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Jammu News: भ्रष्टाचार में फंसे राष्ट्रपति पदक धारक पुलिस अधिकारी को कोर्ट से राहत नहीं
Tue, 23 Sep 2025 02:37 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 23 Sep 2025 02:37 AM IST
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जम्मू। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने भ्रष्टाचार के मामले में फंसे राष्ट्रपति पदक धारक पुलिस अधिकारी के खिलाफ फैसला सुनाया है। कई दशकों तक पुलिस की नौकरी करने वाले अधिकारी को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते समय से पहले रिटायर कर दिया गया था। अधिकारी ने इस निर्णय को अदालत में चुनौती दी थी। कैट ने सोमवार को सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी।
उधमपुर निवासी रंजीत सिंह ने 1977 में पुलिस में कांस्टेबल के रूप में सेवा शुरू की थी। वह समय के साथ प्रमोशन पाकर एएसआई तक पहुंचे। सेवा के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति पुलिस पदक, डीजीपी मेडल और ऑपरेशन विजय मेडल जैसे कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त किए। 2011 में विजिलेंस ने उन्हें रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। इसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया और 2013 में सरकार ने अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी। उस समय की जांच में पाया गया कि अधिकारी ने जनता से राशि लेने के लिए धमकी दी और रिश्वत स्वीकार की।
2015 में सरकार ने इस अधिकारी को जनहित में अनुपयोगी मानते हुए समयपूर्व सेवानिवृत्त कर दिया। कैट ने सुनवाई के बाद कहा कि रिश्वत लेते पकड़े जाने का गंभीर आरोप है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अच्छे सेवा रिकॉर्ड और पुरस्कार इस दोष को छिपा नहीं सकते।
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उधमपुर निवासी रंजीत सिंह ने 1977 में पुलिस में कांस्टेबल के रूप में सेवा शुरू की थी। वह समय के साथ प्रमोशन पाकर एएसआई तक पहुंचे। सेवा के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति पुलिस पदक, डीजीपी मेडल और ऑपरेशन विजय मेडल जैसे कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त किए। 2011 में विजिलेंस ने उन्हें रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। इसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया और 2013 में सरकार ने अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी। उस समय की जांच में पाया गया कि अधिकारी ने जनता से राशि लेने के लिए धमकी दी और रिश्वत स्वीकार की।
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2015 में सरकार ने इस अधिकारी को जनहित में अनुपयोगी मानते हुए समयपूर्व सेवानिवृत्त कर दिया। कैट ने सुनवाई के बाद कहा कि रिश्वत लेते पकड़े जाने का गंभीर आरोप है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अच्छे सेवा रिकॉर्ड और पुरस्कार इस दोष को छिपा नहीं सकते।
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