसरा पुरस्कार मिला। पद्म संगीत अकादमी की नर्तकी तन्वी त्रिपाठिया को एकल नृत्य करने के लिए चौथा, जबकि हाई स्कूल कैंबल डंगा को पांचवां पुरस्कार दिया गया। अतिथि ने सभी को पुरस्कार के रूप में ट्रॉफी तथा प्रशंसा पत्र दिए। मंच का संचालन सुगंधा खजूरिया व अंकिता खजूरिया ने किया।
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पुरस्कार न मिलने पर बच्चे हुए निराश
विश्व शिक्षक दिवस के मौके पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में घोषित हुए परिणामों से कुछ स्कूल प्रबंधक निराश नजर आए। कार्यक्रम में 10 वर्ष से के 25 वर्ष आयु तक के विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियां दीं। छोटे बच्चों ने उम्र के हिसाब सेे कुछ अच्छी प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें लोगों की काफी सराहना मिली। लेकिन, पुरस्कारों में केवल डिग्री कॉलेज, हायर सेकेंडरी व हाई स्कूल के विद्यार्थियों को ही शामिल किया गया। इससे अन्य स्कूलों के बच्चे काफी निराश हुए। उधर, अभिभावकों ने आयोजकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि बच्चों को सुबह 11 बजे बुलाया गया, लेकिन कार्यक्रम दोपहर डेढ़ बजे शुरू किया। यह एक गैरजिम्मेराना हरकत है।
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कार्यक्रम की शुरूआत कथक नृत्य से हुई, जिसमें स्थानीय ग्रुप की लड़कियों ने नृत्य किया। बाद में किड्स ड्रीमलैंड की बच्चियों ने गुरू वंदना कर मौके पर मौजूद लोगों की वाहवाही लूटी। कार्यक्रम में रियासी, कटड़ा, सलाल, अरनास से आए विद्यार्थियों ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरूआत डीडीसी अध्यक्ष सर्राफ सिंह नाग ने उपाध्यक्ष साजरा कादिर व एडीसी अब्दुल सत्तार के साथ मिल दीप प्रज्ज्वलित कर की। कार्यक्रम में बेहतरीन प्रस्तुति देने पर हायर सेकेंडरी स्कूल सलाल को पहला पुुरस्कार दिया गया।
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जनरल जोरावर सिंह मेमोरियल डिग्री कॉलेज को दूसरा तथा हाई स्कूल नौमाई को तीसरा पुरस्कार मिला। पद्म संगीत अकादमी की नर्तकी तन्वी त्रिपाठिया को एकल नृत्य करने के लिए चौथा, जबकि हाई स्कूल कैंबल डंगा को पांचवां पुरस्कार दिया गया। अतिथि ने सभी को पुरस्कार के रूप में ट्रॉफी तथा प्रशंसा पत्र दिए। मंच का संचालन सुगंधा खजूरिया व अंकिता खजूरिया ने किया।
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पुरस्कार न मिलने पर बच्चे हुए निराश
विश्व शिक्षक दिवस के मौके पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में घोषित हुए परिणामों से कुछ स्कूल प्रबंधक निराश नजर आए। कार्यक्रम में 10 वर्ष से के 25 वर्ष आयु तक के विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियां दीं। छोटे बच्चों ने उम्र के हिसाब सेे कुछ अच्छी प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें लोगों की काफी सराहना मिली। लेकिन, पुरस्कारों में केवल डिग्री कॉलेज, हायर सेकेंडरी व हाई स्कूल के विद्यार्थियों को ही शामिल किया गया। इससे अन्य स्कूलों के बच्चे काफी निराश हुए। उधर, अभिभावकों ने आयोजकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि बच्चों को सुबह 11 बजे बुलाया गया, लेकिन कार्यक्रम दोपहर डेढ़ बजे शुरू किया। यह एक गैरजिम्मेराना हरकत है।

गलोबल शिक्षक दिवस पर हुए कार्यक्रम में अपनी पृस्तृति देते हुए एक स्कूल के विद्घार्थी।- फोटो : REASI