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Jammu News: नेकां के सीट गठबंधन के इंकार से कांग्रेस पसोपेश में
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-लोकसभा चुनाव में उमर के प्रचार से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में पार्टी को मिला था लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नेकां अध्यक्ष डाॅ. फारूक अब्दुल्ला के आगामी विधानसभा चुनाव में किसी के साथ तालमेल या गठजोड़ से इंकार करने से कांग्रेस पसोपेश में है। अगर नेकां के साथ सीट गठबंधन पर बात नहीं बनती है तो चुनाव में कांग्रेस को जम्मू संभाग के कई मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में नुकसान हो सकता है। हाल ही के लोकसभा चुनाव में नेकां के शीर्ष नेतृत्व के समर्थन से कांग्रेस को उक्त क्षेत्रों में बढ़त मिली थी।
डाॅ. फारूक ने चुनाव में किसी के साथ गठबंधन न करने की बात कहकर सहयोगी दलों को नई रणनीति पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दबे स्वर में नेकां से सीट गठबंधन पर बात करते रहे हैं। चूंकि दोनों दल इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं, जिससे भाजपा को चुनौती देने के लिए सीट गठबंधन बेहतर विकल्प माना गया है। लोकसभा चुनाव में भी इस पर काम किया गया है। जम्मू संभाग की बात करें तो लोकसभा चुनाव में नेकां ने उधमपुर और जम्मू सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी थी। दोनों ही सीटों पर नेकां अध्यक्ष डाॅ. फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस के समर्थन में चुनाव प्रचार किया था। इसका काफी हद तक कांग्रेस को लाभ भी मिला। उधमपुर लोकसभा सीट पर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में उमर के प्रचार के बाद कांग्रेस डोडा, बनिहाल, भद्रवाह, इंद्रबल विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाने में कामयाब रही। कई अन्य विस क्षेत्रों में कांग्रेस ने भाजपा को टक्कर दी। इसी तरह जम्मू सीट पर नेकां का कोई उम्मीदवार खड़ा न होने के कारण कांग्रेस आरएसपुरा-जम्मू दक्षिण, सुचेतगढ़ (एससी), गुलाब गढ़ विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त पाने में सफल रही। कई अन्य विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने भाजपा को कांटे की टक्कर दी। पिछले विधानसभा चुनावों की बात करें तो नेकां की जम्मू संभाग के कई विधानसभा क्षेत्रों में पकड़ रही है। राजोरी, पुंछ, रामबन, बनिहाल, डोडा, जम्मू में नेकां कई विस क्षेत्रों पर जीत चुकी है।
वहीं, डाॅ. फारूक का कहना था कि कांग्रेस जम्मू संभाग की 43 सीटों में से लगभग 30 सीटों पर नेकां से समर्थन की उम्मीद कर रही थी। बदले में कश्मीर संभाग की 47 सीटों में से 30 सीटों पर नेकां के समर्थन में अपना कोई उम्मीदवार न उतारने के मूड में थी। चुनाव में किसी के साथ तालमेल या गठजोड़ का हमारा फिलहाल कोई इरादा नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नेकां अध्यक्ष डाॅ. फारूक अब्दुल्ला के आगामी विधानसभा चुनाव में किसी के साथ तालमेल या गठजोड़ से इंकार करने से कांग्रेस पसोपेश में है। अगर नेकां के साथ सीट गठबंधन पर बात नहीं बनती है तो चुनाव में कांग्रेस को जम्मू संभाग के कई मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में नुकसान हो सकता है। हाल ही के लोकसभा चुनाव में नेकां के शीर्ष नेतृत्व के समर्थन से कांग्रेस को उक्त क्षेत्रों में बढ़त मिली थी।
डाॅ. फारूक ने चुनाव में किसी के साथ गठबंधन न करने की बात कहकर सहयोगी दलों को नई रणनीति पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दबे स्वर में नेकां से सीट गठबंधन पर बात करते रहे हैं। चूंकि दोनों दल इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं, जिससे भाजपा को चुनौती देने के लिए सीट गठबंधन बेहतर विकल्प माना गया है। लोकसभा चुनाव में भी इस पर काम किया गया है। जम्मू संभाग की बात करें तो लोकसभा चुनाव में नेकां ने उधमपुर और जम्मू सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी थी। दोनों ही सीटों पर नेकां अध्यक्ष डाॅ. फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस के समर्थन में चुनाव प्रचार किया था। इसका काफी हद तक कांग्रेस को लाभ भी मिला। उधमपुर लोकसभा सीट पर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में उमर के प्रचार के बाद कांग्रेस डोडा, बनिहाल, भद्रवाह, इंद्रबल विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाने में कामयाब रही। कई अन्य विस क्षेत्रों में कांग्रेस ने भाजपा को टक्कर दी। इसी तरह जम्मू सीट पर नेकां का कोई उम्मीदवार खड़ा न होने के कारण कांग्रेस आरएसपुरा-जम्मू दक्षिण, सुचेतगढ़ (एससी), गुलाब गढ़ विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त पाने में सफल रही। कई अन्य विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने भाजपा को कांटे की टक्कर दी। पिछले विधानसभा चुनावों की बात करें तो नेकां की जम्मू संभाग के कई विधानसभा क्षेत्रों में पकड़ रही है। राजोरी, पुंछ, रामबन, बनिहाल, डोडा, जम्मू में नेकां कई विस क्षेत्रों पर जीत चुकी है।
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वहीं, डाॅ. फारूक का कहना था कि कांग्रेस जम्मू संभाग की 43 सीटों में से लगभग 30 सीटों पर नेकां से समर्थन की उम्मीद कर रही थी। बदले में कश्मीर संभाग की 47 सीटों में से 30 सीटों पर नेकां के समर्थन में अपना कोई उम्मीदवार न उतारने के मूड में थी। चुनाव में किसी के साथ तालमेल या गठजोड़ का हमारा फिलहाल कोई इरादा नहीं है।
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