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पीओके रिफ्यूजी पहाड़ी लोगों को पहाड़ी स्पीकिंग का स्टेटस मिले
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युवा नेता अंकुश रैना पीओके रिफ्यूजी बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले लोगो के वारे जानकारी देते हुए
- फोटो : RSPURA
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मीरां साहिब। पीओके रिफ्यूजी समाज के लोगों ने पीओके रिफ्यूजी पहाड़ी लोगों को पहाड़ी भाषा का दर्जा देने की मांग की है। इस संबंध में वीरवार को युवा नेता अंकुश रैना ने कस्बे में प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार ने जम्मू संभाग के पुंछ-राजोरी के पीओके रिफ्यूजी पहाड़ी लोगों को पहाड़ी भाषा का दर्ज दिया है। उसके तहत उन्हें 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सरकार उन्हें एसटी का दर्जा देने में भी लगी हुई है।
उसी तरह जम्मू के मैदानी इलाकों में भी रहने वाले और पीओके से ताल्लुक रखने वाले लोगों को भी पहाड़ी भाषी को एसटी का दर्जा दिया जाए। सबको एक नजर से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों सरकार ने जम्मू के पहाड़ी क्षेत्र राजोरी-पुंछ में रहने वाले लोगों को पहाड़ी स्पीकिंग का दर्जा देने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि पीओके रिफ्यूजी वर्ग से ताल्लुक रखने वाले बिरादरी के लाखों लोग जम्मू के मैदानी इलाकों में भी आकर बसे पहाड़ी क्षेत्रों के लोग बसे हुए हैं। उनको भी उसी दायरे में लाया जाए।
अंकुश ने कहा कि आज लाखों की तादाद में पीओके से आए लोग जम्मू के मैदानी इलाकों में भी जगह-जगह बसे हुए हैं। उनके साथ सरकार को कोई भेदभाव नहीं करना चाहिए। जल्द से जल्द उनके लिए भी एसटी का दर्जा देने के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही ऐसा नहीं किया जाता है, तो पीओके रिफ्यूजी वर्ग के लोग क्षेत्र में बड़ा जन आंदोलन चलाने पर मजबूर होंगे। इस अवसर पर उनके साथ सनी शर्मा आदि सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।
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उसी तरह जम्मू के मैदानी इलाकों में भी रहने वाले और पीओके से ताल्लुक रखने वाले लोगों को भी पहाड़ी भाषी को एसटी का दर्जा दिया जाए। सबको एक नजर से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों सरकार ने जम्मू के पहाड़ी क्षेत्र राजोरी-पुंछ में रहने वाले लोगों को पहाड़ी स्पीकिंग का दर्जा देने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि पीओके रिफ्यूजी वर्ग से ताल्लुक रखने वाले बिरादरी के लाखों लोग जम्मू के मैदानी इलाकों में भी आकर बसे पहाड़ी क्षेत्रों के लोग बसे हुए हैं। उनको भी उसी दायरे में लाया जाए।
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अंकुश ने कहा कि आज लाखों की तादाद में पीओके से आए लोग जम्मू के मैदानी इलाकों में भी जगह-जगह बसे हुए हैं। उनके साथ सरकार को कोई भेदभाव नहीं करना चाहिए। जल्द से जल्द उनके लिए भी एसटी का दर्जा देने के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही ऐसा नहीं किया जाता है, तो पीओके रिफ्यूजी वर्ग के लोग क्षेत्र में बड़ा जन आंदोलन चलाने पर मजबूर होंगे। इस अवसर पर उनके साथ सनी शर्मा आदि सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।
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