शहर के पार्कों में पेयजल सुविधा नहीं, योजना अधर में
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शहर के विभिन्न पार्कों में पेयजल सुविधा न होने से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। सरकारी उदासीनता का आलम यह है कि शहर के दो पार्कों में पेयजल सुविधा के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट को सरकार ने अभी तक मंजूरी नहीं दी है। पिछले चार सालों से प्रोजेक्ट सरकारी दफ्तरों में चक्कर काट रहा है।
गौरतलब है कि शहर के ड्रीमलैंड पार्क और शहीद भगत पार्क में बोर वेल के माध्यम से पानी की किल्लत को दूर करने की योजना बनाई गई थी। चूंकि सबसे अधिक कार्यक्रम और लोगों के लिए खुले इन दोनों पार्कों को अधिक इस्तेमाल किया जाता है इसलिए योजना में इन दोनों पार्कों को शामिल किया गया और करीब बीस लाख का प्रोजेक्ट बनाकर भेजा गया।
वर्ष 2011 में बने इस प्रोजेक्ट को फ्लोरीकल्चर विभाग ने सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं दी है। ऐसे में बिना पानी के लोगों को पार्कों में भारी दिक्कतों से दो चार होना पड़ता है।
19 लाख का था प्रोजेक्ट
पार्कों में पानी के लिए विभाग ने जो प्रोजेक्ट बनाया उसमें शहीद भगत सिंह पार्क और ड्रीमलैंड पार्क में डीप बोरवेल के माध्यम से भूमिगत पानी लाया जाना था। इसके बाद दोनों पार्कों में एक्वागार्ड से सुरक्षित वाटर कूलर भी लगाया जाना था।
दोनों पार्कों में कुल उन्नीस लाख 22 हजार रुपये की राशि खर्च की जानी थी जिसमें 12 लाख रुपये ड्रीमलैंड पार्क और बाकी शहीद भगत सिंह पार्क में खर्च किया जाना था।
जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद
प्रोजेक्ट में कुछ खामियों की वजह से प्रोजेक्ट को वापिस कर दिया गया। इसके बाद विभाग ने फिर से प्रोजेक्ट को सरकार से मंजूरी के लिए भेज दिया है। अब जल्द ही प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
- सुनील सिंह, एडी फ्लोरीकल्चर विभाग