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युद्धक्षेत्र से सुरक्षित लौटे, अब करियर को लेकर चिंता

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problem,Russia Ukraine war
जम्मू। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद युद्धक्षेत्र से सुरक्षित लौटे एमबीबीएस विद्यार्थियों को अब अपने करियर को लेकर चिंता सता रही है। उनका कहना है कि आगामी कुछ महीनों में यूक्रेन में हालात सामान्य होते नहीं दिख रहे, ऐसे में उनकी डॉक्टरी की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ेगा। अभी कुछ स्थिति साफ नहीं है कि वे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए वहां पहुंच भी पाएंगे या नहीं। वहीं, यूक्रेन में फंसे अन्य छात्रों की सकुशल वापसी के लिए अभिभावक दुआएं और प्रार्थनाएं कर रहे हैं।
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जम्मू के एक अन्य छात्र सजन ने बताया कि यूक्रेन पर हमले से ठीक पहले वह वहां से निकल आया था। क्राजिना के एक मेडिकल कॉलेज में चौथे वर्ष में एमबीबीएस कर रहे सजन को बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़कर वापस आना पड़ा। सजन ने बताया कि जिस दिन वह लौटा उस दिन यूक्रेन में सबकुछ सामान्य था, लेकिन जम्मू वापस पहुंचकर पता चला कि रूस ने अचानक हमला कर दिया है। निकट भविष्य में भी यूक्रेन में हालात सामान्य होते नहीं दिख रहे। सरकार को यूक्रेन में फंसे अपने सभी लोगों को वापस लाने के तत्काल उचित कदम उठाने चाहिए। उम्मीद है कि इस संकट की घड़ी में एमसीआई एमबीबीएस विद्यार्थियों को कुछ राहत दे।
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पहले कोविड के कारण चल
रहीं थी ऑनलाइन कक्षाएं
जम्मू के बिक्रम चौक की कनिका शर्मा खारकीव में चौथे वर्ष एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है, लेकिन यूक्रेन पर हमले से ठीक पहले वह सुरक्षित लौटकर जम्मू पहुंच गई। वह अपने को खुशकिस्मत मान रही है, लेकिन दुखी भी है कि अब उसके भविष्य का क्या होगा। कनिका कहती है कि अगले कुछ महीनों में यूक्रेन में परिस्थितियां बदल जाएंगी। शायद नई सरकार आ जाए। युद्ध से पहले हमारे शिक्षक भी नहीं मान रहे थे कि हमला हो सकता है। लेकिन रूस ने पूरी ताकत से हमला कर दिया। कोविड के कारण यूक्रेन में हमारी ऑनलाइन कक्षाएं चल रही थीं।
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तंजील के सकुशल लौटने की
दुआएं कर रहे माता-पिता
जम्मू निवासी सलीमा गोहर की बेटी तंजील गोहर यूक्रेन में एमबीबीएस की दूसरे वर्ष की पढ़ाई कर रही है। लेकिन वर्तमान में युद्धक्षेत्र में फंसी हुई है। सलीमा ने बताया कि बुधवार को उसके यूक्रेन शहर से रेल माध्यम से निकलने की सूचना मिली है, जिसमें वह किसी बॉर्डर पर पहुंचकर हवाई मार्ग से भारत आएगी। हम यही दुआएं कर रहे हैं कि वह जल्द से जल्द हमारे पास पहुंच जाए। यूक्रेन में रूस हमले से हजारों भारतीय बच्चों की एमबीबीएस पढ़ाई प्रभावित हुई है।
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