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Jammu News: कम वोल्टेज की समस्या होगी हल, जम्मू संभाग में बदले जाएंगे ओवरलोड ट्रांसफार्मर
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- एक हजार से ज्यादा ट्रांसफार्मर हैं बिजली कारपोरेशन की सूची में
- जिलेवार होगा काम, तमाम कार्रवाई पूरी हो चुकी है
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ग्रामीण इलाकों में गर्मी और सर्दी में बिजली लोड बढ़ने से कम वोल्टेज की समस्या हल होने जा रही है। अब ओवरलोड ट्रांसफार्मरों को बदला जाएगा और इनकी जगह पर ज्यादा क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। जम्मू संभाग में कुल एक हजार के आसपास ट्रांसफार्मर बदले जाने हैं।
इसके लिए बीते साल बिजली कारपोरेशन की ओर से सर्वे करवाया गया था। अकसर ग्रामीण इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या रहती है या फिर लोड बढ़ने पर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं। कई बार तो जल भी जाते हैं। बिजली बहाली में लंबा समय लगता है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी आती है। ट्रांसफार्मर लगाने के लिए तमाम कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
मई से आरंभ होगा काम
जम्मू संभाग में 110, सांबा में 90, कठुआ में 92, उधमपुर में 108, रियासी में 80, किश्तवाड़ में 130, राजोरी में 90, पुंछ में 109, डोडा में 120 और रामबन में 71 अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। जम्मू शहर में 800 ट्रांसफार्मरों को बदल दिया गया है। पहले हालात यह थे कि जैसे ही लोड बढ़ता था तो ट्रांसफार्मर जल जाते थे। इससे लोगों के गर्मियों में काफी पसीने छूटते थे तो सर्दी में ठंड में ठिठुरना पड़ता था। तमाम ट्रांसफार्मर बदलने का काम मार्च 2025 से पहले करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण इलाकों में 25 एमवीए से लेकर 630 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं।
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ग्रामीण इलाकों में यह हैं हालात
ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफार्मर जलने पर बिजली आपूर्ति 24 घंटे बाद ही होती है। कई बार तो ज्यादा समय भी लग जाता है। गर्मी के मौसम में ग्रामीण इलाकों में जल्द बिजली बहाली के लिए लोग कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
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फसल की कटाई के समय जलते हैं ज्यादा ट्रांसफार्मर
फसल की कटाई के समय ज्यादा ट्रांसफार्मार जलते हैं। खेतों में लाइट की सुविधा के अलावा अन्य कार्यों से बिजली का लोड बढ़ता है। ऐसे में ट्रांसफार्मर जल जाते हैं। किसानों को बीच में ही काम रोकना पड़ता है।
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कोट
ग्रामीण इलाकों में बिजली ढांचे को मजबूत किया जाएगा। पहले सर्वे किया गया था। रिपोर्ट के आधार पर जम्मू संभाग में ट्रांसफार्मरों को बदला जाएगा। ज्यादा क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।
- मनहर गुप्ता, मुख्य अभियंता, बिजली कारपोरेशन
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- जिलेवार होगा काम, तमाम कार्रवाई पूरी हो चुकी है
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ग्रामीण इलाकों में गर्मी और सर्दी में बिजली लोड बढ़ने से कम वोल्टेज की समस्या हल होने जा रही है। अब ओवरलोड ट्रांसफार्मरों को बदला जाएगा और इनकी जगह पर ज्यादा क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। जम्मू संभाग में कुल एक हजार के आसपास ट्रांसफार्मर बदले जाने हैं।
इसके लिए बीते साल बिजली कारपोरेशन की ओर से सर्वे करवाया गया था। अकसर ग्रामीण इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या रहती है या फिर लोड बढ़ने पर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं। कई बार तो जल भी जाते हैं। बिजली बहाली में लंबा समय लगता है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी आती है। ट्रांसफार्मर लगाने के लिए तमाम कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
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मई से आरंभ होगा काम
जम्मू संभाग में 110, सांबा में 90, कठुआ में 92, उधमपुर में 108, रियासी में 80, किश्तवाड़ में 130, राजोरी में 90, पुंछ में 109, डोडा में 120 और रामबन में 71 अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। जम्मू शहर में 800 ट्रांसफार्मरों को बदल दिया गया है। पहले हालात यह थे कि जैसे ही लोड बढ़ता था तो ट्रांसफार्मर जल जाते थे। इससे लोगों के गर्मियों में काफी पसीने छूटते थे तो सर्दी में ठंड में ठिठुरना पड़ता था। तमाम ट्रांसफार्मर बदलने का काम मार्च 2025 से पहले करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण इलाकों में 25 एमवीए से लेकर 630 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाने हैं।
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ग्रामीण इलाकों में यह हैं हालात
ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफार्मर जलने पर बिजली आपूर्ति 24 घंटे बाद ही होती है। कई बार तो ज्यादा समय भी लग जाता है। गर्मी के मौसम में ग्रामीण इलाकों में जल्द बिजली बहाली के लिए लोग कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
फसल की कटाई के समय जलते हैं ज्यादा ट्रांसफार्मर
फसल की कटाई के समय ज्यादा ट्रांसफार्मार जलते हैं। खेतों में लाइट की सुविधा के अलावा अन्य कार्यों से बिजली का लोड बढ़ता है। ऐसे में ट्रांसफार्मर जल जाते हैं। किसानों को बीच में ही काम रोकना पड़ता है।
कोट
ग्रामीण इलाकों में बिजली ढांचे को मजबूत किया जाएगा। पहले सर्वे किया गया था। रिपोर्ट के आधार पर जम्मू संभाग में ट्रांसफार्मरों को बदला जाएगा। ज्यादा क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।
- मनहर गुप्ता, मुख्य अभियंता, बिजली कारपोरेशन