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Jammu News: बिना सुरक्षा के खुले में रखे ट्रांसफार्मर, बिजली के साथ हादसों की सप्लाई
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर की करीब 150 प्रमुख जगहों पर बिजली निगम के ट्रांसफार्मर लगे हैं, मगर ज्यादातर ट्रांसफार्मरों को मानकों के हिसाब से नहीं लगाया गया। खुले में ट्रांसफार्मर होने के कारण हादसों का खतरा मंडरा रहा है। बिजली विभाग ने सुरक्षा को लेकर ट्रांसफार्मर के चारों ओर घेरा तक नहीं बनाया। नियम के तहत सड़क या आबादी के बीच ट्रांसफार्मर खुले में नहीं होने चाहिए। ट्रांसफार्मर से ढाई मीटर की दूरी पर चारों ओर फेंसिंग कम से कम तीन मीटर ऊंचाई तक होनी चाहिए। जमीन से पांच से छह मीटर की ऊंचाई पर ट्रांसफार्मर को रखा जाना चाहिए, लेकिन हकीकत इसके विपरित है। इस कारण कभी भी मवेशी व लोग करंट की चपेट में आ सकते हैं। लोगों की शिकायतों के बाद भी बिजली निगम के अधिकारी संजीदा नहीं दिख रहे।
तंग गलियों से लेकर भीड़भाड़ के इलाकों में रखे खुले ट्रांसफार्मर लापरवाही का जीता जागता उदाहरण है। यहां से गुजरने वाला व्यक्ति कब चपेट में आ जाए, उसका अहसास जिम्मेदारों को नहीं है। मानसून सीजन में करंट लगने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। इंदिरा चौक के आसपास इलाके, पुरानी मंडी, शालामार और पनामा चौक के अलावा कई जगहों पर खुले चबूतरे या फिर कमजोर खंभों पर ट्रांसफार्मर रखे हैं। यही नहीं, ट्रांसफार्मर से निकले तार जमीन को छूने के कगार पर हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना का डर है। बिजली विभाग की अनदेखी लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। प्रमुख बाजारों और मोहल्लों के लोगों की मानें तो कम से कम 150 जगहों पर खुले में ट्रांसफार्मर रखे हैं। इन्हें सही से रखने के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों से कहा गया, पर सुनवाई नहीं हुई।
शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
शहर वासियों की शिकायत के बावजूद ट्रांसफार्मर के आसपास घेरा नहीं बनाया गया। ट्रांसफार्मर को किसी दूसरी जगह स्थानांतरित भी नहीं किया गया। लगभग सभी ट्रांसफार्मर ऐसी स्थिति में हैं। बिजली विभाग की लापरवाही से खतरा मंडरा रहा है। यह परेशानी व्यापारी अजय कपूर, सुशील कुमार, शिव सिंह ने बताई। उनका कहना है कि खुली जगहों पर रखे ट्रांसफार्मरों का अधिकारियों ने अगर संज्ञान नहीं लिया तो दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
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जहां कहीं भी खुले में ट्रांसफार्मर होने की जानकारी मिलती है, वहां तत्काल सुरक्षा घेरा बनवाकर रखवा दिया जाता है। यदि कहीं खुले में ट्रांसफार्मर है तो उन्हें मानकों के हिसाब से रखवाएंगे।
- राजेश शर्मा, कार्यकारी अभियंता जम्मू
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जम्मू। शहर की करीब 150 प्रमुख जगहों पर बिजली निगम के ट्रांसफार्मर लगे हैं, मगर ज्यादातर ट्रांसफार्मरों को मानकों के हिसाब से नहीं लगाया गया। खुले में ट्रांसफार्मर होने के कारण हादसों का खतरा मंडरा रहा है। बिजली विभाग ने सुरक्षा को लेकर ट्रांसफार्मर के चारों ओर घेरा तक नहीं बनाया। नियम के तहत सड़क या आबादी के बीच ट्रांसफार्मर खुले में नहीं होने चाहिए। ट्रांसफार्मर से ढाई मीटर की दूरी पर चारों ओर फेंसिंग कम से कम तीन मीटर ऊंचाई तक होनी चाहिए। जमीन से पांच से छह मीटर की ऊंचाई पर ट्रांसफार्मर को रखा जाना चाहिए, लेकिन हकीकत इसके विपरित है। इस कारण कभी भी मवेशी व लोग करंट की चपेट में आ सकते हैं। लोगों की शिकायतों के बाद भी बिजली निगम के अधिकारी संजीदा नहीं दिख रहे।
तंग गलियों से लेकर भीड़भाड़ के इलाकों में रखे खुले ट्रांसफार्मर लापरवाही का जीता जागता उदाहरण है। यहां से गुजरने वाला व्यक्ति कब चपेट में आ जाए, उसका अहसास जिम्मेदारों को नहीं है। मानसून सीजन में करंट लगने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। इंदिरा चौक के आसपास इलाके, पुरानी मंडी, शालामार और पनामा चौक के अलावा कई जगहों पर खुले चबूतरे या फिर कमजोर खंभों पर ट्रांसफार्मर रखे हैं। यही नहीं, ट्रांसफार्मर से निकले तार जमीन को छूने के कगार पर हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना का डर है। बिजली विभाग की अनदेखी लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। प्रमुख बाजारों और मोहल्लों के लोगों की मानें तो कम से कम 150 जगहों पर खुले में ट्रांसफार्मर रखे हैं। इन्हें सही से रखने के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों से कहा गया, पर सुनवाई नहीं हुई।
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शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
शहर वासियों की शिकायत के बावजूद ट्रांसफार्मर के आसपास घेरा नहीं बनाया गया। ट्रांसफार्मर को किसी दूसरी जगह स्थानांतरित भी नहीं किया गया। लगभग सभी ट्रांसफार्मर ऐसी स्थिति में हैं। बिजली विभाग की लापरवाही से खतरा मंडरा रहा है। यह परेशानी व्यापारी अजय कपूर, सुशील कुमार, शिव सिंह ने बताई। उनका कहना है कि खुली जगहों पर रखे ट्रांसफार्मरों का अधिकारियों ने अगर संज्ञान नहीं लिया तो दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
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जहां कहीं भी खुले में ट्रांसफार्मर होने की जानकारी मिलती है, वहां तत्काल सुरक्षा घेरा बनवाकर रखवा दिया जाता है। यदि कहीं खुले में ट्रांसफार्मर है तो उन्हें मानकों के हिसाब से रखवाएंगे।
- राजेश शर्मा, कार्यकारी अभियंता जम्मू