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जेलों को कैदियों को फिर 90 दिन के लिए छोड़ा जाएगा
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर की जेलों में बंद उन कैदियों को छोड़ा जाएगा, जो संगीन अपराध में शामिल नहीं हैं। कोरोना संक्रमण की पहली लहर के चलते 2020 में जिन कैदियाें को 90 दिन की अंतरिम जमानत पर छोड़ा गया था, उन्हें फिर इसी तरह से जमानत पर रिहा किया जाएगा। एक सप्ताह में ऐसे कैदियों की सूची तैयार की जाएगी। इस प्रक्रिया में कैदियाें को जमानत अर्जी दायर करने के लिए बाकायदा वकील उपलब्ध करवाए जाएंगे।
कोरोना रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित जम्मू-कश्मीर की उच्च स्तरीय कमेटी के चेयरमैन जस्टिस अली मोहम्मद मागरे ने 11वीं बैठक में इस बाबत निर्देश जारी किए। जस्टिस मागरे ने कहा कि संगीन अपराध नहीं हैं तो कैदियों को रिहा किया जाए। बैठक में गृह विभाग के सचिव शालीन काबरा, जेल विभाग के डीजीपी बी श्रीनिवासन समेत अन्य उच्च अधिकारी मौजूद रहे। सुप्रीम कोर्ट ने 23 मार्च 2020 और 7 मई 2021 को आदेश दिया था कि जेलों से कैदियों की संख्या कम की जाए। इस आदेश को प्रभावी बनाने के लिए कमेटी गठित की गई थी। बैठक में कोविड को लेकर जेल विभाग द्वारा किए गए प्रबंधों की भी प्रशंसा की गई। कैदियों को 90 दिन की अंतरिम जमानत देने के मामले पर भी चर्चा की गई। साथ ही निर्णय लिया गया कि जिन कैदियों को 2020 में छोड़ा गया था, उन्हें फिर से 90 दिन के लिए छोड़ा जाएगा। उन कैदियों की जानकारी जुटाने को भी कहा, जिनको छोड़ा जा सकता है। एक हफ्ते के भीतर सूची तैयार की जाएगी। इसके अलावा जेल में सोशल डिस्टेसिंग और पूरी एहतियात बरतने का आदेश भी दिया गया। उन कैदियों को जमानत के लिए वकील भी मुहैया कराए जाएंगे, जो छोड़ने के लिए मान्य होंगे। जेलों के बाहर अस्थायी आवासीय सुविधा का भी सुझाव दिया गया, ताकि कैदियों को रखने में कोई दिक्कत न हो।
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कोरोना रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित जम्मू-कश्मीर की उच्च स्तरीय कमेटी के चेयरमैन जस्टिस अली मोहम्मद मागरे ने 11वीं बैठक में इस बाबत निर्देश जारी किए। जस्टिस मागरे ने कहा कि संगीन अपराध नहीं हैं तो कैदियों को रिहा किया जाए। बैठक में गृह विभाग के सचिव शालीन काबरा, जेल विभाग के डीजीपी बी श्रीनिवासन समेत अन्य उच्च अधिकारी मौजूद रहे। सुप्रीम कोर्ट ने 23 मार्च 2020 और 7 मई 2021 को आदेश दिया था कि जेलों से कैदियों की संख्या कम की जाए। इस आदेश को प्रभावी बनाने के लिए कमेटी गठित की गई थी। बैठक में कोविड को लेकर जेल विभाग द्वारा किए गए प्रबंधों की भी प्रशंसा की गई। कैदियों को 90 दिन की अंतरिम जमानत देने के मामले पर भी चर्चा की गई। साथ ही निर्णय लिया गया कि जिन कैदियों को 2020 में छोड़ा गया था, उन्हें फिर से 90 दिन के लिए छोड़ा जाएगा। उन कैदियों की जानकारी जुटाने को भी कहा, जिनको छोड़ा जा सकता है। एक हफ्ते के भीतर सूची तैयार की जाएगी। इसके अलावा जेल में सोशल डिस्टेसिंग और पूरी एहतियात बरतने का आदेश भी दिया गया। उन कैदियों को जमानत के लिए वकील भी मुहैया कराए जाएंगे, जो छोड़ने के लिए मान्य होंगे। जेलों के बाहर अस्थायी आवासीय सुविधा का भी सुझाव दिया गया, ताकि कैदियों को रखने में कोई दिक्कत न हो।
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