{"_id":"604e78498ebc3e8c965c0b2b","slug":"political-jammu-news-jammu-city-news-jmu2313141194","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू घोषणा डोगरों की आवाज : राणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू घोषणा डोगरों की आवाज : राणा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। नेकां के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि जम्मू घोषणा डोगरों की आवाज है। यह डोगरों की ओर से की गई गौरवपूर्ण पहल है, जो उनके साथ-साथ जम्मू-कश्मीर की प्रगति, शांति और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए जरूरी है।
नगरोटा क्षेत्र में जनसभा के दौरान राणा ने कहा कि डुग्गर लैंड की समृद्ध संस्कृति ने क्षेत्रीयता को ध्यान रखे बगैर समाज के सभी वर्गों, धर्म, जाति को सुरक्षा की छतरी प्रदान की है। क्षेत्र तथा लोगों के बीच की खाई को पाटने, शांति व अखंडता के लिए सभी हित धारकों से बातचीत की प्रक्रिया शुरू करने की वकालत करते हुए राणा ने कहा कि कुछ निहित स्वार्थी तत्वों की ओर से अविश्वास का वातावरण बनाया गया है। इसे दूर कर विश्वास का माहौल बनाने की जरूरत है। उन्होंने बेरोजगारी दूर करने के लिए रोडमैप तैयार करने की प्रशासन से मांग की। नेकां के संभागीय अध्यक्ष ने जगती में मजदूर सम्मेलन को भी संबोधित किया।
जम्मू घोषणा के पक्ष में खड़े हुए एक और पूर्व मंत्री
जम्मू। नेकां के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया जम्मू घोषणा के पक्ष में खड़े हुए। उन्होंने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर में क्षेत्रीय व धार्मिक जुड़ाव को मजबूत करने का रास्ता है। बाड़ी ब्राह्मणा के बरजानी गांव में आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि विविधता में एकता जम्मू-कश्मीर की मजबूत कड़ी रही है। जरूरत है इसके रास्ते में आने वाली खाई को पाटना। कहा कि जम्मू घोषणा लोगों तथा क्षेत्र के बीच संवाद को आगे बढ़ाने का माध्यम है। यह भरोसा तथा विश्वास कायम करने में भी सहायक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगरोटा क्षेत्र में जनसभा के दौरान राणा ने कहा कि डुग्गर लैंड की समृद्ध संस्कृति ने क्षेत्रीयता को ध्यान रखे बगैर समाज के सभी वर्गों, धर्म, जाति को सुरक्षा की छतरी प्रदान की है। क्षेत्र तथा लोगों के बीच की खाई को पाटने, शांति व अखंडता के लिए सभी हित धारकों से बातचीत की प्रक्रिया शुरू करने की वकालत करते हुए राणा ने कहा कि कुछ निहित स्वार्थी तत्वों की ओर से अविश्वास का वातावरण बनाया गया है। इसे दूर कर विश्वास का माहौल बनाने की जरूरत है। उन्होंने बेरोजगारी दूर करने के लिए रोडमैप तैयार करने की प्रशासन से मांग की। नेकां के संभागीय अध्यक्ष ने जगती में मजदूर सम्मेलन को भी संबोधित किया।
विज्ञापन
जम्मू घोषणा के पक्ष में खड़े हुए एक और पूर्व मंत्री
जम्मू। नेकां के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह सलाथिया जम्मू घोषणा के पक्ष में खड़े हुए। उन्होंने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर में क्षेत्रीय व धार्मिक जुड़ाव को मजबूत करने का रास्ता है। बाड़ी ब्राह्मणा के बरजानी गांव में आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि विविधता में एकता जम्मू-कश्मीर की मजबूत कड़ी रही है। जरूरत है इसके रास्ते में आने वाली खाई को पाटना। कहा कि जम्मू घोषणा लोगों तथा क्षेत्र के बीच संवाद को आगे बढ़ाने का माध्यम है। यह भरोसा तथा विश्वास कायम करने में भी सहायक है।
विज्ञापन