फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   political news

Jammu News: राजभवन-सरकार के बीच तनातनी अनायास नहीं, यह सत्तापक्ष की बढ़ती दुविधा

विज्ञापन
political news
जम्मू। प्रदेश सरकार और राजभवन के बीच तनातनी अनायास नहीं है। यह सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस में दुविधा से बढ़ती बेचैनी का नतीजा माना जा रहा है।
विज्ञापन

जानकार बताते हैं कि नेकां जिन विवादित मुद्दों के सहारे सत्ता में आई थी, उस पर आगे बढ़ना पहले दिन से ही मुश्किल था। सरकार बनने के बाद से ही नेकां की स्थिति दो नावों में पैर रखकर चलने वाली है। एक ओर वह केंद्र के साथ समन्वय बनाकर चलने की कोशिश में है। दूसरी ओर चुनावी वादों से जुड़े विवादित मुद्दों पर उसे विरोधी दल लगातार घेर रहे हैं।
इस स्थिति में समन्वय बनाकर अपने वोट बैंक को संभालकर रखना नेकां के लिए चुनाैती बनता जा रहा है। इसी दुविधा में मुख्यमंत्री केंद्र से समन्वय वाले बयान दे रहे हैं, जबकि पार्टी के मंत्री व कई नेता राजभवन व केंद्र सरकार को घेरते नजर आते हैं। आने वाले दिनों में नगरोटा व बडगाम विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव होने हैं। नेकां इस चुनाव से पहले विवादित मुद्दों पर केंद्र से दूरी वाले संदेश देने की कोशिश में है। वक्फ विधेयक और जेकेएएस अफसरों के तबादलों ने उसे यह माैका दे दिया।
विज्ञापन

पार्टी ने गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से ठीक पहले उपराज्यपाल की ओर से किए गए तबादलों को मुद्दा बनाकर यही दांव चलने का प्रयास किया है। विश्लेषकों का कहना है सरकार में आने के बाद से नेकां लगातार उन मुद्दों की खिलाफत में लगी हुई है, जिन पर कार्रवाई करते हुए केंद्र बीते दस सालों में जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करने में सफल हुआ है। एलजी प्रशासन में देश विरोधी गतिविधियों में शामिल कर्मचारियों की बर्खास्तगी को नेकां रद्द करना चाहती है। रोहिंग्याओं के मुद्दे पर केंद्र के रुख के विपरीत दिशा में काम का संदेश दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खुद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रोहिंग्याओं के मुद्दे को मानवीय बताया। सरकार में मंत्री जावेद राणा ने रोहिंग्या बस्तियों में बिजली व पानी की सप्लाई बहाल करने की वकालत की। कई मुद्दों पर सरकार के मंत्री केंद्र व एलजी को घेरते रहे हैं। विधानसभा में उपराज्यपाल पर चर्चा नहीं हो सकती, लेकिन नेकां विधायकों ने जमकर हमला बोला। नेकां वक्फ विधेयक व तबादलों को मुद्दा बनाकर अपनी सियासी जमीन खोजने की कोशिश में है।----

नेशनल कॉन्फ्रेंस दुविधा में है। वह केंद्र से सरकार में अपनी हिस्सेदारी मांग रही है, ताकि विवादित मुद्दों को तूल देकर अपनी राजनीतिक जमीन को बचाए रखे। जेकेएएस अधिकारियों के तबादले एलजी ने अपने क्षेत्राधिकार के तहत किए है। केंद्र सरकार एलजी के माध्यम से निर्वाचित सरकार को उसके क्षेत्राधिकार में काम करने देना चाहती है, लेकिन उन मुद्दों को तूल देने को नहीं जिनके सहारे वह सत्ता में आई थी। आपात बैठक करना नेकां की दबाव वाली राजनीति है और कुछ नहीं
डॉ. पीरजादा इरशाद अहमद शाह, प्रोफेसर राजनीति विज्ञान विभाग, कश्मीर विश्वविद्यालय
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed