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कोरोना केस: सऊदी अरब से लौटा यात्री और आईएएस अफसर समेत 181 संक्रमित, जम्मू-कश्मीर में दो लोगों की मौत
Sat, 04 Dec 2021 01:54 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Dec 2021 01:54 AM IST
सार
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का प्रसार लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही संक्रमितों की संख्या में भी उछाल आ गया है। कोरोना के केस बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
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कोरोना टेस्ट
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में कोरोना के बढ़ते प्रसार ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बीते 24 घंटों में श्रीनगर में सऊदी अरब से लौटे व्यक्ति व जम्मू में एक महिला आईएएस अधिकारी समेत प्रदेश में शुक्रवार को 181 लोग संक्त्रस्मित मिले। इनमें कश्मीर संभाग से 125 मामलों समेत श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा में भी और 30 वैष्णो देवी यात्री संक्रमित पाए गए हैं।
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घाटी में दो कोविड मरीजों की मौत हुई है। जम्मू में एक ही परिवार और उनके संपर्क में कई लोगों के संक्रमित पाए जाने पर दोमाना पुलिस थाने और जम्मू वेस्ट के तहत जनरल लेन, सरस्वती बिहार, हजूरी बाग के निकट तालाब तिल्लो को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इससे पहले कोरोना की दूसरी लहर में जून-जुलाई महीने में ऐसे कंटेनमेंट जोन बनाए गए थे।
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इन जोन में आपात सेवाओं को छोड़कर आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इसमें सभी गतिविधियों पर लॉकडाउन रहेगा। वहीं, बारामुला में सातमाइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। इनमें कटीबग, कुंजर, जाबला उड़ी, परनपिल्लां उड़ी, नांबला उड़ी, बादामबाग सोपोर, प्रिंगल बोनियार व नूरखा बोनियार शामिल हैं।
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कंटेनमेंट जोन में पूरी तरह लॉकडाउन रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। डीसी जम्मू अंशुल गर्ग की ओर से जारी आदेश में माइक्त्रसे कंटेनमेंट जोन के सभी स्थानीय नागरिकों के कोविड परीक्षण किए जाएंगे। इसमें संबंधित मजिस्ट्रेट और एसएचओ सौ फीसदी सैंपलिंग और टेस्टिंग को सुनिश्चित बनाएंगे।
जोन में धारा-144 लागू रहेगी
आपात सेवाओं को लाक डाउन से बाहर रखा जाएगा। संक्त्रस्मित मरीजों के सैंपल जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। कोरोना संक्त्रस्मित यात्री के करीबी संपर्कों का पता लगाकर उनके टेस्ट किए जाएंगे। ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले में जोखिम वाले देशों से आए यात्रियों की रिपोर्ट अगर निगेटिव भी आती है तो भी उन्हें सात दिन तक होम क्वारंटीन रहना होगा और आठ दिन एक बार फिर उस यात्री को अपना टेस्ट करवाना होगा।
कम से कम दो सप्ताह तक यात्री को को अपने स्वास्थ्य पर नजर बनाए रखनी होगी। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग, वित्त आयुक्त, गृह विभाग के प्रधान सचिव, सड़क एवं भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और आईजीपी, मंडलायुक्त, जिला उपायुक्त, एसपी व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
कंटेनमेंट जोने में आपात सुविधा के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क
आपात चिकित्सा, व्यक्तिगत के लिए चौबीस घंटे कंट्रोल रूम 0191-2571616, 0191-2571912 पर संपर्क कर सकते हैं। कंटेनमेंट जोन में सभी के कोविड परीक्षण अनिवार्य होंगे और इससे मनाही करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान होगा। राजधानी श्रीनगर में सर्वाधिक 56 संक्रमित मामले मिले हैं।
प्रदेश के सात जिलों में कोई नया मामला नहीं
बीते 24 घंटों में बारामुला में 41, बडगाम में 11, जम्मू में 18 मामले मिले हैं। जिला रामबन, किश्तवाड़, सांबा, कठुआ, उधमपुर, शोपियां, कुलगाम में कोई संक्रमित मामला नहीं मिला है। प्रदेश में सक्रिय मामलों का आंकड़ा बढ़कर 1708 तक पहुंच गया है, जबकि अब तक 4479 लोगों की कोविड से मौत हो चुकी है। संक्रमण का प्रसार बढ़ने से आगामी दिनों में कोविड मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।
श्रीनगर एयरपोर्ट पर यात्रियों का आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य
श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आने वाले सभी यात्रियों का आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता की अध्यक्षता में हुई आपदा प्रबंधन विभाग की राज्य कार्यकारी कमेटी ने निर्देशावली जारी की है। इस राज्य कार्यकारी कमेटी की बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि अगर कोई व्यक्ति एयरपोर्ट पर संक्रमित पाया जाता है तो उसे संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा।
यात्री को अपना टेस्ट करवाना होगा
संक्रमित मरीजों के सैंपल जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। कोरोना संक्रमित यात्री के करीबी संपर्कों का पता लगाकर उनके टेस्ट किए जाएंगे। ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले में जोखिम वाले देशों से आए यात्रियों की रिपोर्ट अगर निगेटिव भी आती है तो भी उन्हें सात दिन तक होम क्वारंटीन रहना होगा और आठ दिन एक बार फिर उस यात्री को अपना टेस्ट करवाना होगा।
कम से कम दो सप्ताह तक यात्री को को अपने स्वास्थ्य पर नजर बनाए रखनी होगी। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग, वित्त आयुक्त, गृह विभाग के प्रधान सचिव, सड़क एवं भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और आईजीपी, मंडलायुक्त, जिला उपायुक्त, एसपी व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।