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श्रीनगर में बाढ़ आई तो आपदा, जम्मू में त्रासदी के बाद भी आपदा घोषित नहीं : पूर्व मेयर
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- आरोप - बैठकें अधिकारी ले रहे और विधायक साथ में फोटो खिंचवा रहे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। श्रीनगर में बाढ़ आई तो आपदा घोषित की गई, लेकिन जम्मू में भारी तबाही पर भी आपदा घोषित नहीं की गई है। सरकार जम्मू के साथ भेदभाव कर रही है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला एसडीआरएफ के प्रमुख हैं। फिर भी आपदा घोषित नहीं कर पाए। ये आरोप रविवार को प्रेसवार्ता में पूर्व मेयर राजिंंद्र शर्मा ने लगाए। उन्होंने कहा कि इस बार नुकसान से सरकार के प्रबंधों की पोल खुल गई है। जानमाल का नुकसान हुआ है। बावजूद इसके प्रशासन गंभीर नहीं है। शर्मा ने विधायकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। कहा कि विधायक की शक्ति मुख्य सचिव के बराबर है, लेकिन विधायक कभी तहसीलदार तो कभी अन्य अधिकारियों से मिल रहे हैं। बैठकें अधिकारी ले रहे हैं और विधायक साथ में फोटो खिंचवा रहे हैं। होना यह चाहिए कि विधायक के निर्देश पर अधिकारियों को काम करना चाहिए। पूर्व मेयर ने जलशक्ति के पैसे के दुरुपयोग पर भी सवाल उठाए। कहा कि बिना योजना के पैसा खर्च किया गया है। अब पाइप बह गए हैं। पांच दिन से शहर में पानी नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। श्रीनगर में बाढ़ आई तो आपदा घोषित की गई, लेकिन जम्मू में भारी तबाही पर भी आपदा घोषित नहीं की गई है। सरकार जम्मू के साथ भेदभाव कर रही है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला एसडीआरएफ के प्रमुख हैं। फिर भी आपदा घोषित नहीं कर पाए। ये आरोप रविवार को प्रेसवार्ता में पूर्व मेयर राजिंंद्र शर्मा ने लगाए। उन्होंने कहा कि इस बार नुकसान से सरकार के प्रबंधों की पोल खुल गई है। जानमाल का नुकसान हुआ है। बावजूद इसके प्रशासन गंभीर नहीं है। शर्मा ने विधायकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। कहा कि विधायक की शक्ति मुख्य सचिव के बराबर है, लेकिन विधायक कभी तहसीलदार तो कभी अन्य अधिकारियों से मिल रहे हैं। बैठकें अधिकारी ले रहे हैं और विधायक साथ में फोटो खिंचवा रहे हैं। होना यह चाहिए कि विधायक के निर्देश पर अधिकारियों को काम करना चाहिए। पूर्व मेयर ने जलशक्ति के पैसे के दुरुपयोग पर भी सवाल उठाए। कहा कि बिना योजना के पैसा खर्च किया गया है। अब पाइप बह गए हैं। पांच दिन से शहर में पानी नहीं है।