Poonch Terror Attack: पुंछ में आतंकी हमले ने ताजा किए ढांगरी के जख्म, आतंकियों का जल्द खात्मा करने की मांग
ढांगरी हमले में मारे गए दो सगे भाइयों की मां सरोज बाला ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि पुंछ में सैन्य वाहन में आतंकियों ने हमला कर पांच जवानों को शहीद कर दिया है। उनके दो मासूम बच्चों की याद ताजा हो गई, जिन्हें पाकिस्तानी आतंकियों ने बिना किसी कारण गोलियों का निशाना बनाया था।
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भाटादूड़ियां में आतंकी हमले ने राजोरी के ढांगरी में इसी साल एक जनवरी को हुए नरसंहार के जख्मों को हरा कर दिया। सैन्य जवानों की शहादत की खबर सुनते ही ढांगरी के पीड़ित परिवारों के भी दिल पसीज गए और अपनों की याद ताजा कर दी, जिनको आतंकवादियों ने इसी साल एक जनवरी की शाम को अपनी गोलियों का निशाना बनाया था।
एक जनवरी को ढांगरी हमले में मारे गए दो सगे भाइयों की मां सरोज बाला ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि पुंछ में सैन्य वाहन में आतंकियों ने हमला कर पांच जवानों को शहीद कर दिया है, तो उन्हें अपने दो मासूम बच्चों की याद ताजा हो गई, जिन्हें पाकिस्तानी आतंकियों ने बिना किसी कारण गोलियों का निशाना बनाया।
बताया कि यदि ढांगरी हमले में शामिल आतंकियों को समय रहते ढेर कर दिया होता और शायद पुंछ के भाटादूड़ियां में आतंकी घटना नहीं घटती। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि कहीं न कहीं हमारी सुरक्षा एजेंसियों की विफलता रही है कि ढांगरी के लोगों को चार महीने बीत जाने के बाद भी न्याय नहीं मिला।
जिसके चलते पुंछ में इतनी बड़ी घटना घटी है कि जिसकी जितने कड़े शब्दों में निंदा की जाए कम है। ढांगरी के सरपंच धीरज कुमार शर्मा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी यह बयान दे सकते हैं कि आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे, लेकिन वह ढांगरी के निर्दोष लोगों को अपना निशाना बनाकर कहां गायब हो गए, इस बात का पता चार महीने बाद भी नहीं चला।
पीड़ित परिवारों ने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मांग की कि पाकिस्तान को एक बार फिर ऐसा सबक सिखाया जाए कि दोबारा से भारत की धरती पर आतंकवादी भेजने का साहस न करे।
पूरे जम्मू संभाग में गम, गुस्सा और उबाल
भाटादूड़ियां में आतंकी हमले के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में गम, गुस्सा और उबाल है। शहर से लेकर गांव तक आतंकियों का खात्मा करने की मांग उठ रही है। जम्मू संभाग के लगभग सभी जिलों में प्रदर्शन किए गए। राजनीतिक, सामाजिक संगठनों के साथ गुस्साए लोग सड़कों पर उतर आए और पाकिस्तान के झंडों के साथ आतंकियों के पुतले फूंके।
जम्मू के साथ ही कठुआ, सांबा, राजोरी, पुंछ, उधमपुर, रामबन, रियासी, किश्तवाड़ में लोगों ने सड़क पर उतरकर पाकिस्तान के खिलाफ भड़ास निकाली। गांव-गांव तक विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। महिलाओं से लेकर बच्चों तक ने इनमें शिरकत कर पाकिस्तान मुर्दाबाद, आतंकवाद का सफाया करो के नारे लगाए।
हर तरफ आक्रोश के बीच बस यही मांग थी कि पाकिस्तान को इस नापाक हरकत का मुंह तोड़ जवाब दिया जाए। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल मार्च भी निकाले गए।
पुंछ शहर समेत बस स्टैंड, पुंछ किले के पास बड़ी संख्या में भाजपा के साथ लोगों ने प्रदर्शन किए। नापाक इरादों वाले पाकिस्तान का पुतला फूंक इसे सबक सिखाने की मांग की। जम्मू-पुंछ हाईवे को भी दोमाना के पास जाम कर लोगों ने आक्रोश जताया।