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पीडीपी को कोसने वाले 2014 में मुफ्ती के दरवाजे पर खड़े रहते थे : महबूबा
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विस चुनाव में पहली बार पीडीपी प्रमुख जम्मू पहुंचीं, नानक नगर में की जनसभा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। विधानसभा चुनाव में पहली बार महबूबा मुफ्ती जम्मू पहुंचीं। मंगलवार को उन्होंने बाहु सीट से पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में शहर के नानक नगर में जनसभा की। इस दौरान वह नेशनल कॉन्फ्रेंस और भाजपा पर हमलावर रहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बात-बात पर पीडीपी को कोसते हैं, लेकिन 2014 में भाजपा पीडीपी के साथ सरकार बनने के लिए मुफ्ती साहब के दरवाजे पर खड़ी रहती थी। भाजपा नेता राम माधव ने दो माह तक पीडीपी के साथ बिना शर्त सरकार बनाने की वकालत की थी।
पीडीपी प्रमुख ने कहा कि भाजपा को अगर जम्मू से इतना ही प्यार था, तो जम्मू का राज्यपाल या उप राज्यपाल या कोई सलाहकार जम्मू से क्यों नहीं बनाया। मेरे मुख्यमंत्री के कार्यकाल में डीजीपी से लेकर मुख्य सचिव जम्मू-कश्मीर से होता था। उन्होंने आरोप लगाया की 1987 में नेकां ने विधानसभा के चुनाव में धांधली की, जिससे प्रदेश के हालात खराब हुए। भाजपा के बड़े-बड़े नेता आते हैं, लेकिन लोगों को सुविधाएं देने के बजाय सिर्फ पीडीपी का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा, मुफ्ती मोहम्मद सईद ने 1960 में कश्मीर में उस समय भारत का झंडा संभाला था, जब नेकां ने आजादी के लिए पाकिस्तान की विचारधारा का साथ दे रही थी। 2018 से जम्मू-कश्मीर में हिंदू राज्यपाल व उप राज्यपाल है। इन लोगों ने क्या किया, बेरोजगारी में आज केंद्र शासित प्रदेश नंबर वन पर है। नशा बढ़ रहा है। स्मार्ट मीटर ने बिजली बिल बढ़ाए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। विधानसभा चुनाव में पहली बार महबूबा मुफ्ती जम्मू पहुंचीं। मंगलवार को उन्होंने बाहु सीट से पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में शहर के नानक नगर में जनसभा की। इस दौरान वह नेशनल कॉन्फ्रेंस और भाजपा पर हमलावर रहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बात-बात पर पीडीपी को कोसते हैं, लेकिन 2014 में भाजपा पीडीपी के साथ सरकार बनने के लिए मुफ्ती साहब के दरवाजे पर खड़ी रहती थी। भाजपा नेता राम माधव ने दो माह तक पीडीपी के साथ बिना शर्त सरकार बनाने की वकालत की थी।
पीडीपी प्रमुख ने कहा कि भाजपा को अगर जम्मू से इतना ही प्यार था, तो जम्मू का राज्यपाल या उप राज्यपाल या कोई सलाहकार जम्मू से क्यों नहीं बनाया। मेरे मुख्यमंत्री के कार्यकाल में डीजीपी से लेकर मुख्य सचिव जम्मू-कश्मीर से होता था। उन्होंने आरोप लगाया की 1987 में नेकां ने विधानसभा के चुनाव में धांधली की, जिससे प्रदेश के हालात खराब हुए। भाजपा के बड़े-बड़े नेता आते हैं, लेकिन लोगों को सुविधाएं देने के बजाय सिर्फ पीडीपी का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा, मुफ्ती मोहम्मद सईद ने 1960 में कश्मीर में उस समय भारत का झंडा संभाला था, जब नेकां ने आजादी के लिए पाकिस्तान की विचारधारा का साथ दे रही थी। 2018 से जम्मू-कश्मीर में हिंदू राज्यपाल व उप राज्यपाल है। इन लोगों ने क्या किया, बेरोजगारी में आज केंद्र शासित प्रदेश नंबर वन पर है। नशा बढ़ रहा है। स्मार्ट मीटर ने बिजली बिल बढ़ाए हैं।
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