जम्मू-कश्मीर: कठुआ कांड पर राष्ट्रपति ने जताई चिंता, बोले- यह देश के लिए शर्मनाक
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कठुआ कांड को देश के लिए शर्मनाक बताया है। उन्होंने रसाना (कठुआ) का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया लेकिन जम्मू कश्मीर की घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि एक मासूम बच्ची बर्बरता और निर्मम हत्या की शिकार हुई जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। देश के किसी न किसी कोने में कहीं न कहीं हमारे बच्चे जघन्य अपराधों का शिकार हो रहे हैं। बेटियों की सुरक्षा समाज की जिम्मेदारी है।
हम सभी की जिम्मेदारी बनती है कि देश के किसी भी भाग में किसी बेटी या बहन के साथ ऐसा न हो। स्वतंत्रता के 70 वर्षों के बाद भी देश के किसी भी हिस्से में ऐसी घटना वास्तव में सबको झकझोर कर रख देने वाली है। हम सभी को सोचना होगा कि हम कहां जा रहे हैं। हम कैसा समाज बना रहे हैं और अपनी भावी पीढ़ी को क्या दे रहे हैं। यहां मां, बहनों और बेटियों के लिए न्याय, स्वतंत्रता, समानता के बारे में काम करना होगा। वे बुधवार को श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी (एसएमवीडी) के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।
राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया में सबसे खूबसूरत चीज किसी मासूम बच्चे की मुस्कान है। समाज में सबसे बड़ी सफलता हमारे बच्चों का सुरक्षित होना है। हर बच्चे को सुरक्षा देना और उसे सुरक्षित महसूस कराना समाज की पहली जिम्मेदारी है। जीवन का उद्देश्य मानवीय मूल्य है और यह बहुत जरूरी है। अच्छी शिक्षा व्यवस्था वह है जो एक विद्यार्थी को अच्छा इंसान बनाए, जिसमें दूसरों के लिए संवेदनशीलता और सम्मान हो। जो अच्छा इंसान होगा वह जीवन में कहीं पर भी अच्छा होगा। अपने क्षेत्र में अलग छाप छोड़ेगा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी बेटों के मुकाबले बेटियों पर अधिक पाबंदियां लगाई जाती हैं।
महिलाओं के खिलाफ अत्याचार समाज को हिला देता है: महबूबा
इसके बावजूद वे अपने शक्ति और विवेक से हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं। कामनवेल्थ में भी बेटियों ने परचम लहराकर भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की तारीफ करते हुए कहा कि वह अपने पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की सोच और विरासत को आगे बढ़ाते हुए तमाम मुश्किलों के दौर से निकलकर इस कठिन और संवेदनशील प्रदेश को कुशल नेतृत्व दे रही हैं।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कमजोरों के खिलाफ विवादों और अधिकता से मुक्त मूल्य प्रणाली के विकास पर बल दिया जाना चाहिए। महिलाओं के खिलाफ अत्याचार समाज को हिला देता है। इससे सभी प्रकार की भौतिक वृद्धि अर्थहीन हो जाती है। एक ज्ञान आधारित समाज बनाने का प्रयास होना चाहिए। मूल्यवर्धक शिक्षा को हमारे सभी सीखने के प्रयासों का एक अभिन्न अंग बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री महबूबा श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी, कटड़ा के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं।