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शोर मचाने से बेहतर... कुछ दूरी पर कंट्रोल हाउस, वहां मुद्दा उठाएं : उमर
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- अस्थायी कर्मियों पर लाठीचार्ज पर भाजपा के वाॅकआउट-हंगामे पर सीएम ने दिया जवाब
कहा- पुलिस का कंट्रोल हमारे पास नहीं, लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए था
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज का मुद्दा विधानसभा में खूब गूंजा। इस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच काफी तकरार हुई। भाजपा विधायकों ने वाॅकआउट किया। नेकां पर कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया। नेकां ने भाजपा पर तंज कसते हुए चोर मचाए शोर के नारे लगाए। इस बीच मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि दुर्भाग्य से पुलिस का कंट्रोल न हमारे न आपके (भाजपा) पास है। सदन से कुछ ही किलोमीटर दूरी पर कंट्रोल हाउस है, जहां से यह सब कंट्रोल हो रहा है।
प्रश्नकाल खत्म होने के तुरंत बाद भाजपा विधायक विक्रम रंधावा अपनी सीट से खड़े हुए और अस्थायी कर्मचारियों पर लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। सरकार पर कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया। भाजपा के सभी विधायक अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध जताने लगे। इस बीच मुख्यमंंत्री खड़े हुए और कहा कि इस हाउस में शोर मचाने से बेहतर है कि यहां से कुछ किमी की दूरी पर कंट्रोल हाउस है। वहां यह मुद्दा उठाते तो अच्छा रहता। अस्थायी कर्मचारी हमारे हैं, इनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए। उनकी मांगें जायज हैं। उमर ने विधायक विक्रम रंधावा को संबोधित करते हुए कहा, कर्मियों के लिए जो चिंता इस हाउस में जताई है, जो पुलिस तक पहुंच गया है, अगली बार कर्मचारी प्रदर्शन करें तो पुलिस उनकी मांगे सुनेगी। इसके बाद भाजपा विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने कहा कि आखिर उन्हें नौबत क्यों आई की वे सड़कों पर उतरे। इस पर सभी नेकां विधायक एक साथ खड़े हुए, कहा कि दस साल के आपके शासनकाल में कर्मचारियों को कुछ नहीं मिला। उन्हें तो प्रदर्शन करने की भी अनुमित नहीं थी। लोकतांत्रिक सरकार बनने के बाद वे सड़कों पर उतर पा रहे हैं। इस बीच दोनों ओर से नारेबाजी शुरू हो गई। भाजपा विधायकों ने अस्थायी कर्मियों को नियमित करने के नारे लगाने लगाए। जबकि नेकां विधायक भाजपा पर तंज कसते हुए चोर मचाए शोर के नारे लगाने लगे। करीब पांच मिनट तक यह सिलसिला चलता रहा। इस बीच स्पीकर ने खड़े होकर सभी को शांत करवाया।
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नेता प्रतिपक्ष बोले, भाजपा ने वेतन बढ़ाया
सदन में बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने हमेशा अस्थायी कर्मचारियों के साक मजाक किया। भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन हमने इन कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया है। पहले जहां इन्हें 400 रुपये मिलते थे, आज 9000 वेतन मिल रहा है। इन कर्मचारियों की बात सुननी चाहिए। इनका बड़ा मुद्दा है, जिस पर आधे घंटे की बहस होनी चाहिए। इसके बाद भाजपा नेता शाम लाल शर्मा ने कहा कि नेकां के विधायकों को जितने वोट मिले, उससे ज्यादा चुनाव में मेरी लीड है। सरकार हमारे लिए उत्तरदायी है। हम लोगों के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नेकां सरकार में कर्मचारियों के नियमितीकरण के मामले को रोका था।
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अस्थायी कर्मियों को हमने लगाया, हम पक्का करेंगे : उपमुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों के लिए मानवता का दृष्टिकोण रखना होगा। हमारी सरकार में अस्थायी कर्मचारियों को लगाया था। नेकां सरकार इन्हें नियमित करेगी। दस साल तक अस्थायी कर्मचारी भाजपा के दरवाजे के बाहर खड़े रहे। इन दस सालों में भाजपा ने चार बजट में अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था, जो भाजपा ने दस साल में नहीं किया, उसे नेशनल कॉन्फ्रेंस अगले पांच साल में करके दिखाएगी। अस्थायी कर्मचारियों को पक्का करेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के विधायक फोटो खिंचवाने के लिए ड्रामा करते हैं। उनके फोटो खिंच गए है। ये लोग मोदी साहब के नाम पर जीतकर आए हैं, अपनी ताकत पर आते तो बात कुछ और होती। ये जम्मू के लोगों के लोगों के हमदर्द नहीं। पांच साल बाद लोग इनको जवाब देंगे। उमर सरकार करके दिखाएगी और पांच साल बाद फिर से सत्ता में आएगी।
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कहा- पुलिस का कंट्रोल हमारे पास नहीं, लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए था
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज का मुद्दा विधानसभा में खूब गूंजा। इस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच काफी तकरार हुई। भाजपा विधायकों ने वाॅकआउट किया। नेकां पर कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया। नेकां ने भाजपा पर तंज कसते हुए चोर मचाए शोर के नारे लगाए। इस बीच मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि दुर्भाग्य से पुलिस का कंट्रोल न हमारे न आपके (भाजपा) पास है। सदन से कुछ ही किलोमीटर दूरी पर कंट्रोल हाउस है, जहां से यह सब कंट्रोल हो रहा है।
प्रश्नकाल खत्म होने के तुरंत बाद भाजपा विधायक विक्रम रंधावा अपनी सीट से खड़े हुए और अस्थायी कर्मचारियों पर लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। सरकार पर कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया। भाजपा के सभी विधायक अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध जताने लगे। इस बीच मुख्यमंंत्री खड़े हुए और कहा कि इस हाउस में शोर मचाने से बेहतर है कि यहां से कुछ किमी की दूरी पर कंट्रोल हाउस है। वहां यह मुद्दा उठाते तो अच्छा रहता। अस्थायी कर्मचारी हमारे हैं, इनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए। उनकी मांगें जायज हैं। उमर ने विधायक विक्रम रंधावा को संबोधित करते हुए कहा, कर्मियों के लिए जो चिंता इस हाउस में जताई है, जो पुलिस तक पहुंच गया है, अगली बार कर्मचारी प्रदर्शन करें तो पुलिस उनकी मांगे सुनेगी। इसके बाद भाजपा विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने कहा कि आखिर उन्हें नौबत क्यों आई की वे सड़कों पर उतरे। इस पर सभी नेकां विधायक एक साथ खड़े हुए, कहा कि दस साल के आपके शासनकाल में कर्मचारियों को कुछ नहीं मिला। उन्हें तो प्रदर्शन करने की भी अनुमित नहीं थी। लोकतांत्रिक सरकार बनने के बाद वे सड़कों पर उतर पा रहे हैं। इस बीच दोनों ओर से नारेबाजी शुरू हो गई। भाजपा विधायकों ने अस्थायी कर्मियों को नियमित करने के नारे लगाने लगाए। जबकि नेकां विधायक भाजपा पर तंज कसते हुए चोर मचाए शोर के नारे लगाने लगे। करीब पांच मिनट तक यह सिलसिला चलता रहा। इस बीच स्पीकर ने खड़े होकर सभी को शांत करवाया।
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नेता प्रतिपक्ष बोले, भाजपा ने वेतन बढ़ाया
सदन में बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने हमेशा अस्थायी कर्मचारियों के साक मजाक किया। भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन हमने इन कर्मचारियों का वेतन बढ़ाया है। पहले जहां इन्हें 400 रुपये मिलते थे, आज 9000 वेतन मिल रहा है। इन कर्मचारियों की बात सुननी चाहिए। इनका बड़ा मुद्दा है, जिस पर आधे घंटे की बहस होनी चाहिए। इसके बाद भाजपा नेता शाम लाल शर्मा ने कहा कि नेकां के विधायकों को जितने वोट मिले, उससे ज्यादा चुनाव में मेरी लीड है। सरकार हमारे लिए उत्तरदायी है। हम लोगों के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नेकां सरकार में कर्मचारियों के नियमितीकरण के मामले को रोका था।
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अस्थायी कर्मियों को हमने लगाया, हम पक्का करेंगे : उपमुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों के लिए मानवता का दृष्टिकोण रखना होगा। हमारी सरकार में अस्थायी कर्मचारियों को लगाया था। नेकां सरकार इन्हें नियमित करेगी। दस साल तक अस्थायी कर्मचारी भाजपा के दरवाजे के बाहर खड़े रहे। इन दस सालों में भाजपा ने चार बजट में अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था, जो भाजपा ने दस साल में नहीं किया, उसे नेशनल कॉन्फ्रेंस अगले पांच साल में करके दिखाएगी। अस्थायी कर्मचारियों को पक्का करेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के विधायक फोटो खिंचवाने के लिए ड्रामा करते हैं। उनके फोटो खिंच गए है। ये लोग मोदी साहब के नाम पर जीतकर आए हैं, अपनी ताकत पर आते तो बात कुछ और होती। ये जम्मू के लोगों के लोगों के हमदर्द नहीं। पांच साल बाद लोग इनको जवाब देंगे। उमर सरकार करके दिखाएगी और पांच साल बाद फिर से सत्ता में आएगी।