'नावेद को गोली मार दो, तुमसे नहीं होता तो हमें दे दो'
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नावेद, खुर्शीद और शौकत की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ने के बाद जब उन्हें वापस ले जाया गया तो अदालत परिसर में अन्य कैदियों से भरी बस से उन पर कामेंट किए गए।
पाकिस्तानी आतंकी को करीब से देख बस में सवार अन्य कैदियों ने पुलिस को कहा गोली मार दो इन्हें। तुमसे नहीं होता तो हमें दे दो। हम गोली मार देते हैं। इस पर एनआईए के साथ आई पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए उन्हें वाहनों में डाला और लेकर निकल गए।
उधमपुर हमले की जांच में अहम भूमिका निभा रहे नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के एसपी और जम्मू के पूर्व एसएसपी अतुल गोयल वीरवार को तीनों आतंकियों की पेशी के समय नहीं पहुंचे।
नावेद के चेहरे पर नहीं थे चिंता के भाव
उधमपुर आतंकी हमले के दौरान जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद के चेहरे पर चिंता के वह भाव आज नजर नहीं आए, जो घटना के बाद अकसर नजर आते रहे।
गिरफ्तारी के बाद हमेशा जज से बख्श देने की गुहार लगाने वाला नावेद वीरवार को अदालत में सामान्य नजर आया। न तो उसके सिर पर नकाब डाला गया और न ही उसे अतिरिक्त सुरक्षा के घेरे में रखा गया।
कुर्ता पैजामा और हवाई चप्पल पहने नावेद बिना किसी भय के फुर्ती के साथ एनआईए की विशेष अदालत में पहुंचा। हालांकि नावेद के अलावा खुर्शीद भट और शौकत भट को अलग-अलग वाहन में एक साथ अदालत लाकर उतारा गया, लेकिन नावेद अन्य आतंकियों से आगे बेधड़क चलता रहा।
मानो उसे अपने किए पर कोई अफसोस न हो। इसका अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि खुर्शीद और शौकत जहां मीडिया के कैमरों से बचने का प्रयास करते रहे, वहीं शौकत को फोटो खिंचवाने में कोई झिझक नजर नहीं आई।