जम्मू-कश्मीर के सियासी दलों ने कहा,अल्पसंख्यक मामले में सर्वोच्च अदालत का फैसला होगा मान्य
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देश की सर्वोच्च अदालत के जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यक मामले में केंद्र और राज्य सरकार को बैठक कर रिपोर्ट न्यायालय में सौंपने के आदेश पर रियासत के सियासी दलों में कांग्रेस, भाजपा और पैंथर्स पार्टी ने कहा है कि अदालत का फैसला मान्य होगा। वहीं, नेकां और पीडीपी ने मामले पर चुप्पी साध ली है।
पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री हर्ष देव सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार को जम्मू कश्मीर में असली अल्पसंख्यक कौन हैं, उसकी निशानदेही करनी चाहिए।
उनका कहना है कि जम्मू कश्मीर में जो अल्पसंख्यक हैं उन्हें ही अल्पसंख्यकों को मिलने वाले लाभ मिलने चाहिए। राज्य सरकार को अपना दायित्व पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही से निभाना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय जो भी फैसला देगा वह मान्य होगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस-भाजपा सहमत
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार को अल्पसंख्यकों की निशानदेही कर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा है। सरकारों को अपना पक्ष रखना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट संविधान व सत्यता के आधार पर फैसला लेता है और यह सभी को मान्य होता है।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा ने कहा कि सरकार इस पर काम करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले या आदेशों पर कोई टिप्पणी की गुंजाइश नहीं होती। वह सभी को मान्य होता है। नेशनल कांफ्रेंस व पीडीपी के नेताओं से इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह अभी इस पर टिप्पणी करना नहीं चाहते।