President in J&K: कटड़ा में स्काईवॉक व पार्वती भवन तैयार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी शुभारंभ
कटड़ा में मां वैष्णो देवी भवन पर बने स्काईवॉक व नवदुर्गा पथ का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उद्घाटन करेंगी। दौरे के मद्देनजर श्रीनगर से लेकर कटड़ा तक सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जम्मू कश्मीर के अपने पहले दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को पहुंच गई हैं। पहले दिन वह श्रीनगर में कश्मीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। दूसरे दिन वीरवार को कटड़ा में मां वैष्णो देवी भवन पर बने स्काईवॉक व नवदुर्गा पथ का उद्घाटन करेंगी।
दौरे के मद्देनजर श्रीनगर से लेकर कटड़ा तक सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं। ड्रोन तथा सीसीटीवी कैमरे से उनके दौरास्थल पर नजर रखी जाएगी। सादी वर्दी में खुफिया टीमें भी तैनात की गई हैं।
राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता के अनुसार श्रीनगर पहुंचने के बाद वे कश्मीर विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। इसी दिन वे राजभवन में स्थानीय जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मिलेंगी। राजभवन में ही उनके सम्मान में आयोजित रात्रि भोज में भी वे शामिल होंगी। अगले दिन वे श्रीनगर से जम्मू पहुंचेंगी। इसके बाद वे माता वैष्णो देवी भवन पहुंचकर पार्वती भवन तथा स्काईवॉक का शुभारंभ करेंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की बुधवार की कश्मीर यात्रा को देखते हुए श्रीनगर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर श्रीनगर शहर को हाई अलर्ट पर कर दिया गया है। वहीं कश्मीर विश्वविद्यालय के आसपास पुलिस, अर्धसैनिक बल, सीआरपीएफ सहित अन्य सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। शहर में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी नजर रखी जा रही है।
वहीं, कटड़ा में रेलवे स्टेशन के पास बने हैलीपैड की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इससे पहले सोमवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी।
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स्काईवॉक के प्रवेश द्वार पर 60 मीटर लंबा गुफा, माता के नौ रूपों की झलक
माता वैष्णो देवी भवन पर भीड़भाड़ से बचने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्काईवॉक 300 मीटर लंबा है। इसे डेढ़ साल में 15 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। इसमें मां दुर्गा के नौ रूपों को प्रतिबिंबित किया गया है जिसे नव दुर्गा पथ नाम दिया गया है। प्रवेश द्वार पर 60 मीटर लंबी गुफा बनाई गई है ताकि श्रद्धालुओं को मां वैष्णो देवी की प्राचीन गुफा का अहसास हो सके।
प्रत्येक 100 मीटर की दूरी पर यात्रियों के लिए प्रतीक्षा हॉल का निर्माण किया गया है। स्काईवॉक के एक ओर शीशा लगाया गया है ताकि श्रद्धालुओं को भवन के दर्शन होते रहें। स्काईवॉक से एक समय में छह हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच सकेंगे। इसे ट्रैक से 20 मीटर की ऊंचाई पर बनाया गया है।
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