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Jammu News: और लड़ो आपस में बयान के निकाले जा रहे कई मायने
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जम्मू। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप और कांग्रेस की हार के बाद सीएम उमर अब्दुल्ला का और लड़ो आपस में.... वाला बयान चर्चा में रहा। मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही उमर इंडिया गठबंधन पर सबसे ज्यादा मुखर होकर बोलते रहे हैं। गठबंधन में आपसी मतभेद हो या फिर लोकसभा चुनाव के बाद बैठक न होने जैसे मुद्दे, वे आंतरिक आलोचक की भूमिका निभा रहे थे।
इंडिया गठबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का रुख पार्टी प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला से भी अलग रहा है। डॉ. फारुक जहां इंडिया गठबंधन का साथ नहीं छोड़ना चाह रहे, वहीं उमर अब्दुल्ला गठबंधन के आलोचक की भूमिका में नजर आते रहे हैं।
गठबंधन में बढ़ते मतभेद और जम्मू-कश्मीर में मौजूदा यूटी वाली व्यवस्था के चलते ही उमर केंद्र सरकार से बेहतर समन्वय को पक्षकार रहे हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप और कांग्रेस की हार पर उमर की तल्ख टिप्पणी से पहले भी उमर ने इंडिया गठबंधन को कठघरे में खड़ा किया था।
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बीते साल अक्तूबर में उमर ने तो यहां तक कह दिया था कि इंडिया ब्लॉक को खत्म कर देना चाहिए। इसके बाद चार फरवरी को एक बयान में उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि इंडिया गठबंधन में जारी अंतर्कलह से गठबंधन कमजोर होगा। इससे बचने के लिए गठबंधन के सभी सदस्यों को मिलकर आगे की रणनीति तय करनी होगी। बीते साल दिसंबर में उमर ने कांग्रेस को नसीहत दी थी कि ईवीएम का रोना बंद करें। शनिवार को कांग्रेस व आप की हार के बाद उमर की प्रतिक्रिया को, नसीहतों को नजरंदाज किए जाने व गठबंधन में कोई सकारात्मक पहल न होने के परिप्रेक्ष्य में माना जा रहा है। ब्यूरो
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इंडिया गठबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का रुख पार्टी प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला से भी अलग रहा है। डॉ. फारुक जहां इंडिया गठबंधन का साथ नहीं छोड़ना चाह रहे, वहीं उमर अब्दुल्ला गठबंधन के आलोचक की भूमिका में नजर आते रहे हैं।
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गठबंधन में बढ़ते मतभेद और जम्मू-कश्मीर में मौजूदा यूटी वाली व्यवस्था के चलते ही उमर केंद्र सरकार से बेहतर समन्वय को पक्षकार रहे हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप और कांग्रेस की हार पर उमर की तल्ख टिप्पणी से पहले भी उमर ने इंडिया गठबंधन को कठघरे में खड़ा किया था।
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बीते साल अक्तूबर में उमर ने तो यहां तक कह दिया था कि इंडिया ब्लॉक को खत्म कर देना चाहिए। इसके बाद चार फरवरी को एक बयान में उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि इंडिया गठबंधन में जारी अंतर्कलह से गठबंधन कमजोर होगा। इससे बचने के लिए गठबंधन के सभी सदस्यों को मिलकर आगे की रणनीति तय करनी होगी। बीते साल दिसंबर में उमर ने कांग्रेस को नसीहत दी थी कि ईवीएम का रोना बंद करें। शनिवार को कांग्रेस व आप की हार के बाद उमर की प्रतिक्रिया को, नसीहतों को नजरंदाज किए जाने व गठबंधन में कोई सकारात्मक पहल न होने के परिप्रेक्ष्य में माना जा रहा है। ब्यूरो