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Jammu News: 20 किमी नहर 48 साल बाद भी अधूरी, सरकार बोली जल्द पूरा करेंगे

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डोडा पश्चिम से विधायक शक्ति परिहार ने उठाई समस्या
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सिंचाई मंत्री बोले - मेजर हैड से फंडिंग कर काम पूरा करेंगे

अमर उजाला ब्यूरो

जम्मू। डोडा जिले में 20 किलोमीटर नहर का निर्माण 48 साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। इससे सात गांवों की 720 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलनी है। शनिवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान डोडा पश्चिम से विधायक शक्तिराज परिहार ने काश्तीगढ़ नहर के बीते दो साल में मरम्मत व रखरखाव पर हुए खर्च से संबंधित प्रश्न पूछा। इसके जवाब में सिंचाई मंत्री जावेद अहमद राणा ने कहा कि यह नहर डोडा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की एकमात्र और मुख्य नहर है। 2022-23, 2023-24 में इसके मरम्मत व रखरखाव पर 1.59 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। नहर से कडाला, मलवा, कुडहार, मनवास, परशाला, मुंधर, काश्तीगढ़ व आसपास के इलाकों की कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा देगी। विधायक ने मंत्री से नहर का निर्माण कार्य पूरा करने की तिथि बताने को कहा। कहा, 1977 में नहर का कार्य शुरू हुआ था, लेकिन 48 साल बाद भी सरकार यह नहीं बता पा रही है कि आखिर नहर का निर्माण कार्य कब तक पूरा होगा। इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार इसे मेजर हैड जैसे नाबार्ड से फंडिंग कर निर्माण कार्य पूरा करवाएगी।


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कश्मीर में हर छह साल बाद बाढ़ आती
है, झेलम की क्षमता बढ़ाई जा रही

जम्मू। कश्मीर में 2014 की बाढ़ के बाद भी ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं। नेकां विधायक फारूक शाह ने प्रश्नकाल में बाढ़ रोकने के लिए उठाए सुधारात्मक कदम उठाने की जानकारी मांगी। सिंचाई मंत्री जावेद अहमद राणा ने जवाब दिया कि कश्मीर संभाग मे 1902, 1959 और 2014 में बाढ़ आई है। झेलम में पुनरावृत्ति औसतन छह वर्षों में एक बार बाढ़ आती है। विधायक ने कहा कि 2014 के बाढ़ के बाद 2015 में पीएमडी पैकेज के तहत 399 करोड़ और 1623.43 करोड़ रुपये का पैकेज दिया था। विभाग दस सालों में इस राशि को खर्च नहीं कर पाया है। सरकार को स्मार्ट सिटी पर जोर दे रही है, लेकिन बाढ़ से निपटने के लिए जरूरी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे। इस पर मंत्री ने कहा कि झेलम नदी की क्षमता को 31,800 क्यूसेक से बढ़ाकर 41,000 क्यूसेक किया गया है। दूसरे फेज में नदी की क्षमता को 60,000 क्यूसेक करना है।
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