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Jammu News: विधानसभा में गूंजा कठुआ के अंतरराज्यीय बस टर्मिनल का मुद्दा
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एक दशक पहले हुआ था आईएसबीटी का निर्माण
कोरोना काल से बंद कठुआ-पठानकोट और पठानकोट से बाम्याल वाया कठुआ-नगरी के बीच सरकारी बस सेवा को लेकर पूछा सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। एक दशक पहले निर्माण हुए कठुआ का अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) को सुचारु न बनाने का मुद्दा बुधवार को विधानसभा में गूंजा। स्थानीय विधायक डॉ. भारत भूषण ने इसको लेकर विधानसभा में सवाल उठाया। मगर संबंधित मंत्री से मिले सवाल के जवाब से विधायक असंतुष्ट दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि मेरा सवाल कुछ और था और जवाब कुछ और मिला।
दरअसल अंतरराज्यीय बस टर्मिनल को सुचारू बनाने के लिए परिवहन आयुक्त की ओर से एक अधिसूचना जारी की जाती है। यह अभी तक नहीं हुई है। इसके चलते आईएसबीटी एक शोपीस बन कर रह गया है। जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के नजदीक बने बस टर्मिनल के निर्माण की कवायद वर्ष 2004 में शुरू की गई थी। इसे साल 2014 में पूरा कर लिया था, जिसके बाद स्थानीय निकाय विभाग की ओर से बस टर्मिनल पर बनाई गई दुकानों की भी बोली हो गई है। मगर सिर्फ इसे सुचारु बनाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी नहीं हो रही है।
विधायक ने दो अन्य सवाल भी विधानसभा में पूछे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बंद हुई कठुआ और पठानकोट के अलावा पठानकोट से बाम्याल बाया कठुआ के बीच चलने वाली राज्य सड़क परिवहन निगम (एसआरटीसी) को बहाल क्यों नहीं किया जा रहा है। सवाल के जवाब देने उतरे संबंधित मंत्री ने जिले में अलग रूटों पर चलने वाली बसों का जिक्र तो किया लेकिन उन्होंने विधायक के सवालों का जवाब नहीं दिया।
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डॉ. भूषण ने कहा कि कोरोना काल से पहले इन रूटों पर नियमित रूप से सरकारी बस चलती थी, जिन्हें अब तक बहाल नहीं किया है। इससे यात्रियों को पेरशानी का सामना करना पड़ता है। पठानकोट से बाम्याल जाने के लिए सीधी बस सेवा न होने के चलते पहले यात्रियों को पठानकोट से लखनपुर आना पड़ता है। फिर लखनपुर से कठुआ और उसके बाद बाया नगरी होते हुए बाम्याल पहुंचते हैं। इससे न केवल लोगों का समय बर्बाद होता है, बल्कि उनको वित्त नुकसान भी उठाना पड़ता है।
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कोरोना काल से बंद कठुआ-पठानकोट और पठानकोट से बाम्याल वाया कठुआ-नगरी के बीच सरकारी बस सेवा को लेकर पूछा सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। एक दशक पहले निर्माण हुए कठुआ का अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) को सुचारु न बनाने का मुद्दा बुधवार को विधानसभा में गूंजा। स्थानीय विधायक डॉ. भारत भूषण ने इसको लेकर विधानसभा में सवाल उठाया। मगर संबंधित मंत्री से मिले सवाल के जवाब से विधायक असंतुष्ट दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि मेरा सवाल कुछ और था और जवाब कुछ और मिला।
दरअसल अंतरराज्यीय बस टर्मिनल को सुचारू बनाने के लिए परिवहन आयुक्त की ओर से एक अधिसूचना जारी की जाती है। यह अभी तक नहीं हुई है। इसके चलते आईएसबीटी एक शोपीस बन कर रह गया है। जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के नजदीक बने बस टर्मिनल के निर्माण की कवायद वर्ष 2004 में शुरू की गई थी। इसे साल 2014 में पूरा कर लिया था, जिसके बाद स्थानीय निकाय विभाग की ओर से बस टर्मिनल पर बनाई गई दुकानों की भी बोली हो गई है। मगर सिर्फ इसे सुचारु बनाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी नहीं हो रही है।
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विधायक ने दो अन्य सवाल भी विधानसभा में पूछे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बंद हुई कठुआ और पठानकोट के अलावा पठानकोट से बाम्याल बाया कठुआ के बीच चलने वाली राज्य सड़क परिवहन निगम (एसआरटीसी) को बहाल क्यों नहीं किया जा रहा है। सवाल के जवाब देने उतरे संबंधित मंत्री ने जिले में अलग रूटों पर चलने वाली बसों का जिक्र तो किया लेकिन उन्होंने विधायक के सवालों का जवाब नहीं दिया।
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डॉ. भूषण ने कहा कि कोरोना काल से पहले इन रूटों पर नियमित रूप से सरकारी बस चलती थी, जिन्हें अब तक बहाल नहीं किया है। इससे यात्रियों को पेरशानी का सामना करना पड़ता है। पठानकोट से बाम्याल जाने के लिए सीधी बस सेवा न होने के चलते पहले यात्रियों को पठानकोट से लखनपुर आना पड़ता है। फिर लखनपुर से कठुआ और उसके बाद बाया नगरी होते हुए बाम्याल पहुंचते हैं। इससे न केवल लोगों का समय बर्बाद होता है, बल्कि उनको वित्त नुकसान भी उठाना पड़ता है।