{"_id":"687fe7c40e706137b0000483","slug":"portal-will-help-victims-of-terrorism-srinagar-news-c-264-1-sr11002-104195-2025-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: आतंकवाद पीड़ितों की मदद करेगा पोर्टल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: आतंकवाद पीड़ितों की मदद करेगा पोर्टल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकवाद पीड़ितों को त्वरित मदद दिलाने के लिए मंगलवार को वेब पोर्टल लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि यह पहल पीड़ित लोगों को राहत, अनुकंपा नियुक्ति और अन्य प्रकार की सहायताएं प्रदान करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और त्वरित करेगी।
गृह विभाग ने नेशनल इन्फाॅर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के सहयोग से वेब पोर्टल तैयार किया है। आतंकवाद पीड़ित परिवारों का व्यापक जिलावार डेटा जुटाने और उसे सहेजने की दिशा में यह एक केंद्रीकृत मंच के रूप में कार्य करेगा। पीड़ितों या उनके रिश्तेदारों की संपत्ति पर अतिक्रमण का विवरण भी एकत्र किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी वाजिब मामला अनसुलझा न रहे और फर्जी या एक से अधिक दावों को खारिज किया जा सके।
उपराज्यपाल प्रदेश के सभी मामलों की निगरानी और देखरेख कर रहे हैं। प्रदेश में दोनों संभागों- जम्मू (0191-2478995) और कश्मीर (0194-2487777) में संभागीय आयुक्तों के कार्यालयों में एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किए गए हैं। आतंकवाद प्रभावित परिवार मुआवजा, अनुग्रह राशि और अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियों से संबंधित शिकायतें करने के साथ ही जानकारियां भी इनसे हासिल कर सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर पर आने वाली शिकायतों को दर्ज करने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
विज्ञापन
शिकायतों और लंबित दावों की नियमित निगरानी, समन्वय और कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के कार्यालयों में विशेष निगरानी प्रकोष्ठों का गठन किया गया है। ये विशेष प्रकोष्ठ समय-समय पर लंबित और निपटारे की स्थिति की समीक्षा करेंगे। दावों का समय पर निपटारा हो, यह सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय करेंगे। पोर्टल की लॉन्चिंग में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, डीजीपी नलिन प्रभात समेत अन्य आला अफसर ऑनलाइन जुड़े।
विज्ञापन
गृह विभाग ने नेशनल इन्फाॅर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के सहयोग से वेब पोर्टल तैयार किया है। आतंकवाद पीड़ित परिवारों का व्यापक जिलावार डेटा जुटाने और उसे सहेजने की दिशा में यह एक केंद्रीकृत मंच के रूप में कार्य करेगा। पीड़ितों या उनके रिश्तेदारों की संपत्ति पर अतिक्रमण का विवरण भी एकत्र किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी वाजिब मामला अनसुलझा न रहे और फर्जी या एक से अधिक दावों को खारिज किया जा सके।
विज्ञापन
उपराज्यपाल प्रदेश के सभी मामलों की निगरानी और देखरेख कर रहे हैं। प्रदेश में दोनों संभागों- जम्मू (0191-2478995) और कश्मीर (0194-2487777) में संभागीय आयुक्तों के कार्यालयों में एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किए गए हैं। आतंकवाद प्रभावित परिवार मुआवजा, अनुग्रह राशि और अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियों से संबंधित शिकायतें करने के साथ ही जानकारियां भी इनसे हासिल कर सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर पर आने वाली शिकायतों को दर्ज करने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
विज्ञापन
शिकायतों और लंबित दावों की नियमित निगरानी, समन्वय और कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के कार्यालयों में विशेष निगरानी प्रकोष्ठों का गठन किया गया है। ये विशेष प्रकोष्ठ समय-समय पर लंबित और निपटारे की स्थिति की समीक्षा करेंगे। दावों का समय पर निपटारा हो, यह सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय करेंगे। पोर्टल की लॉन्चिंग में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, डीजीपी नलिन प्रभात समेत अन्य आला अफसर ऑनलाइन जुड़े।