{"_id":"64d698089ce54294db03f097","slug":"political-tarun-chugh-aligation-jammu-news-c-10-jam1004-179921-2023-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार के लिए अब्दुल्ला व मुफ्ती ने पाक आईएसआई से मिलाया था हाथ : तरुण चुघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार के लिए अब्दुल्ला व मुफ्ती ने पाक आईएसआई से मिलाया था हाथ : तरुण चुघ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कहा-दोनों परिवार फिर हिंसा और अशांति फैलाने की कोशिश में, पर मंसूबे सफल नहीं होंगे
श्रीनगर । कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार के लिए अब्दुल्ला और मुफ्ती ने पाक आईएसआई से हाथ मिलाया था। यह आरोप भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने वीरवार को लगाए। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के परिवारों पर 1989 से कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार के आरोप हैं। कश्मीरी पंडितों की बड़े पैमाने पर हत्याएं करने और उन्हें 1990 के दशक में राज्य छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।
संसद में फारूक अब्दुल्ला के इस तर्क पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कि उनकी सरकार ने 1989 में कश्मीरी पंडितों की रक्षा करने की कोशिश की थी, इस पर चुघ ने कहा कि यह झूठ का पुलिंदा था। तथ्य यह है कि अब्दुल्ला कश्मीरी पंडितों की हत्या और बलात्कार जैसे अत्याचार करने और उन्हें राज्य छोड़ने के लिए मजबूर करने की योजना का मौसा था। यह अब्दुल्ला और मुफ्ती की राष्ट्र-विरोधी राजनीति थी, जिसने जम्मू-कश्मीर को पतन के कगार पर पहुंचा दिया। एजेंसी
जम्मू-कश्मीर में हुई है नए युग की शुरुआत
अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए चुघ ने कहा कि तब से जम्मू-कश्मीर में एक नए युग की शुरुआत हुई है। लोगों ने विकास और प्रगति का एक नया जीवन जीना शुरू कर दिया है। वे कर्फ्यू और पत्थरों की बात नहीं करते। वे प्रगति और विकास की बात करते हैं। जबकि, अब्दुल्ला और मुफ्ती जम्मू-कश्मीर को फिर से हिंसा और अशांति के स्तर पर ले जाने पर आमादा हैं। लेकिन अब उनके राष्ट्र विरोधी मंसूबे सफल नहीं होंगे, क्योंकि लोग उनकी दुष्ट राजनीतिक साजिशों के प्रति जाग गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीनगर । कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार के लिए अब्दुल्ला और मुफ्ती ने पाक आईएसआई से हाथ मिलाया था। यह आरोप भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने वीरवार को लगाए। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के परिवारों पर 1989 से कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार के आरोप हैं। कश्मीरी पंडितों की बड़े पैमाने पर हत्याएं करने और उन्हें 1990 के दशक में राज्य छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।
संसद में फारूक अब्दुल्ला के इस तर्क पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कि उनकी सरकार ने 1989 में कश्मीरी पंडितों की रक्षा करने की कोशिश की थी, इस पर चुघ ने कहा कि यह झूठ का पुलिंदा था। तथ्य यह है कि अब्दुल्ला कश्मीरी पंडितों की हत्या और बलात्कार जैसे अत्याचार करने और उन्हें राज्य छोड़ने के लिए मजबूर करने की योजना का मौसा था। यह अब्दुल्ला और मुफ्ती की राष्ट्र-विरोधी राजनीति थी, जिसने जम्मू-कश्मीर को पतन के कगार पर पहुंचा दिया। एजेंसी
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर में हुई है नए युग की शुरुआत
अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए चुघ ने कहा कि तब से जम्मू-कश्मीर में एक नए युग की शुरुआत हुई है। लोगों ने विकास और प्रगति का एक नया जीवन जीना शुरू कर दिया है। वे कर्फ्यू और पत्थरों की बात नहीं करते। वे प्रगति और विकास की बात करते हैं। जबकि, अब्दुल्ला और मुफ्ती जम्मू-कश्मीर को फिर से हिंसा और अशांति के स्तर पर ले जाने पर आमादा हैं। लेकिन अब उनके राष्ट्र विरोधी मंसूबे सफल नहीं होंगे, क्योंकि लोग उनकी दुष्ट राजनीतिक साजिशों के प्रति जाग गए हैं।
विज्ञापन