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भाजपा को गढ़ में रोकने में नेकां-कांग्रेस गठबंधन रहा नाकाम: मीर
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बोले, भाजपा को रोकने के लिए ही गठबंधन में शामिल हुए, लेकिन न नेकां और न कांग्रेस कुछ कर सकी
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने स्वीकार किया कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) दोनों एक साथ हैं। जम्मू में प्रभाव बनाने और भाजपा के प्रभाव को रोकने के लिए संघर्ष किया। लेकिन भाजपा को गढ़ में रोकने में नाकाम रहे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एनसी के साथ गठबंधन करने का मुख्य कारण भाजपा को उसके प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में चुनौती देना था। कड़ा मुकाबला जम्मू में था, जहां नेशनल कॉन्फ्रेंस केवल दो से तीन सीटें जीत सकी और सफल नहीं हो पाई। हम भाजपा को उसके गढ़ में रोकने के लिए गठबंधन में शामिल हुए, लेकिन हम भी असफल रहे। न तो नेशनल कॉन्फ्रेंस और न ही कांग्रेस वहां कुछ कर सकी। कहा कि जो सरकार बनेगी, उसकी प्राथमिकता राज्य का दर्जा बहाल करने की होगी। अगर प्रधानमंत्री बिना किसी मांग के राज्य का दर्जा बहाल करते हैं, तो उनकी सद्भावना बनेगी, क्योंकि वह प्रतिबद्धता वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया, जिसका मतलब है कि कांग्रेस नेता कश्मीर को प्रभावित करते हैं। यह अलग बात है कि नेकां अधिक सीटों पर चुनाव लड़ रही थी। इसलिए उसे अधिक जनादेश मिला। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार उनके साथ उचित व्यवहार करेगी और राज्य का दर्जा बहाल करने पर चर्चा जल्द ही शुरू हो सकती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने स्वीकार किया कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) दोनों एक साथ हैं। जम्मू में प्रभाव बनाने और भाजपा के प्रभाव को रोकने के लिए संघर्ष किया। लेकिन भाजपा को गढ़ में रोकने में नाकाम रहे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एनसी के साथ गठबंधन करने का मुख्य कारण भाजपा को उसके प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में चुनौती देना था। कड़ा मुकाबला जम्मू में था, जहां नेशनल कॉन्फ्रेंस केवल दो से तीन सीटें जीत सकी और सफल नहीं हो पाई। हम भाजपा को उसके गढ़ में रोकने के लिए गठबंधन में शामिल हुए, लेकिन हम भी असफल रहे। न तो नेशनल कॉन्फ्रेंस और न ही कांग्रेस वहां कुछ कर सकी। कहा कि जो सरकार बनेगी, उसकी प्राथमिकता राज्य का दर्जा बहाल करने की होगी। अगर प्रधानमंत्री बिना किसी मांग के राज्य का दर्जा बहाल करते हैं, तो उनकी सद्भावना बनेगी, क्योंकि वह प्रतिबद्धता वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया, जिसका मतलब है कि कांग्रेस नेता कश्मीर को प्रभावित करते हैं। यह अलग बात है कि नेकां अधिक सीटों पर चुनाव लड़ रही थी। इसलिए उसे अधिक जनादेश मिला। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार उनके साथ उचित व्यवहार करेगी और राज्य का दर्जा बहाल करने पर चर्चा जल्द ही शुरू हो सकती है।
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