{"_id":"664a9ed507f438a86a09b364","slug":"political-news-jammu-news-c-266-1-sr31001-101581-2024-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों से करवाई जाए आतंकी घटनाओं की जांच : फारूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों से करवाई जाए आतंकी घटनाओं की जांच : फारूक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेकां प्रमुख ने कहा - पूर्व सरपंच को आतंकियों ने मारा है या किसी स्थानीय ने, पता लगाना जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के शोपियां और अनंतनाग में हुई दो आतंकी घटनाओं की निंदा की और इसकी जांच अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों से करवाने की वकालत की। शनिवार को आतंकियों द्वारा भाजपा के पूर्व सरपंच और एक पर्यटक दंपती को गोली मारने की घटना पर फारूक ने कहा कि यहां आतंकवाद कायम है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पूर्व सरपंच एजाज अहमद शेख भाजपा का सदस्य है। इसकी जांच की जानी चाहिए। उसे आतंकवादियों ने मारा है या किसी स्थानीय ने, इसका पता लगाना जरूरी है।
इस तरह के हमलों से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। कल मैंने कहा था कि जब तक आतंकवाद नहीं रुकेगा, हमारे पड़ोसी देश (पाकिस्तान) के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। हमें उनसे सहयोग की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों को मामले की जांच करनी चाहिए। मैं बार-बार कहता रहा हूं कि दिल्ली में बैठे लोग यह कहकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं कि 370 आतंकवाद के लिए जिम्मेदार थी। भाजपा के एक निर्दोष पूर्व सरपंच की जान चली गई। क्या उसे जीने का अधिकार नहीं था? यह एक स्वतंत्र देश है और कोई भी पार्टी अपनी विचारधारा का प्रचार कर सकती है। फारूक ने गृह मंत्री की यात्रा की मंशा पर भी सवाल उठाया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के शोपियां और अनंतनाग में हुई दो आतंकी घटनाओं की निंदा की और इसकी जांच अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों से करवाने की वकालत की। शनिवार को आतंकियों द्वारा भाजपा के पूर्व सरपंच और एक पर्यटक दंपती को गोली मारने की घटना पर फारूक ने कहा कि यहां आतंकवाद कायम है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पूर्व सरपंच एजाज अहमद शेख भाजपा का सदस्य है। इसकी जांच की जानी चाहिए। उसे आतंकवादियों ने मारा है या किसी स्थानीय ने, इसका पता लगाना जरूरी है।
इस तरह के हमलों से जम्मू-कश्मीर में पर्यटन उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। कल मैंने कहा था कि जब तक आतंकवाद नहीं रुकेगा, हमारे पड़ोसी देश (पाकिस्तान) के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। हमें उनसे सहयोग की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों को मामले की जांच करनी चाहिए। मैं बार-बार कहता रहा हूं कि दिल्ली में बैठे लोग यह कहकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं कि 370 आतंकवाद के लिए जिम्मेदार थी। भाजपा के एक निर्दोष पूर्व सरपंच की जान चली गई। क्या उसे जीने का अधिकार नहीं था? यह एक स्वतंत्र देश है और कोई भी पार्टी अपनी विचारधारा का प्रचार कर सकती है। फारूक ने गृह मंत्री की यात्रा की मंशा पर भी सवाल उठाया।
विज्ञापन