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जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र को दो विस क्षेत्रों में बांटा जाए
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जम्मू। परिसीमन आयोग के छह से नौ जुलाई तक के दौरे को देखते हुए जम्मू संभाग के कई क्षेत्रों में नए विधानसभा क्षेत्र बनाने की मांग उठ खड़ी हुई है। जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट ने जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र को दो विस क्षेत्रों में बांटने की मांग की है। कई दल परिसीमन आयोग की टीम से मिलकर मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपेंगे।
जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट के अध्यक्ष सुनील डिंपल का कहना है कि जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र संभाग का सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र है। यहां पर करीब ढाई लाख मतदाता हैं। ऐसे में वह लंबे समय से मूवमेंट के झंडे तले संघर्ष करते आ रहे हैं कि जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र को दो विस क्षेत्रों में बांटा जाए। इसके अलावा उनका संगठन परिसीमन आयोग से नौशेरा और सुंदरबनी क्षेत्र को जिले का दर्जा देने की मांग भी करेगा। जम्मू जिले को अलग संसदीय क्षेत्र बनाने की मांग भी उठाई जाएगी।
वहीं भाजपा के नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जम्मू, पुंछ जिलों में चार विधानसभा क्षेत्र हैं। यहां पर एक ओर विधानसभा क्षेत्र बनना चाहिए ताकि राजोरी व पुंछ जिलों के लोगों का बेहतर विकास व उनकी जन आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके ।
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इसके अलावा किश्तवाड़, डोडा जिलों में भी अलग हल्कों की मांग समय-समय पर उठती रही है। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत प्रदेश के विधानसभा क्षेत्र के परिसीमन के बाद प्रदेश में विस क्षेत्रों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो जाएगी।
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जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट के अध्यक्ष सुनील डिंपल का कहना है कि जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र संभाग का सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र है। यहां पर करीब ढाई लाख मतदाता हैं। ऐसे में वह लंबे समय से मूवमेंट के झंडे तले संघर्ष करते आ रहे हैं कि जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र को दो विस क्षेत्रों में बांटा जाए। इसके अलावा उनका संगठन परिसीमन आयोग से नौशेरा और सुंदरबनी क्षेत्र को जिले का दर्जा देने की मांग भी करेगा। जम्मू जिले को अलग संसदीय क्षेत्र बनाने की मांग भी उठाई जाएगी।
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वहीं भाजपा के नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जम्मू, पुंछ जिलों में चार विधानसभा क्षेत्र हैं। यहां पर एक ओर विधानसभा क्षेत्र बनना चाहिए ताकि राजोरी व पुंछ जिलों के लोगों का बेहतर विकास व उनकी जन आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके ।
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इसके अलावा किश्तवाड़, डोडा जिलों में भी अलग हल्कों की मांग समय-समय पर उठती रही है। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत प्रदेश के विधानसभा क्षेत्र के परिसीमन के बाद प्रदेश में विस क्षेत्रों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो जाएगी।