जम्मू-कश्मीरः जेल में मरे कैदियों की मौत बनी रहस्य, पुलिस के टाल-मटोल भरे आश्वासन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबफला आसैर हीरानगर जेलों में एनडीपीएस मामलों में बंद कैदियों की हुई मौत रहस्य ही बन गई है। अभी तक मौत के कारणों का खुलासा जेल प्रशासन नहीं कर पाया है। मामलों में पुलिस को भी रिपोर्ट की जा चुकी है। इतना ही नहीं कैदियों की मौत पर सड़कों में चक्का जाम भी किया जा चुका है।
पुलिस और जेल प्रशासन के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों का राज खुल पाएगा। हीरानगर और अंबफला जेल में एनडीपीएस मामले में दो कैदी सजा काट रहे थे। दोनों की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हुई है। अंबफला जेल में एनडीपीएस मामले में काका कबाड़िया की मौत हो गई थी। इनकी मां कैलाश शर्मा के अनुसार उनका बेटा 28 सितंबर से बीमार था। इस दौरान बड़ा भाई भी उनसे मिलने जेल गया था।
इस दौरान काका कबाड़िया काफी घबराया हुआ था। 14 अक्तूबर को उसकी तबीयत फिर बिगड़ी थी। बड़ा भाई उनसे मिलने 14 अक्तूबर को एक बजे गया था। दूसरे दिन समाचार पत्रों के माध्यम से मौत का पता चला। जेल प्रशासन और पुलिस ने घर में मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
पुलिस से संपर्क करने पर टाल मटोल भरे आश्वासन मिल रहे हैं
इस संबंध में एसएसपी को भी शिकायतपत्र सौंपा गया है। साथ ही न्याय की मांग की गई है। पुलिस से संपर्क करने पर टाल मटोल भरे आश्वासन मिल रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का हवाला दिया जा रहा है। एक माह 9 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की जांच मद गति से चल रही है। कोई पता नहीं चल पाया है।
वहीं, हीरानगर में भी एनडीपीएस मामले में 15 दिन पहले सजा काट रहे कैदी की मौत हो गई थी। इस दौरान परिजनों ने खूब हंगामा किया था। बाड़ी ब्राह्मणा के पास चक्का जाम भी किया। अभी तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाया है। परिजनों ने मांग की है कि मौत के कारणों को सार्वजनिक किया जाएं।