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परिसीमन आयोग ने क्षेत्र के लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया

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सांबा परीसिमन रिपोर्ट को लेकर बैनगलाड के लोग प्रदशर्न करते हुए - फोटो : SAMBA
मीरां साहिब। विधानसभा सीटों के पुनर्गठन के लिए परिसीमन आयोग की रिपोर्ट का विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ-साथ भाजपा में भी विरोध किया जा रहा है। सुचेतगढ़ विधानसभा सीट खत्म करने से नाराज भाजपा की सुचेतगढ़ तथा चकरोई मंडल के कार्यकर्ताओं के त्यागपत्र देने के बाद मीरां साहिब मंडल की इकाई ने भी रिपोर्ट पर नाराजगी जताई है। कहा कि आयोग ने लंबे समय से आरक्षित सीट आरएस पुरा को सुचेतगढ़ से जोड़कर एक बार फिर से आरक्षित कर दिया है। जो क्षेत्र के लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा है।
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भाजपा मीरां साहिब मंडल प्रधान कुलदीप राज शर्मा ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में कहा कि परिसीमन आयोग द्वारा जो रिपोर्ट जारी की गई है क्षेत्र के लोगों के हित में नहीं है। ब्लॉक मीरां साहिब की कई पंचायतों को जम्मू साउथ तथा बिश्नाह क्षेत्र में डाल दिया गया है। इस कारण लोगों में काफी रोष है। आयोग क ी इस रिपोर्ट से लोगों की समस्याओं में भी इजाफा होगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि पहले की तरह ही सीटों को रखा जाना चाहिए। ताकि लोगों का सरकार के प्रति विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि ब्लॉक मीरां साहिब को अलग विधानसभा सीट मिलेगी, लेकिन परिसीमन आयोग द्वारा उल्टा ब्लॉक की पंचायतों को अन्य सीटों में डाल दिया गया है। जो किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर जल्द से जल्द परिसीमन आयोग द्वारा लोगों की मांगों को पूरा करते हुए हदबंदी को ठीक नहीं किया गया तो इसके परिणाम सरकार के खिलाफ ही जाएंगे।
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प्रेसवार्ता के दौरान मंडल के महासचिव ज्योति शर्मा, ममता शर्मा, दारा सिंह, रविंद्र शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
परिसीमन की रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने पर लोग उतरे सड़क पर
सांबा। प्रदेश में चुनाव से पहले परिसीमन आयोग की तरफ से विधानसभा सीटों के लिए अपनी रिपोर्ट कमेटी के सदस्यों को सौंपे जाने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल होने से लोग परिसीमन आयोग के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं। जिले के सीमावर्ती गांव बैनगलाड के लोगों ने आयोग के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया।
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स्थानीय लोगों के अनुसार उनका गांव भारत-पाक सीमा की जीरो लाइन के निकट है। ऐसे में उन्हें बॉर्डर विधानसभा सीट के साथ ही रखा जाए। उन्होंने भाजपा नेताओं पर भी आरोप लगाया कि उनकी दोहरी नीति के कारण ही विधानसभा सीटों का चयन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी कि यदि आयोग ने अपना निर्णय नहीं बदला तो लोग जन आंदोलन शुरू कर देंगे। यही नहीं वह लोग चुनाव में मतदान का बहिष्कार कर देंगे।
प्रदर्शन में सरपंच रवींद्र सिंह, सरंपच सोमनाथ, सामाजिक कार्यकर्ता रीना चौधरी, नायब सरपंच शमशेर चौधरी, सोमा देवी, वीना देवी, रेनु देवी, सवर्णो देवी आदि शामिल हुए।
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आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने की चेतावनी
जिले की कटली पंचायत को रामगढु के साथ जोडे़ जाने पर स्थानीय लोगों ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। दियानी पंचायत के सरपंच प्रदीप ललोत्रा ने कहा कि उनकी पंचायत हाईवे के साथ है। ऐसे में बॉडर्र विधानसभा सीट रामगढ़ के साथ जोड़ने का कोई औचित्य नहीं बनता है। उन्होंने भाजपा नेताओं पर भी आरोप लगाए कि वह क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल पैदा कर रहे हैं। उनको परेशान किया जा रहा है। उन्होंने मांग उठाई कि उन्हें सांबा के साथ ही जोड़ा जाए। अन्यथा वह लोग आगामी विधानसभा के चुनाव का बहिष्कार कर दें।
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परिसीमन आयोग लोगों के हितों का ख्याल रखे
सांबा। परिसीमन आयोग के खिलाफ कांग्रेस नेता भी सड़क पर आने की तैयारी में हैं। कांग्रेस नेता विनोद मिश्रा ने मंगलवार को रेस्ट हाउस में स्थानीय लोगों के साथ प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि परिसीमन आयोग लोगों के हितों का ख्याल रखे। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी जमकर कटाक्ष किए। उनका कहना था कि कटली व रामनगर पंचायत को रामगढ़ के साथ जोड़ा जाना बिलकुल ही गलत है। जिसे सहन नहीं किया जाएगा। कटली व रामनगर के लोगों के साथ उन्होंने प्रदर्शन किया व परिसीमन आयोग को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने अपने निर्णय को नहीं बदला, तो लोग सड़क पर आ जाएंगे। संवाद
परगवाल खौड़ विधानसभा क्षेत्र का बना रहे अटूट हिस्सा
परगवाल। परिसीमन आयोग की तरफ से तहसील परगवाल को अखनूर से जोडे़ जाने को लेकर भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष मोहित गुप्ता ने भी एतराज जताया है। उनका कहना था कि क्षेत्र का युवा वर्ग खौड़ विधानसभा क्षेत्र के साथ ही जुड़ा रहना चाहता है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक स्थिति को देखा जाए या लोगों की सहूलियत को परगवाल खौड़ विधानसभा क्षेत्र के साथ ही मेल खाता है। उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि पहले की, यथा स्थिति ही बहाल रहने दी जाए, क्षेत्र के लोग खौड़ विधानसभा से ही जुड़ा रहना चाहते हैं। क्योंकि परगवाल खौड़ का अटूट हिस्सा है। संवाद
डीडीसी सदस्य करेंगे आब्जेक्शन फाइल
अखनूर। डीडीसी सदस्य सुरेश शर्मा ने चौकी चौहरा और मैरा मेंदरिया के सरपंचों के साथ परिसीमन आयोग की रिपोर्ट, जिसमें ब्लॉक मैरा मेंदरिया और चौकी चौहरा को खौड़ के साथ जोड़ा गया है, इस संदर्भ में बैठक कर चर्चा की। सरपंचों ने इस रिपोर्ट को नकारा और विरोध किया। इस पर हम ऑब्जेक्शन फाइल करने वाले हैं। ताकि ब्लॉक मैरा मेंदरिया और चौकी चौहरा को अखनूर विधानसभा के साथ ही रखा जाए।
डीडीसी ने कहा कि हम हमेशा से अखनूर विधानसभा का अभिन्न अंग रहे हैं। सरपंचों ने कहा कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट गलत है। जो हमें मंजूर नहीं है। हम इसका विरोध करते हैं। लगभग 100 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी खौड़ से ब्लॉक मैरा मेंदरिया और चौकी चौरा की है। डीडीसी ने कहा मैं अपनी जनता के साथ खड़ा हूं और उनके हितों के लिए जो भी संभव कदम उठाने पड़ेंगे उस पर मैं हमेशा आगे खड़ा मिलूंगा। मैंने इसको पार्टी हाईकमान के समक्ष भी रखा है। संवाद
हदबंदी को क्षेत्र की जनता के साथ धोखा बताया
अखनूर। अखनूर और छंब विधानसभा के कई शिष्टमंडलों ने पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ताराचंद से मंगलवार को मुलाकात की। इस दौरान परिसीमन आयोग द्वारा की गई हदबंदी को क्षेत्र की जनता के साथ धोखा बताया।
शिष्टमंडल में ब्लाक मैरा मेंदरिया, चौकी चौहरा, परगवाल, खौड, खड़ाहबली के कार्यकर्ताओं ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आयोग द्वारा लोगों की राय को लिए बिना ही रिपोर्ट को तैयार किया गया है। जो किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। तारा चंद ने कहा परिसीमन आयोग ने बिना किसी की राय लेकर विधानसभा सीटों के क्षेत्र का चयन किया जो सही नहीं है। इस पर आयोग को दोबारा क्षेत्र का सही चयन करना चाहिए। संवाद

राजपुरा तहसील के लोगों में गुस्सा
घगवाल। परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बारे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज पर तहसील राजपुरा को रामगढ़ के साथ जोडे़ जाने का विरोध हो रहा है। यही नहीं राजपुरा में विभिन्न राजनीतिक दल के नेताओं ने बैठकें कर आयोग के खिलाफ आंदोलन का निर्णय लिया है। यही नहीं भाजपा के भी कुछ नेता आयोग के निर्णय से काफी खफा हैं। कुछ नेता तो अपने पद से त्यागपत्र देने का मन बना रहे हैं। वहीं विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का भी निर्णय लिया जा रहा है। उधर भाजपा घगवाल मंडल के सदस्य भी बैठक कर अगली रण्नीति पर विचार करने के लिए सोच रहे हैं। संवाद
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