{"_id":"67c4c181cb3b18e18f0e967f","slug":"political-news-jammu-news-c-10-lko1027-557811-2025-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"यदि भारत का विभाजन ऐतिहासिक भूल, तो पीओके नेहरूवादी भूल थी : डॉ. जितेंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यदि भारत का विभाजन ऐतिहासिक भूल, तो पीओके नेहरूवादी भूल थी : डॉ. जितेंद्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जेके पीपुल्स फोरम, जेके स्टडी सेंटर ने किया संकल्प दिवस पर सेमीनार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/जम्मू। अगर भारत का विभाजन एक ऐतिहासिक भूल थी, तो पीओके एक नेहरूवादी भूल है। यह बात केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पीओके पर 1994 के संसदीय संकल्प की स्मृति में जेके पीपुल्स फोरम और जेके स्टडी सेंटर द्वारा आयोजित संकल्प दिवस सेमिनार में कही। उन्होंने कहा, भारतीय उपमहाद्वीप के विभाजन का सबसे बड़ा विरोधाभास यह था लोगों ने विरोध किया मगर सिर्फ दो व्यक्तियों जवाहरलाल नेहरू और मोह अली जिन्ना की व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण लोगों पर थोपा गया। इससे दोनों देशों के बीच जनसंख्या का सबसे बड़ा आदान-प्रदान हुआ। डॉ. सिंह ने कहा कि सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि जब भारतीय सेनाएं पाकिस्तान द्वारा कब्जाए गए क्षेत्र को वापस लेने की कगार पर थीं, तो तत्कालीन प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू ने एकतरफा युद्धविराम की घोषणा कर दी, जिसे अगर वह नहीं करते तो पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा होता।
ग्रासरूट इनोवेटर्स को बढ़ावा, मान्यता दे रही भाजपा
जम्मू। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मोदी सरकार भारत में पहली बार ग्रासरूट इनोवेटर्स को बढ़ावा और मान्यता दे रही है। यह बात उन्होंने भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्थान नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) के रजत जयंती समारोह में कही। इस मौके पर एक डाक टिकट व ''''इनोवेशन फ्रंटलाइन'''' पत्रिका और एक कॉफी टेबल बुक भी जारी की।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/जम्मू। अगर भारत का विभाजन एक ऐतिहासिक भूल थी, तो पीओके एक नेहरूवादी भूल है। यह बात केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पीओके पर 1994 के संसदीय संकल्प की स्मृति में जेके पीपुल्स फोरम और जेके स्टडी सेंटर द्वारा आयोजित संकल्प दिवस सेमिनार में कही। उन्होंने कहा, भारतीय उपमहाद्वीप के विभाजन का सबसे बड़ा विरोधाभास यह था लोगों ने विरोध किया मगर सिर्फ दो व्यक्तियों जवाहरलाल नेहरू और मोह अली जिन्ना की व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण लोगों पर थोपा गया। इससे दोनों देशों के बीच जनसंख्या का सबसे बड़ा आदान-प्रदान हुआ। डॉ. सिंह ने कहा कि सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि जब भारतीय सेनाएं पाकिस्तान द्वारा कब्जाए गए क्षेत्र को वापस लेने की कगार पर थीं, तो तत्कालीन प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू ने एकतरफा युद्धविराम की घोषणा कर दी, जिसे अगर वह नहीं करते तो पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा होता।
ग्रासरूट इनोवेटर्स को बढ़ावा, मान्यता दे रही भाजपा
जम्मू। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मोदी सरकार भारत में पहली बार ग्रासरूट इनोवेटर्स को बढ़ावा और मान्यता दे रही है। यह बात उन्होंने भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्थान नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) के रजत जयंती समारोह में कही। इस मौके पर एक डाक टिकट व ''''इनोवेशन फ्रंटलाइन'''' पत्रिका और एक कॉफी टेबल बुक भी जारी की।
विज्ञापन