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बारिश में सर्वाधिक नुकसान उधमपुर जिले में, गृहमंत्री को देंगे रिपोर्ट : सीएम
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फोटो सहित...
-उमर ने रामबन और उधमपुर में आपदा प्रभावित इलाकों का किया मुआयना
कहा, आपदा प्रभावित इलाकों में बहाली पर लगेंगे 20 से 25 दिन
-प्रभावित इलाकों में पहुंच रहीं टीमें, रेडक्राॅस से मिली मदद
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि गृहमंत्री अमित शाह को प्रदेश के हालात से अवगत करवाया जाएगा। गृहमंत्री आपदा के नुकसान का जायजा लेने आ रहे हैं। उनसे राजभवन में मुलाकात के दौरान सैलाब से हुई तबाही के बारे में सभी बातें साझा की जाएंगी।
मुख्यमंत्री उमर ने यह बात रविवार को रामबन में बादल फटने की घटना का जायजा लेने के बाद कही। उन्होंने इस मौके पर नेशनल हाईवे की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा, बारिश में सबसे ज्यादा नुकसान उधमपुर जिले में हुआ है। नेशनल हाईवे को जगह-जगह क्षति पहुंची है। उन्होंने आपदा प्रभावित नेशनल हाईवे और अन्य की बहाली में 20 से 25 दिन लगने की बात कही है। उन्होंने कहा, एनएचएआई और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नेशनल हाईवे को जल्द से जल्द दोबारा बहाल करें। इस समय वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं लेकिन नेशनल हाईवे के लिए स्थायी व्यवस्था की आवश्यकता है ताकि घाटी की सप्लाई चेन को पूरी तरह से बहाल किया जा सके।
उन्होंने कहा, रियासी और रामबन की घटना के बाद स्थानीय विधायक और प्रशासन ने लोगों से मुलाकात की है। राहत और बचाव कार्य शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों और मकान गंवाने वालों के लिए राहत पैकेज तय कर दिया गया है। एसडीआरएफ के तहत तय मानकों के आधार पर राहत दी जाएगी। प्रभावित इलाकों में रेडक्राॅस की तरफ से इंतजाम किए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि जिन लोगों को अपना मकान और जमीन गंवानी पड़ी है, प्रदेश सरकार भविष्य में उन्हें दूसरी जगह बसाने पर भी विचार कर रही है। इसके लिए उचित जगह तलाशी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, अंदरूनी इलाकों में जो सड़कें प्रभावित हुई हैं, उन्हें दोबारा बहाल कर लिया गया है। जिन जगहों पर अभी भी भूस्खलन के बाद मलबा पड़ा है, उसे जल्द ही हटाने के प्रयास किए जाएंगे।
बकरवाल समुदाय को देंगे राहत पैकेज
मुख्यमंत्री ने किश्तवाड़ के मार्गी गांव में बीते बुधवार को बादल फटने की घटना से प्रभावित बकरवाल समुदाय के लिए राहत पैकेज की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार 14 से 15 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें रहने वाले लोगों के लिए सामुदायिक रसोई का प्रबंध किया गया है। प्रभावित परिवारों को जल्द ही मदद दी जाएगी।
सीएम ने कहा, रामबन में बीते अप्रैल माह में हुए हादसे के प्रभावितों को राहत के लिए सरकार केंद्र से बात करेगी। उस समय एसडीआरएफ के तहत जो प्रावधान किए गए थे, उनके अनुसार मदद कर दी गई है। अन्य मदद केंद्र सरकार से बातचीत के बाद मुहैया करवाई जाएगी। तेज बारिश का खामियाजा रामबन जिला को उठाना पड़ा है। कई मकान अब रहने लायक नहीं बचे हैं। प्रभावित परिवारों को कहां बसाया जाएगा, इस पर जांच के बाद फैसला होगा।
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-उमर ने रामबन और उधमपुर में आपदा प्रभावित इलाकों का किया मुआयना
कहा, आपदा प्रभावित इलाकों में बहाली पर लगेंगे 20 से 25 दिन
-प्रभावित इलाकों में पहुंच रहीं टीमें, रेडक्राॅस से मिली मदद
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि गृहमंत्री अमित शाह को प्रदेश के हालात से अवगत करवाया जाएगा। गृहमंत्री आपदा के नुकसान का जायजा लेने आ रहे हैं। उनसे राजभवन में मुलाकात के दौरान सैलाब से हुई तबाही के बारे में सभी बातें साझा की जाएंगी।
मुख्यमंत्री उमर ने यह बात रविवार को रामबन में बादल फटने की घटना का जायजा लेने के बाद कही। उन्होंने इस मौके पर नेशनल हाईवे की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा, बारिश में सबसे ज्यादा नुकसान उधमपुर जिले में हुआ है। नेशनल हाईवे को जगह-जगह क्षति पहुंची है। उन्होंने आपदा प्रभावित नेशनल हाईवे और अन्य की बहाली में 20 से 25 दिन लगने की बात कही है। उन्होंने कहा, एनएचएआई और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नेशनल हाईवे को जल्द से जल्द दोबारा बहाल करें। इस समय वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं लेकिन नेशनल हाईवे के लिए स्थायी व्यवस्था की आवश्यकता है ताकि घाटी की सप्लाई चेन को पूरी तरह से बहाल किया जा सके।
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उन्होंने कहा, रियासी और रामबन की घटना के बाद स्थानीय विधायक और प्रशासन ने लोगों से मुलाकात की है। राहत और बचाव कार्य शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों और मकान गंवाने वालों के लिए राहत पैकेज तय कर दिया गया है। एसडीआरएफ के तहत तय मानकों के आधार पर राहत दी जाएगी। प्रभावित इलाकों में रेडक्राॅस की तरफ से इंतजाम किए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि जिन लोगों को अपना मकान और जमीन गंवानी पड़ी है, प्रदेश सरकार भविष्य में उन्हें दूसरी जगह बसाने पर भी विचार कर रही है। इसके लिए उचित जगह तलाशी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, अंदरूनी इलाकों में जो सड़कें प्रभावित हुई हैं, उन्हें दोबारा बहाल कर लिया गया है। जिन जगहों पर अभी भी भूस्खलन के बाद मलबा पड़ा है, उसे जल्द ही हटाने के प्रयास किए जाएंगे।
बकरवाल समुदाय को देंगे राहत पैकेज
मुख्यमंत्री ने किश्तवाड़ के मार्गी गांव में बीते बुधवार को बादल फटने की घटना से प्रभावित बकरवाल समुदाय के लिए राहत पैकेज की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार 14 से 15 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें रहने वाले लोगों के लिए सामुदायिक रसोई का प्रबंध किया गया है। प्रभावित परिवारों को जल्द ही मदद दी जाएगी।
सीएम ने कहा, रामबन में बीते अप्रैल माह में हुए हादसे के प्रभावितों को राहत के लिए सरकार केंद्र से बात करेगी। उस समय एसडीआरएफ के तहत जो प्रावधान किए गए थे, उनके अनुसार मदद कर दी गई है। अन्य मदद केंद्र सरकार से बातचीत के बाद मुहैया करवाई जाएगी। तेज बारिश का खामियाजा रामबन जिला को उठाना पड़ा है। कई मकान अब रहने लायक नहीं बचे हैं। प्रभावित परिवारों को कहां बसाया जाएगा, इस पर जांच के बाद फैसला होगा।