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सावधान! जम्मू संभाग के आठ जिलों में डेंगू की दस्तक
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जम्मू। कोविड चुनौतियों के बीच डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जम्मू संभाग के दस जिलों में से आठ में डेंगू ने दस्तक दे दी है। जिला जम्मू सबसे अधिक प्रभावित है। कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में भी डेंगू का मामला मिला है। सुंदरबनी में डेंगू से एक एटीएम गार्ड की मौत की पुष्टि हुई है। वह उपचार के लिए पंजाब के एक अस्पताल में भर्ती था। प्रदेश में अब तक 89 मामले मिल चुके हैं और अधिकतर मामले सितंबर माह में मिले हैं। इसके अलावा चार बिना शिनाख्त वाले डेंगू के मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अक्तूबर में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। 2020 की तुलना में इस साल अब तक अधिक पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं।
जम्मू जिले में तेजी से डेंगू पांव पसार रहा है। अब तक जिले में 61 मामले मिल चुके हैं। जीएमसी में रोजाना डेंगू के मामले पहुंच रहे हैं। इसके साथ वायरल बुखार के पीड़ितों का पहुंचना भी जारी है। डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी पर अधिकांश में परिवार वाले उचित इलाज के लिए पीड़ित को दूसरे राज्यों के अस्पतालों में ले जाते हैं। इनमें कई लोगों की मौत हो जाती है, जो रिपोर्ट नहीं होते हैं। इस सीजन प्रदेश में सुंदरबनी में एक एटीएम गार्ड की डेंगू से मौत की पुष्टि हुई है। बताया जाता है कि पीड़ित को 23 सितंबर को जीएमसी में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद परिवार वाले उसे पंजाब के एक अस्पताल में ले गए, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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इन जिलों में भी डेंगू ने पांव पसारे
इसके अलावा जिला सांबा में 9, कठुआ में 3, उधमपुर में 2, रियासी में 3, राजोरी में 3, पुंछ में 1, डोडा में 1 और कश्मीर के कुपवाड़ा में एक पाजिटिव मामला मिला है। एक अन्य पंजाब राज्य से स्थानीय मामले की पुष्टि हुई है। जीएमसी में तीन पाजिटिव मामले मिले हैं, लेकिन उनके पते गलत हैं, इसके अलावा एक सीआरपीएफ से पाजिटिव मामला मिला है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी जम्मू डॉ. जेपी सिंह का कहना है कि डेंगू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक होना चाहिए। उन्हें अपने स्तर पर सभी उपाय अपनाने चाहिए, ताकि डेंगू का मच्छर अंडे न दे सके, जिससे उन्हें पनपने में मदद मिलती है। बुखार और अन्य डेंगू के लक्षणों को गंभीरता से लें।
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खाली पुराने बर्तनों, टायरों में जमा न
होने दें पानी, कूलर-एसी को रखें साफ
स्टेट मलेरियाजिस्ट डॉ. बेलू शर्मा ने कहा कि डेंगू के मच्छरों के सफाए के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से फॉगिंग, स्प्रे सहित अन्य अभियान जारी हैं, लेकिन इससे बचाव के लिए लोगों को भी खुद सुरक्षित उपाय अपनाने होंगे। इसके लिए वे कूलर, पानी की खुली टंकी, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे बर्तन, टायर आदि में पानी जमा न होने दें। डेंगू का मच्छर अधिकांश दिन में काटता है, इसलिए शरीर को ढकने वाले वस्त्र पहनें। यह मच्छर 16 से 30 डिग्री के तापमान और 60 फीसदी आर्द्रता (उमस) में रह सकता है। तापमान में गिरावट पर ही डेंगू के मच्छर की सक्रियता कम होती है। कूलर या खड़े पानी को हफ्ते में दो बार बदलें। बुखार होने पर सामान्य दवाई लें और डाक्टर से तुरंत सलाह करें। बच्चों की सेहत पर खास ध्यान दें।
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जम्मू जिले में तेजी से डेंगू पांव पसार रहा है। अब तक जिले में 61 मामले मिल चुके हैं। जीएमसी में रोजाना डेंगू के मामले पहुंच रहे हैं। इसके साथ वायरल बुखार के पीड़ितों का पहुंचना भी जारी है। डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी पर अधिकांश में परिवार वाले उचित इलाज के लिए पीड़ित को दूसरे राज्यों के अस्पतालों में ले जाते हैं। इनमें कई लोगों की मौत हो जाती है, जो रिपोर्ट नहीं होते हैं। इस सीजन प्रदेश में सुंदरबनी में एक एटीएम गार्ड की डेंगू से मौत की पुष्टि हुई है। बताया जाता है कि पीड़ित को 23 सितंबर को जीएमसी में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद परिवार वाले उसे पंजाब के एक अस्पताल में ले गए, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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इन जिलों में भी डेंगू ने पांव पसारे
इसके अलावा जिला सांबा में 9, कठुआ में 3, उधमपुर में 2, रियासी में 3, राजोरी में 3, पुंछ में 1, डोडा में 1 और कश्मीर के कुपवाड़ा में एक पाजिटिव मामला मिला है। एक अन्य पंजाब राज्य से स्थानीय मामले की पुष्टि हुई है। जीएमसी में तीन पाजिटिव मामले मिले हैं, लेकिन उनके पते गलत हैं, इसके अलावा एक सीआरपीएफ से पाजिटिव मामला मिला है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी जम्मू डॉ. जेपी सिंह का कहना है कि डेंगू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक होना चाहिए। उन्हें अपने स्तर पर सभी उपाय अपनाने चाहिए, ताकि डेंगू का मच्छर अंडे न दे सके, जिससे उन्हें पनपने में मदद मिलती है। बुखार और अन्य डेंगू के लक्षणों को गंभीरता से लें।
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खाली पुराने बर्तनों, टायरों में जमा न
होने दें पानी, कूलर-एसी को रखें साफ
स्टेट मलेरियाजिस्ट डॉ. बेलू शर्मा ने कहा कि डेंगू के मच्छरों के सफाए के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से फॉगिंग, स्प्रे सहित अन्य अभियान जारी हैं, लेकिन इससे बचाव के लिए लोगों को भी खुद सुरक्षित उपाय अपनाने होंगे। इसके लिए वे कूलर, पानी की खुली टंकी, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे बर्तन, टायर आदि में पानी जमा न होने दें। डेंगू का मच्छर अधिकांश दिन में काटता है, इसलिए शरीर को ढकने वाले वस्त्र पहनें। यह मच्छर 16 से 30 डिग्री के तापमान और 60 फीसदी आर्द्रता (उमस) में रह सकता है। तापमान में गिरावट पर ही डेंगू के मच्छर की सक्रियता कम होती है। कूलर या खड़े पानी को हफ्ते में दो बार बदलें। बुखार होने पर सामान्य दवाई लें और डाक्टर से तुरंत सलाह करें। बच्चों की सेहत पर खास ध्यान दें।