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कश्मीर में मंत्री, विधायकों पर आतंकी हमले की आशंका, भाजपा के 25 नेताओं और कार्यकर्ताओं ने छोड़ा घर

Wed, 09 May 2018 12:02 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला, जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला, जम्मू Updated Wed, 09 May 2018 12:02 AM IST
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Police alert after input of security agencies in the valley of Jammu

कश्मीर में दरबार खुलने के बाद मंत्रियों और विधायकों पर आतंकी हमले की आशंका बढ़ गई है। सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के बाद पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। दक्षिण और उत्तरी कश्मीर में अब तक 60 से अधिक भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को आतंकियों की धमकियां मिल चुकीं हैं। बटमालू के भाजपा नेता जुबैर आतंकी हमले के बाद अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। भाजपा के 25 नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हमले की आशंका के बाद दक्षिणी कश्मीर में अपना पैतृक निवास छोड़कर श्रीनगर में शरण ली है। 

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पीडीपी के मंत्री और विधायक भी पैतृक निवास में नहीं रह रहे

इनमें से कुछ को सरकारी संरक्षण में ठहराया गया है जबकि कुछ निजी व्यवस्था के तहत किराए के मकान में रह रहे हैं। हमले की आशंका के बाद पुलिस ने दक्षिणी कश्मीर में भाजपा समेत अन्य सभी दलों के कार्यकर्ताओं को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सूत्रों के मुताबिक सेना और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में लगातार आतंकियों के मारे जाने के बाद आतंकी संगठन अब साफ्ट टारगेट को निशाना बनाने की रणनीति अपना चुके हैं। सबसे अधिक खतरा भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं पर मंडरा रहा है। 
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पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने कश्मीर के नेताओं को आतंकियों द्वारा कार्यकर्ताओं को सताए जाने और धमकियां मिलने की घटनाओं को ज्यादा प्रचारित नहीं करने के निर्देश दिए हैं। भाजपा नेतृत्व का मानना है ऐसी घटनाओं के प्रचारित होने से कार्यकर्ताओं में दहशत बढ़ेगी और उनमें से कई पार्टी छोड़ सकते हैं।
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उधर, पीडीपी के भी अधिकांश विधायक और मंत्रियों ने अब गांवों में स्थित पैतृक आवासों में रहना छोड़ दिया है। सरकारी कार्यक्रमों में जब भी गांवों में जाना होता है तो भारी सुरक्षा कवर में ही दौरे हो पा रहे हैं। एक साल में पीडीपी के भी छह विधायकों पर हमले हो चुके हैं। नए मंत्री और पुलवामा के विधायक मोहम्मद खलील बंड भी हमला झेल चुके हैं जिसमें उनके दो सुरक्षा कर्मी घायल हो गए थे। 

भाजपा के एमएलसी सोफी मोहम्मद युसुफ ने अमर उजाला से कहा कि दक्षिण कश्मीर के दो दर्जन से अधिक भाजपा नेता श्रीनगर में शरण लेने को मजबूर हुए हैं। कुछ ने रिश्तेदारों और किराए के मकान में शरण ली है।
 

पीडीपी के ठाट और भाजपाई पैदल

Police alert after input of security agencies in the valley of Jammu

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मुलाकात के दौरान कार्यकर्ताओं को सुरक्षा देने का मुद्दा उठाया था। एडीजी सुरक्षा को 30 नेताओं को सुरक्षा कवर देने के लिए सूची सौंपी गई लेकिन अब तक सिर्फ तीन को सुरक्षा मिल पाई है। उन्हें भी सिर्फ एक-एक पीएसओ दिए गए हैं। पीडीपी के लगभग 300 कार्यकर्ताओं को सुरक्षा दी गई है जबकि भाजपा में सिर्फ 20 कश्मीरी कार्यकर्ताओं को यह सुविधा दी गई है। 

भाजपा नेता सोफी ने कहा कि पार्टी के 10 जिला अध्यक्ष, 10 जिला महासचिव और 92 मंडल अध्यक्षों और महासचिवों को भी यह सुविधा नहीं दी गई है जबकि इसकी मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि पीडीपी के एमएलए और एमएलसी को जो सुरक्षा मिलती है वह भाजपा के एमएलसी को नहीं मिलती। दौरों में अतिरिक्त सुरक्षा सिर्फ पीडीपी के विधायकों को ही दी जाती है।

सुरक्षा की लगातार हो रही समीक्षा : डीजीपी

डीजीपी एस पी वैद ने कहा है कि वीआईपी या सियासी लोगों के सुरक्षा की लगातार समीक्षा हो रही है। इसके लिए कमेटी बनी है। खतरे की समीक्षा होती है और जरूरत के हिसाब से सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। इसमें पार्टी के आधार पर चयन नहीं होता है।

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