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राजस्व विभाग ने बनाई 30 फीसदी फसल खराब होने की रिपोर्ट

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ज्यौड़ियां। दस अक्तूबर की देर शाम और इससे पहले भी खौड़ और ज्यौड़ियां में चली आंधी तूफान और बारिश से धान, तिल, दालों, बाजरा तथा मक्की की फसल को भारी नुकसान हुआ।
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किसानों के अनुसार इसमें सबसे अधिक नुकसान तिल की फसल का तथा धान की बासमती की फसल का हुआ था, क्योंकि तिल की फसल आंधी से पूरी तरह से झड़ गई थी। धान की फसल खेतों में पूरी तरह से लेट गई है। फसल को भारी नुकसान हो जाने को लेकर क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर उदासी और परेशानी साफ दिखाई दे रही थी और किसान सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे थे जिसको देखते हुए राजस्व विभाग की तरफ से नुकसान हुई फसल का जायजा लेकर फसलों का खाका तैयार कर लिया है। विभाग ने फसलों का तीस प्रतिशत नुकसान की रिपोर्ट तैयार की है। जानकारी के अनुसार तैनात हर हलका के पटवारी ने अपने अपने क्षेत्र में पहुंच कर फसलों के नुकसान को चेक कर रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंप दी है।
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वहीं किसानों से जब इस विषय में बात की गई कि राजस्व विभाग ने आप की फसल के नुकसान का तीस प्रतिशत खराब की रिपोर्ट तैयार की है। तो उस पर किसानों का कहना है कि उनका नुकसान तो अधिक हुआ है। किसान व सरपंच पठान सिंह, पूर्व सरपंच राकेश चौधरी तथा विजय कुमार ने बताया कि बासमती की फसल पूरी तरह से जमीन पर लेट गई है। उसका 40 से 45 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है ।
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हमने खराबे की 30 प्रतिशत की रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसको जल्द से जल्द सबमिट करा दिया जाएगा। ताकि किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा मिल सके।
-सुदेश कुमार शर्मा, तहसीलदार, खौड़
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