जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा को लेकर तेज हुई तैयारियां
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29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। यात्रियों के लिए आधार शिविर भगवती नगर जम्मू को चमकाने का काम शुरू हो गया है। इसमें रंग रोगन, बिजली समेत मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं। शिव भक्तों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लखनपुर से लेकर पवित्र गुफा तक पुख्ता इंतजाम करने पर जोर दिया गया है।
देशभर से जम्मू पहुंचने वाले यात्रियों के लिए यात्रा के दौरान वैष्णवी धाम, सरस्वती धाम, जम्मू हाट, गीता भवन और राम मंदिर पुरानी मंडी में आन स्पॉट (तत्काल) पंजीकरण की सुविधा दी जाएगी। इसमें साधुओं का भी पंजीकरण होगा। आन स्पॉट पंजीकरण के लिए पहले टोकन लेना पड़ेगा, जिसमें निर्धारित तिथि पर ही पंजीकरण किया जाएगा।
यात्रियों के लिए आधार शिविर भगवती नगर के तीनों डारमेट्री हाल को वातानुकूलित करने के लिए डीपीआर तैयार की गई है। क्लॉक रूम में लाकरों की संख्या दो सौ से बढ़ाकर चार सौ की जाएगी।
7500 यात्रियों के दल किए जाएंगे रवाना
अमरनाथ यात्रा के लिए आने वाले हजारों यात्रियों के लिए आधार शिविर भगवती नगर जम्मू पहला मुख्य पड़ाव रहता है। शहर के विभिन्न काउंटरों से पंजीकरण करवाकर यात्री आधार शिविर से ही रोजाना कड़ी सुरक्षा के साथ यात्रा के लिए रवाना होते हैं। यहां तेरह बड़े हाल में एक समय 1300 यात्रियों को ठहराया जाता है। इसके अलावा बाहर शेड के नीचे पांच सौ यात्रियों को ठहराया जा सकता है। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर आसपास बैंचों व आधार शिविर के फुटपाथ पर दो से तीन सौ यात्रियों को एडजेस्ट किया जाता है।
अमूमन 15 जून तक आधार शिविर को पर्यटन विभाग को सौंपा जाता है। जिसके आगे अन्य विभागों के साथ मिलकर यात्रा प्रबंधों को पूर्ण किया जाता है। यात्रा के लिए प्रतिदिन बालटाल और पहलगाम रूट से 7500-7500 यात्रियों को भेजने की व्यवस्था रहेगी। इसी तरह पुराने शहर के प्रमुख श्री राम मंदिर पुरानी मंडी में एक समय पांच हजार साधु संतों को ठहराने की व्यवस्था रहेगी। यहां साधुओं के लिए तीनों समय लंगर के साथ चिकित्सा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं रहती हैं।
गीता भवन सहित अन्य स्थानों पर भी बड़ी संख्या में यात्रियों और साधुओं को ठहराया जाता है। वर्ष 2011 में 45 दिन की यात्रा में अब तक आल टाइम 6.36 रिकार्ड यात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। जबकि 2016 में 48 दिन की यात्रा में यह आंकड़ा 2.20 लाख रहा था।