अपराधी को पकड़ने गई पुलिस ने महिलाओं पर ढहाया कहर
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जिले की सुरनकोट तहसील के गांव पोठा निवासियों ने वीरवार को जम्मू पुंछ राजमार्ग बंद कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस वालों ने ग्रामीण महिलाओं को प्रताडि़त कर उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
प्रदर्शन के दौरान हुई पत्थरबाजी में तीन महिलाएं और दो पुलिसकर्मिओं समेत एसएचओ सुरनकोट घायल हो गए।प्राप्त जानकारी के मुताबिक वीरवार को सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण इकट्ठा होकर जम्मू पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग का जाम कर दिया। इसके बाद उन्होंने टायर जलाकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
करीब चार घंटे चले इस प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं प्रदर्शन की खबर मिलते ही जैसे ही एसएचओ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का समझाने का प्रयास किया वैसे ही आक्रोशित लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। जिसमें तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज
इसके बाद पुलिस द्वारा लाठी चार्ज में तीन महिलाएं भी घायल हुईं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बुधवार देर रात का पुलिस ने गांव निवासी अब्दुल गनी के घर पर छापा मारा और इस दौरान पुलिस ने घर में मौजूद पुरुषों के साथ महिलाओं की जम कर पिटाई की और उन्हें प्रताडि़त किया।
वहीं इस बारे में पुलिस का कहना है कि अब्दुल गनी का 35 वर्षीय पुत्र
इम्तेयाज अहमद हत्या और बलात्कार का आरोपी है। 14 सितंबर को कोर्ट ले जाते
वक्त वह फरार हो गया था। जिसकी धरपकड़ के लिए पुलिस ने छापेमारी की।
पुलिस
ने प्रदर्शनकारियों के सारे आरोपों का सिरे से खरीज कर दिया है। वहीं मौके
जिला विकास आयुक्त नीसार अहमद वानी द्वारा निष्पक्ष जांच के आश्वासन पर
प्रदर्शन समाप्त हुआ। हत्या और बलात्कार के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस को सुरनकोट तहसील के गांव पोठा निवासियों के गुस्से का सामना करना पड़ा।