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Jammu News: छुट्टी पर रार, पत्र के जवाब का इंतजार
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-13 जुलाई के अवकाश पर राजनीतिक घमासान, एनसी और पीडीपी समर्थन में एक-दूसरे के सामने
-छुट्टी पर राजभवन की खमोशी, भाजपा ने विरोध में खोला मोर्चा
-नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 13 जुलाई और पांच दिसंबर की छुट्टी को लेकर उपराज्यपाल को भेजा है पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में 13 जुलाई के अवकाश पर घमासान बरकरार है। इस आड़ में राजनीतिक दल कश्मीर को साधने में लग गए हैं। छुट्टी के समर्थन में नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी एक दूसरे के सामने खड़े हैं तो विरोध में भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। इस सब के बीच राजभवन की खामोशी शुक्रवार को भी बरकरार रही। आगामी दो दिन अवकाश होने की वजह से छुट्टी पर फैसला आने की संभावनाएं कम हो गई हैं। हालांकि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने उम्मीद नहीं छोड़ी है और आखिरी समय तक राजभवन के संदेश का इंतजार करने की बात कही है।
फिलहाल, पीडीपी ने मसले पर प्रदेश सरकार को घेरने की कवायद जारी रखी है। हालांकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के तमाम आला नेता अवकाश से इतर दिवस को मनाने की बात भी रख रहे हैं। फिलहाल, 13 जुलाई पर अवकाश के फैसले में देरी से पूरा मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। इस मामले की गूंज विधानसभा में उठी थी और अब सड़क तक सुनाई देने लगी है। सत्ता में काबिज होने से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 13 जुलाई और पांच दिसंबर को अवकाश का वादा किया था और अब पीडीपी इसी वादे पर सरकार की घेरेबंदी में लगी है। न केवल पीडीपी बल्कि कश्मीर में सक्रिय दूसरे राजनीतिक दल भी इस मामले को हवा दे रहे हैं।
13 जुलाई 1931 में श्रीनगर में केंद्रीय जेल के बाहर महाराजा हरि सिंह के शासन का विरोध करने वालों पर डोगरा सेना ने गालियां दाग दी थीं। इस गोलीबारी में 22 कश्मीरियों की जान चली गई थी। अनुच्छेद 370 हटने के पहले तक 13 जुलाई को अवकाश रहता था। बाद में इसे कैलेंडर से हटा दिया गया। पांच दिसंबर को एनसी के संस्थापक दिवंगत शेख मुहम्मद अब्दुल्ला के जन्मदिन पर अवकाश बहाल करने का प्रस्ताव दिया है। मौजूदा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार ने 13 जुलाई के अवकाश को बहाल करने बारे पत्र उपराज्यपाल को भेजा है। अब इस पत्र के जवाब का इंतजार नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत कश्मीर में सक्रिय राजनीतिक दल कर रहे हैं।
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एनसी ने डीसी श्रीनगर को लिखा पत्र
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि उनकी पार्टी 13 जुलाई को अपने प्राण गंवाने वाले युवाओं को याद करेगी। इस दाैरान शहादत स्थल पर जाकर फातिहा और खराज-ए-अकीदत पेश करेंगे। प्रशासनिक इंतजाम पुख्ता होंगे, इसके लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस ने श्रीनगर के उपायुक्त को पत्र भी लिखा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस शहीदों की याद में लगातार ऐसे आयोजन करती आई है।
उम्मीद है जल्द बहाल होगा अवकाश : सादिक
नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने 13 जुलाई को अवकाश बहाल करने का वादा किया है। इसके मुताबिक अपना अनुरोध दाखिल कर दिया है। उम्मीद है जल्द ही अवकाश को लेकर फैसला आ जाएगा। तब तक नेशनल कॉन्फ्रेंस फातिहा और खराज-ए-अकीदत पेश करती रहेगी। उन्होंने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पर भाजपा से गठबंधन के दौरान ऐतिहासिक दिन के लिए कोई सम्मान न दिखाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती के समय उनके मंत्रियों ने अपनी कारों में जम्मू-कश्मीर का झंडा तक नहीं लगाया था।
इनसेट...
पीडीपी के प्रस्ताव का समर्थन करते तो बढ़ता वजन : महबूबा
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मार्च में उनकी पार्टी के प्रस्ताव को विधानसभा अध्यक्ष ने खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा कि विधानसभा में इस मामले पर पीडीपी के प्रस्ताव का समर्थन किया होता तो सरकार की तरफ से उपराज्यपाल को दिया गया प्रस्ताव ज्यादा प्रभावी होता। उन्होंने कहा कि 13 जुलाई के प्रस्ताव को खारिज कर जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने कश्मीर के इतिहास पर एनसी के दोहरे रवैये को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी चुप्पी से प्रतिबद्धता नहीं, बल्कि मिलीभगत साबित होती है। पीडीपी ने मकबरे पर फूल चढ़ाने का फैसला किया है।
भाजपा हर सूरत में छुट्टी की मांग का विरोध करेगी : सत शर्मा
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा का कहना है कि 13 जुलाई को अवकाश की आवश्यकता नहीं है। प्रदेश में अनुच्छेद 370 को लड़कर जीता है। उन्होंने कहा कि यह मांग भाजपा की विचारधारा से बाहर है। उस समय न तो कोई जंग हुई थी और न ही लोग शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा अवकाश का विरोध करती है और किसी भी सूरत में यह लागू न हो इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।
अवकाश नहीं, समारोह की मांग : अपनी पार्टी
जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने कहा कि उनकी पार्टी 13 जुलाई को अवकाश की मांग नहीं कर रही है। बल्कि उनकी पार्टी चाहती है कि इस आयोजन को सरकारी समारोह के तौर पर मनाया जाए।उन्होंने कहा कि इसके लिए उनकी पार्टी की तरफ से आवेदन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वे मृतकों को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं। जिनकी वजह से आज यहां हैं।
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-छुट्टी पर राजभवन की खमोशी, भाजपा ने विरोध में खोला मोर्चा
-नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 13 जुलाई और पांच दिसंबर की छुट्टी को लेकर उपराज्यपाल को भेजा है पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में 13 जुलाई के अवकाश पर घमासान बरकरार है। इस आड़ में राजनीतिक दल कश्मीर को साधने में लग गए हैं। छुट्टी के समर्थन में नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी एक दूसरे के सामने खड़े हैं तो विरोध में भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। इस सब के बीच राजभवन की खामोशी शुक्रवार को भी बरकरार रही। आगामी दो दिन अवकाश होने की वजह से छुट्टी पर फैसला आने की संभावनाएं कम हो गई हैं। हालांकि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने उम्मीद नहीं छोड़ी है और आखिरी समय तक राजभवन के संदेश का इंतजार करने की बात कही है।
फिलहाल, पीडीपी ने मसले पर प्रदेश सरकार को घेरने की कवायद जारी रखी है। हालांकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के तमाम आला नेता अवकाश से इतर दिवस को मनाने की बात भी रख रहे हैं। फिलहाल, 13 जुलाई पर अवकाश के फैसले में देरी से पूरा मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। इस मामले की गूंज विधानसभा में उठी थी और अब सड़क तक सुनाई देने लगी है। सत्ता में काबिज होने से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 13 जुलाई और पांच दिसंबर को अवकाश का वादा किया था और अब पीडीपी इसी वादे पर सरकार की घेरेबंदी में लगी है। न केवल पीडीपी बल्कि कश्मीर में सक्रिय दूसरे राजनीतिक दल भी इस मामले को हवा दे रहे हैं।
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13 जुलाई 1931 में श्रीनगर में केंद्रीय जेल के बाहर महाराजा हरि सिंह के शासन का विरोध करने वालों पर डोगरा सेना ने गालियां दाग दी थीं। इस गोलीबारी में 22 कश्मीरियों की जान चली गई थी। अनुच्छेद 370 हटने के पहले तक 13 जुलाई को अवकाश रहता था। बाद में इसे कैलेंडर से हटा दिया गया। पांच दिसंबर को एनसी के संस्थापक दिवंगत शेख मुहम्मद अब्दुल्ला के जन्मदिन पर अवकाश बहाल करने का प्रस्ताव दिया है। मौजूदा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार ने 13 जुलाई के अवकाश को बहाल करने बारे पत्र उपराज्यपाल को भेजा है। अब इस पत्र के जवाब का इंतजार नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत कश्मीर में सक्रिय राजनीतिक दल कर रहे हैं।
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एनसी ने डीसी श्रीनगर को लिखा पत्र
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि उनकी पार्टी 13 जुलाई को अपने प्राण गंवाने वाले युवाओं को याद करेगी। इस दाैरान शहादत स्थल पर जाकर फातिहा और खराज-ए-अकीदत पेश करेंगे। प्रशासनिक इंतजाम पुख्ता होंगे, इसके लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस ने श्रीनगर के उपायुक्त को पत्र भी लिखा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस शहीदों की याद में लगातार ऐसे आयोजन करती आई है।
उम्मीद है जल्द बहाल होगा अवकाश : सादिक
नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने 13 जुलाई को अवकाश बहाल करने का वादा किया है। इसके मुताबिक अपना अनुरोध दाखिल कर दिया है। उम्मीद है जल्द ही अवकाश को लेकर फैसला आ जाएगा। तब तक नेशनल कॉन्फ्रेंस फातिहा और खराज-ए-अकीदत पेश करती रहेगी। उन्होंने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पर भाजपा से गठबंधन के दौरान ऐतिहासिक दिन के लिए कोई सम्मान न दिखाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती के समय उनके मंत्रियों ने अपनी कारों में जम्मू-कश्मीर का झंडा तक नहीं लगाया था।
इनसेट...
पीडीपी के प्रस्ताव का समर्थन करते तो बढ़ता वजन : महबूबा
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मार्च में उनकी पार्टी के प्रस्ताव को विधानसभा अध्यक्ष ने खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा कि विधानसभा में इस मामले पर पीडीपी के प्रस्ताव का समर्थन किया होता तो सरकार की तरफ से उपराज्यपाल को दिया गया प्रस्ताव ज्यादा प्रभावी होता। उन्होंने कहा कि 13 जुलाई के प्रस्ताव को खारिज कर जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने कश्मीर के इतिहास पर एनसी के दोहरे रवैये को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी चुप्पी से प्रतिबद्धता नहीं, बल्कि मिलीभगत साबित होती है। पीडीपी ने मकबरे पर फूल चढ़ाने का फैसला किया है।
भाजपा हर सूरत में छुट्टी की मांग का विरोध करेगी : सत शर्मा
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा का कहना है कि 13 जुलाई को अवकाश की आवश्यकता नहीं है। प्रदेश में अनुच्छेद 370 को लड़कर जीता है। उन्होंने कहा कि यह मांग भाजपा की विचारधारा से बाहर है। उस समय न तो कोई जंग हुई थी और न ही लोग शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा अवकाश का विरोध करती है और किसी भी सूरत में यह लागू न हो इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।
अवकाश नहीं, समारोह की मांग : अपनी पार्टी
जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने कहा कि उनकी पार्टी 13 जुलाई को अवकाश की मांग नहीं कर रही है। बल्कि उनकी पार्टी चाहती है कि इस आयोजन को सरकारी समारोह के तौर पर मनाया जाए।उन्होंने कहा कि इसके लिए उनकी पार्टी की तरफ से आवेदन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वे मृतकों को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं। जिनकी वजह से आज यहां हैं।